30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोदी-मैक्रों नीस वार्ता: इनोवेशन, AI और व्यापार पर बनी सहमति, मैक्रों बोले- 'नया अध्याय शुरू हो रहा है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोदी-मैक्रों नीस वार्ता: इनोवेशन, AI और व्यापार पर बनी सहमति, मैक्रों बोले- 'नया अध्याय शुरू हो रहा है'

सारांश

नीस में मोदी-मैक्रों की मुलाकात महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह AI, स्टार्टअप्स, अंतरिक्ष और फिनटेक में ठोस सहयोग की नींव थी। मैक्रों ने इसे 'नए अध्याय' की शुरुआत बताया। मोदी का यह सातवाँ फ्रांस दौरा दर्शाता है कि भारत-फ्रांस साझेदारी कितनी गहरी हो चुकी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 14 जून 2026 को नीस के विला केर्लियोस में द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक में इनोवेशन, AI, विज्ञान, अंतरिक्ष, स्टार्टअप्स, फिनटेक, व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और स्वास्थ्य पर ठोस परिणाम सामने आए।
मैक्रों ने एक्स पर कहा — यह सातवाँ दौरा फ्रांस-भारत साझेदारी की 'असाधारण ताकत' दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की पुष्टि की।
PM मोदी 16-17 जून को एवियन G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे; डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय वार्ता की संभावना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 14 जून 2026 को नीस स्थित विला केर्लियोस में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें इनोवेशन, व्यापार, निवेश, सस्टेनेबिलिटी, सुरक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध जैसे अहम क्षेत्रों पर गहन चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक परिदृश्य अस्थिर बना हुआ है और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

दोनों नेताओं ने पहले विला केर्लियोस का संयुक्त दौरा किया, इसके बाद औपचारिक द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा, "भारत-फ्रांस साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक और कदम! पीएम मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, जहाँ उन्होंने भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुए विकास की समीक्षा की।"

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में इनोवेशन और AI, विज्ञान और अंतरिक्ष, स्टार्टअप्स और फिनटेक, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए।

मैक्रों का संदेश: 'नया अध्याय'

राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "अपने प्यारे मित्र नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। आज नीस से लेकर पेरिस में जी7 एवियन और वीवाटेक तक, यह सातवाँ दौरा फ्रांस-भारत साझेदारी की असाधारण ताकत को दिखाता है। हम अपने लोगों के लिए प्रतिभा, निवेश और ठोस समाधानों के लिए एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि यह मोदी का फ्रांस का सातवाँ दौरा है, जो दोनों देशों के बीच निरंतर गहरे होते संबंधों का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक कूटनीतिक संतुलन में अपनी भूमिका को और सशक्त बना रहा है।

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय एजेंडे से आगे बढ़कर ईरान-अमेरिका तनाव समेत अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेताओं ने 'खास अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों' पर अपने दृष्टिकोण का आदान-प्रदान किया, हालाँकि विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।

आगे की यात्रा: G7 और ट्रंप से मुलाकात की संभावना

नीस के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया जाएंगे और फिर पेरिस पहुँचेंगे। वे 16-17 जून को एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह छह दिवसीय विदेश दौरे का पहला चरण है। एवियन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना जताई जा रही है, जो वैश्विक व्यापार और सुरक्षा परिदृश्य के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक AI और फिनटेक सहयोग के ठोस क्रियान्वयन ढाँचे सार्वजनिक न हों। ईरान-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि में यह बैठक भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' की परीक्षा भी है — मोदी एक ऐसे G7 में जा रहे हैं जहाँ ट्रंप से मुलाकात होगी, और फ्रांस के साथ संबंधों की मजबूती उस वार्ता में भारत का कद बढ़ाती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी-मैक्रों नीस वार्ता में क्या हुआ?
14 जून 2026 को नीस के विला केर्लियोस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। बैठक में इनोवेशन, AI, स्टार्टअप्स, फिनटेक, व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए।
मैक्रों ने 'नया अध्याय' से क्या आशय लिया?
राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर लिखा कि यह सातवाँ दौरा फ्रांस-भारत साझेदारी की असाधारण ताकत दर्शाता है और दोनों देश 'प्रतिभा, निवेश और ठोस समाधानों के लिए नया अध्याय' शुरू कर रहे हैं। इसका आशय AI, स्टार्टअप्स और फिनटेक में गहरे सहयोग से है।
PM मोदी फ्रांस यात्रा के बाद कहाँ जाएंगे?
नीस के बाद PM मोदी स्लोवाकिया जाएंगे और फिर पेरिस पहुँचेंगे। वे 16-17 जून को एवियन में G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना है।
भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी एक दीर्घकालिक द्विपक्षीय ढाँचा है जो रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग को समाहित करता है। नीस वार्ता में इसे AI, इनोवेशन और फिनटेक जैसे नए क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया।
नीस बैठक में वैश्विक मुद्दों पर क्या चर्चा हुई?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान-अमेरिका तनाव समेत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह चर्चा वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले