वीवाटेक 2026: PM मोदी बोले — भारत-यूरोप टेक इकोसिस्टम को जोड़ने में फ्रांस निभा रहा ब्रिज की भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2026 को पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक सम्मेलन वीवाटेक के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' की शुरुआत के साथ फ्रांस, भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को एक-दूसरे के करीब लाने में सेतु की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को इस आयोजन की सफलता पर बधाई दी और कहा कि वर्ष 2026 भारत और यूरोप दोनों के लिए ऐतिहासिक रहा है।
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: एक मील का पत्थर
मोदी ने रेखांकित किया कि इस वर्ष की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई दी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ टैलेंट, टेक्नोलॉजी और पर्यटन के आदान-प्रदान के लिए नए द्वार खोलेगा। गौरतलब है कि यह FTA भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्षों की वार्ता के बाद संपन्न हुआ है।
इनोवेशन ही समाधान: 2021 से 2026 तक एक ही संदेश
मोदी ने स्मरण कराया कि वे 2021 में भी वीवाटेक में शामिल हुए थे, जब दुनिया कोविड-19 के संकट से उबर रही थी। उन्होंने कहा, 'जहाँ पारंपरिक तरीके काम नहीं आते, वहाँ इनोवेशन मदद कर सकता है' — और यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना तब था। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और तकनीकी उथल-पुथल के एक नए दौर से गुज़र रही है।
भारत का डिजिटल रूपांतरण: आँकड़े बोलते हैं
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल परिवर्तन की विस्तृत तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान प्रणाली और सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म खड़ा किया है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के बारे में उन्होंने कहा कि आज दुनिया के आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांज़ैक्शन भारत में होते हैं। उल्लेखनीय है कि अब एफिल टॉवर और पेरिस एयरपोर्ट जैसे स्थानों पर भी UPI से भुगतान संभव है।
डिजीलॉकर का उदाहरण देते हुए मोदी ने बताया कि यह दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट में से एक है, जिसमें 70 करोड़ उपयोगकर्ता कहीं से भी मूल स्रोत से प्रामाणिक दस्तावेज़ प्राप्त कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर 2,000 से अधिक मानक दस्तावेज़ शामिल किए गए हैं, जिससे ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण प्रमाण-पत्र जैसे भौतिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम: दुनिया को निमंत्रण
मोदी ने बताया कि भारत में आज 2 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं, जो इसे दुनिया के सबसे जीवंत इकोसिस्टम में से एक बनाते हैं। उन्होंने वीवाटेक के प्रतिभागियों को इंडिया पैविलियन में आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि वहाँ दुनिया का पहला सिंगल-पीस 3D प्रिंटेड रॉकेट इंजन, उन्नत जेनेटिक-इंजीनियरिंग थेरेपी, कैंसर-निदान AI समाधान, साइबर सुरक्षा तकनीक, ऑटोनॉमस रोबोट और स्मार्ट सिटी समाधान प्रदर्शित हो रहे हैं।
आगे की राह
भारत-EU FTA और 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' के संयुक्त प्रभाव से दोनों क्षेत्रों के बीच तकनीकी सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI का यूरोप में विस्तार और भारतीय स्टार्टअप्स की वैश्विक उपस्थिति इस साझेदारी को ठोस आधार दे सकती है।