16 जुलाई 2026
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भारत इनोवेट्स समिट नीस: पीयूष गोयल बोले — भारत बनेगा दुनिया का इनोवेशन पार्टनर

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भारत इनोवेट्स समिट नीस: पीयूष गोयल बोले — भारत बनेगा दुनिया का इनोवेशन पार्टनर

सारांश

नीस में भारत इनोवेट्स समिट के मंच से पीयूष गोयल ने भारत को दुनिया का इनोवेशन पार्टनर बनाने का संकल्प दोहराया। PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा संयुक्त रूप से उद्घाटित इस समिट में AI सहयोग और 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' केंद्र में रही।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में भारत इनोवेट्स समिट में भारत को वैश्विक इनोवेशन पार्टनर बनाने का लक्ष्य रेखांकित किया।
समिट का उद्घाटन PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।
2026 को आधिकारिक रूप से भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर घोषित किया गया है।
दोनों देशों ने इस वर्ष संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया।
PM मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की; मैक्रों फरवरी 2026 में भारत के AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए।
गोयल ने फ्रांसीसी निवेशकों को भारत में निवेश, डिज़ाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस में आयोजित भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत उभरती हुई वैश्विक प्रौद्योगिकी में साझेदारी को गहरा करने और स्वयं को दुनिया का भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह समिट ऐसे समय में आयोजित हुई जब 2026 को आधिकारिक रूप से भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर घोषित किया गया है।

समिट का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

गोयल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि 'भारत इनोवेट्स' समिट का मुख्य उद्देश्य भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक वैश्विक त्वरक (Global Accelerator) की भूमिका निभाना है। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी, प्रौद्योगिकी नेता और नीति-निर्माता एक साथ आए ताकि इनोवेशन, निवेश और आपसी सहयोग के नए रास्ते खोजे जा सकें। समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।

भू-राजनीतिक संदर्भ और साझेदारी

गोयल ने कहा, 'हम एक ऐसे अनिश्चित समय में मिल रहे हैं जब भू-राजनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव, नई प्रौद्योगिकी में हो रहे बदलावों से मिल रहे हैं।' उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि दोनों देशों ने इस वर्ष अपने संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया है। गौरतलब है कि यह दर्जा द्विपक्षीय संबंधों में एक नई ऊँचाई को दर्शाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दोनों देशों का सहयोग

मंत्री ने बताया कि इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े वैश्विक विमर्श को आकार देने में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस में आयोजित AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों फरवरी 2026 में भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में भागीदार बने। यह क्रम दोनों देशों के बीच AI कूटनीति की गहराती जड़ों को दर्शाता है।

फ्रांसीसी निवेशकों को आमंत्रण

गोयल ने फ्रांसीसी उद्यमियों और निवेशकों को सीधा निमंत्रण देते हुए कहा, 'मैं अपने फ्रांसीसी दोस्तों को भारत आने, यहाँ निवेश करने, डिज़ाइन करने, इनोवेशन करने और मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए आमंत्रित करता हूँ, ताकि वे भारत के बड़े घरेलू बाज़ार और यहाँ से बाकी दुनिया में निर्यात, दोनों के लिए काम कर सकें।' उन्होंने इस अवसर का उपयोग सार्थक साझेदारी निर्मित करने की अपील भी की।

आगे की राह

भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर की पृष्ठभूमि में आयोजित यह समिट दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और AI के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखने का प्रयास है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी उच्चस्तरीय बैठकों की सफलता अंततः ज़मीनी निवेश प्रवाह और व्यापार समझौतों की प्रगति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये आयोजन ठोस निवेश, संयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में तब्दील होते हैं। भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा उत्साहजनक है, परंतु AI और डीप-टेक में वास्तविक सहयोग के लिए नियामक सामंजस्य और बौद्धिक संपदा ढाँचे पर अभी काम बाकी है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक रैंकिंग में तेज़ी से उभरा है, लेकिन गहरी प्रौद्योगिकी (Deep Tech) में वैश्विक नेतृत्व के लिए केवल समिट नहीं, दीर्घकालिक R&D निवेश की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत इनोवेट्स समिट क्या है और यह कहाँ आयोजित हुई?
भारत इनोवेट्स समिट एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जो भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर जोड़ने के लिए आयोजित किया गया। यह समिट 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में हुई, जिसका उद्घाटन PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।
पीयूष गोयल ने नीस समिट में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत उभरती वैश्विक प्रौद्योगिकी में साझेदारी गहरी करके दुनिया का भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर बनना चाहता है। उन्होंने फ्रांसीसी निवेशकों को भारत में निवेश, डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आमंत्रित भी किया।
भारत-फ्रांस 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का क्या मतलब है?
इस दर्जे का अर्थ है कि दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रक्षा, प्रौद्योगिकी और कूटनीति में उच्चतम स्तर की प्राथमिकता दी है। 2026 में यह दर्जा दिया गया, जो भारत-फ्रांस संबंधों की नई ऊँचाई को दर्शाता है।
AI के क्षेत्र में भारत और फ्रांस ने मिलकर क्या किया है?
PM मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस में आयोजित AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों फरवरी 2026 में भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए, जो दोनों देशों के बीच AI कूटनीति की निरंतरता को दर्शाता है।
भारत इनोवेट्स समिट में किन-किन लोगों ने भाग लिया?
समिट में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप संस्थापक, निवेशक, उद्यमी, प्रौद्योगिकी नेता और नीति-निर्माता शामिल हुए। इसका उद्देश्य इनोवेशन, निवेश और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशना था।
राष्ट्र प्रेस
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