31 जुलाई 2026
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नीस में मोदी-मैक्रों द्विपक्षीय वार्ता, भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा

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नीस में मोदी-मैक्रों द्विपक्षीय वार्ता, भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा

सारांश

नीस में मोदी-मैक्रों की मुलाकात महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की परीक्षा थी। AI, जलवायु और रक्षा पर ठोस सहयोग के साथ, और मैक्रों द्वारा मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री की बधाई के साथ, यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहराते रिश्तों का प्रतीक बनी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 14 जून 2026 को नीस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर , विदेश सचिव विक्रम मिस्री और एनएसए अजीत डोभाल शामिल रहे।
बैठक में भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई, जिसे इस वर्ष की शुरुआत में उन्नत किया गया था।
मैक्रों ने मोदी को स्वतंत्रता के बाद भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर सार्वजनिक रूप से बधाई दी।
मोदी ने भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन किया; भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बताया।
AI और जलवायु परिवर्तन पर भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को दोनों नेताओं ने प्राथमिकता बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 14 जून 2026 को फ्रांस के शहर नीस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शामिल रहे।

बैठक का दायरा और एजेंडा

इस वार्ता में दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों के समग्र दायरे की समीक्षा की, जिसे इस वर्ष की शुरुआत में विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेज़ी से विस्तार पा रहा है।

विला केर्लियोस में अनौपचारिक मुलाकात

औपचारिक वार्ता से पूर्व दोनों राष्ट्र प्रमुख नीस स्थित विला केर्लियोस गए, जहाँ वे हल्के-फुल्के माहौल में बातचीत करते नज़र आए। यह अनौपचारिक मेलजोल दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल को रेखांकित करता है, जो पिछले कुछ वर्षों में और प्रगाढ़ हुआ है।

भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन

द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें राष्ट्रपति मैक्रों भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों और नवप्रवर्तकों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने में भारत के साथ साझेदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत में सुधारों की गति अनवरत जारी रहेगी और देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम और अधिक विस्तार के लिए तैयार है। मोदी ने भारत के विश्व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरने पर विशेष बल दिया।

मैक्रों ने मोदी को दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर मुखातिब होकर कहा, 'मैं आपका यहाँ आने के लिए ही आभार नहीं जताता, बल्कि इस मौके पर मैं आपको एक खास उपलब्धि के लिए बधाई भी देता हूँ। कुछ दिन पहले ही आप स्वतंत्रता के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।' मैक्रों ने आगे कहा कि 'यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो न केवल आपके व्यक्तिगत नेतृत्व और निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थिरता का भी प्रतीक है।' मैक्रों के इन शब्दों पर वहाँ उपस्थित लोगों ने तालियों से समर्थन व्यक्त किया।

भारत-फ्रांस सहयोग: आगे की राह

मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए स्वीकार किया कि भारत नवाचार का देश है। उन्होंने कहा कि फ्रांस रक्षा, तकनीक और अनेक अन्य क्षेत्रों में 'मेक इन इंडिया' का सक्रिय भागीदार रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को दोनों नेताओं ने अपरिहार्य बताया। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे भू-राजनीतिक परिदृश्य में हुई है जब यूरोप और एशिया दोनों में नए गठबंधनों की पुनर्संरचना हो रही है, और भारत-फ्रांस धुरी इस संदर्भ में विशेष महत्व रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत-फ्रांस धुरी को मज़बूत करना नई दिल्ली की रणनीतिक स्वायत्तता को रेखांकित करता है। मैक्रों का मोदी को सार्वजनिक मंच पर 'सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री' कहकर बधाई देना कूटनीतिक शिष्टाचार से अधिक था — यह फ्रांस की ओर से भारत के नेतृत्व की स्थिरता को वैश्विक मान्यता देने का संकेत था। हालाँकि, 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' की असली कसौटी रक्षा सौदों की डिलीवरी और AI सहयोग के ठोस परिणामों में होगी, न कि घोषणाओं में।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीस में मोदी-मैक्रों की बैठक में क्या हुआ?
14 जून 2026 को नीस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई। AI, जलवायु परिवर्तन, रक्षा और तकनीक प्रमुख एजेंडा बिंदु रहे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
मैक्रों ने मोदी को किस उपलब्धि पर बधाई दी?
राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत इनोवेट्स 2026 कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से मोदी को स्वतंत्रता के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थिरता का प्रतीक बताया।
भारत इनोवेट्स 2026 क्या है और इसमें क्या हुआ?
भारत इनोवेट्स 2026 नीस में आयोजित एक नवाचार और निवेश केंद्रित कार्यक्रम है, जिसका उद्घाटन PM मोदी ने किया। इसमें मोदी ने वैश्विक निवेशकों और नवप्रवर्तकों को भारत के साथ मिलकर तकनीकी समाधान विकसित करने का आमंत्रण दिया और भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बताया।
भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों का उच्चतम स्तर है, जिसे 2026 की शुरुआत में औपचारिक रूप दिया गया। इसके अंतर्गत रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और 'मेक इन इंडिया' जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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