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भारत-फ्रांस शिखर वार्ता: 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने और 'इनोवेशन रोडमैप 2030' पर सहमति

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भारत-फ्रांस शिखर वार्ता: 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने और 'इनोवेशन रोडमैप 2030' पर सहमति

सारांश

नीस में मोदी-मैक्रों शिखर वार्ता महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी — यह एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। 5 वर्षों में व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य, 'इनोवेशन रोडमैप 2030' और AI वर्किंग ग्रुप के साथ भारत-फ्रांस साझेदारी अब घोषणाओं से क्रियान्वयन की ओर बढ़ रही है।

मुख्य बातें

PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने 14 जून को नीस में शिखर वार्ता की; अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने पर सहमति।
'इनोवेशन रोडमैप 2030' अपनाया गया और संयुक्त भारत-फ्रांस AI वर्किंग ग्रुप के गठन की घोषणा।
कानपुर में एरोनॉटिक्स कौशल विकास हेतु उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के समझौते का स्वागत।
दोनों देशों के संस्थानों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर; फ्रांस में UPI का विस्तार जारी।
भारत के 'शांति एक्ट' के तहत परमाणु ऊर्जा और मॉड्यूलर रिएक्टर क्षेत्र में नए सहयोग के अवसर।
फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट शीघ्र लागू होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार, 14 जून को नीस में हुई शिखर वार्ता के बाद अगले पाँच वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा आवाजाही के क्षेत्रों में संबंधों को नई गहराई देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्य घटनाक्रम

नीस में बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने की माँग की, जिसे आपसी व्यापार और निवेश बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया गया। इसके साथ ही एसएमई, एविएशन और रेलवे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर भी विचार-विमर्श हुआ।

एक उल्लेखनीय कदम के रूप में दोनों पक्षों ने कानपुर में एरोनॉटिक्स क्षेत्र में कौशल विकास हेतु उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित करने के समझौते का स्वागत किया। आर्थिक सुरक्षा पर संवाद की शुरुआत का भी स्वागत करते हुए दोनों नेता आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को मज़बूत करने पर सहमत हुए।

तकनीक और इनोवेशन साझेदारी

भारत-फ्रांस संबंधों में नवाचार और प्रौद्योगिकी की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए दोनों पक्षों ने 'इनोवेशन रोडमैप 2030' को औपचारिक रूप से अपनाया, जो साझेदारी को दीर्घकालिक दिशा प्रदान करेगा। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए संयुक्त भारत-फ्रांस AI वर्किंग ग्रुप के गठन पर भी सहमति बनी।

नीस में 'भारत इनोवेट्स' के संयुक्त उद्घाटन और पेरिस में होने वाले 'विवाटेक' सम्मेलन में प्रधानमंत्री की आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त किया है। संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि भारत का 'शांति एक्ट' छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नए सहयोग के द्वार खोलता है।

व्यापार और निवेश समझौते

संयुक्त बयान के अनुसार, फ्रांस में UPI के निरंतर विस्तार और दोनों देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े संस्थानों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। मोदी और मैक्रों ने इन उपलब्धियों को भारत-फ्रांस सहयोग को नई ऊँचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी उद्यमों के साथ सहयोग के अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा की।

लोगों के बीच संबंध और शिक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा शीघ्र लागू करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का आभार व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने प्रतिभाशाली व्यक्तियों और विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ाने तथा शैक्षणिक योग्यताओं की परस्पर मान्यता को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी विचार किया।

मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारत में परिसर स्थापित करने के लिए फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया। साथ ही दोनों नेताओं ने लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर सहित संग्रहालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं के बीच सहयोग गहरा करने पर भी सहमति व्यक्त की।

आगे की राह

यह शिखर वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिल रही है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ हो रही है। 'इनोवेशन रोडमैप 2030' और AI वर्किंग ग्रुप जैसे ठोस संस्थागत ढाँचों के साथ, दोनों देशों के बीच सहयोग अब केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश करता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तब तक कागज़ी रहेगा जब तक भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता ठोस रूप नहीं लेता, जो वर्षों से वार्ता में अटका है। कानपुर उत्कृष्टता केंद्र और 19 संस्थागत समझौते जैसे विशिष्ट कदम उत्साहजनक हैं, परंतु आलोचकों का कहना है कि ऐसी उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद अनुवर्ती कार्रवाई का इतिहास मिला-जुला रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के इस दौर में भारत के लिए यूरोप के साथ तकनीकी साझेदारी रणनीतिक अनिवार्यता बन चुकी है — सवाल यह है कि क्या संस्थागत तंत्र इस महत्वाकांक्षा की रफ्तार से चल पाएगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और फ्रांस ने व्यापार दोगुना करने के लिए क्या योजना बनाई है?
दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई है। इसके तहत भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने, SME, एविएशन और रेलवे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
'इनोवेशन रोडमैप 2030' क्या है?
'इनोवेशन रोडमैप 2030' भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त रूप से अपनाया गया एक दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग ढाँचा है। यह डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, AI, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को संस्थागत दिशा प्रदान करेगा।
भारत-फ्रांस AI वर्किंग ग्रुप क्या करेगा?
संयुक्त भारत-फ्रांस AI वर्किंग ग्रुप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को संस्थागत रूप देगा। यह समूह अनुसंधान, नीति और उद्योग स्तर पर AI साझेदारी के लिए एक स्थायी मंच के रूप में कार्य करेगा।
कानपुर में एरोनॉटिक्स उत्कृष्टता केंद्र से क्या फायदा होगा?
कानपुर में स्थापित होने वाला एरोनॉटिक्स कौशल विकास उत्कृष्टता केंद्र भारत के एविएशन क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा। यह भारत-फ्रांस के बीच एविएशन सहयोग का एक ठोस उदाहरण है और स्थानीय स्तर पर कुशल कार्यबल तैयार करने में सहायक होगा।
फ्रांस में भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों में क्या बदलाव होगा?
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट सुविधा शीघ्र लागू करने पर राष्ट्रपति मैक्रों का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा दोनों देशों ने शैक्षणिक योग्यताओं की परस्पर मान्यता और विद्यार्थियों व प्रतिभाओं की आवाजाही बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
राष्ट्र प्रेस
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