11 अगस्त 2026
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पीएम मोदी का यूरोप दौरा: फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 में भारत की वैश्विक भूमिका का विस्तार

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पीएम मोदी का यूरोप दौरा: फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 में भारत की वैश्विक भूमिका का विस्तार

सारांश

पीएम मोदी का 13-18 जून 2026 का यूरोप दौरा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह एक साथ फ्रांस के साथ 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को मज़बूत करने, स्लोवाकिया में ऐतिहासिक पहली प्रधानमंत्री यात्रा दर्ज करने और जी7 में लगातार आठवीं बार ग्लोबल साउथ की आवाज़ बुलंद करने का मंच है।

मुख्य बातें

पीएम मोदी 13-18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं — राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम फिको के निमंत्रण पर।
14 जून को नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन; 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' के तहत स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का लक्ष्य।
1993 में स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह पहली यात्रा; ब्रातिस्लावा में राष्ट्रपति पेलीग्रिनी और पीएम फिको से वार्ता।
16-17 जून को एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी — लगातार आठवाँ अवसर; ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व।
18 जून को पेरिस में वीवा टेक 2026 में शिरकत; भारत का इस मंच पर सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रवाना हुए हैं। यह यात्रा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है। रवानगी से पहले विदेश मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने इस दौरे को भारत की वैश्विक साझेदारियों को नई ऊँचाई देने वाला बताया।

फ्रांस: रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और नवाचार उत्सव

प्रधानमंत्री मोदी नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे, जहाँ दोनों नेता इस वर्ष की शुरुआत में मैक्रों की भारत यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। उल्लेखनीय है कि उस यात्रा के दौरान भारत-फ्रांस संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया गया था। मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, "फ्रांस हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण में एक विशेष स्थान रखता है।"

14 जून 2026 को नीस में ही प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' के अंतर्गत है, जिसका उद्देश्य भारत के उभरते स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना और उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करना है।

स्लोवाकिया: किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

14-15 जून को प्रधानमंत्री स्लोवाक गणराज्य की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएँगे। मोदी ने स्वयं रेखांकित किया, "यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।" ब्रातिस्लावा में वे राष्ट्रपति पीटर पेलीग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा स्लोवाकिया के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी भेंट करेंगे। यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में जारी वार्ता को और गति देने का अवसर भी मानी जा रही है।

जी7 शिखर सम्मेलन: ग्लोबल साउथ की आवाज़

16-17 जून को प्रधानमंत्री एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मोदी ने कहा, "यह लगातार आठवाँ अवसर है जब भारत को जी7 में आमंत्रित किया गया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच पर भारत न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।

वीवा टेक 2026: यूरोप के सबसे बड़े तकनीकी मंच पर भारत

18 जून 2026 को प्रधानमंत्री पेरिस में वीवा टेक 2026 में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शामिल होंगे। यूरोप के इस प्रमुख तकनीकी और नवाचार मंच पर इस बार भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन स्थापित होगा, जो भारत-यूरोप नवाचार सहयोग की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। मोदी ने यह भी कहा कि वे पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाते हैं।

दौरे का व्यापक महत्त्व

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता निर्णायक दौर में है और वैश्विक भू-राजनीति में भारत की स्थिति लगातार मज़बूत हो रही है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह दौरा यूरोप और जी7 के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करेगा तथा वैश्विक साझेदारियों के विस्तार की प्रतिबद्धता को नई दिशा देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर उपस्थिति दर्ज कराना भारत की बढ़ती रणनीतिक क्षमता को रेखांकित करता है। स्लोवाकिया में तीन दशकों बाद पहली प्रधानमंत्री यात्रा मध्य यूरोप में भारत के नए भू-आर्थिक हितों का संकेत है, खासकर जब भारत-EU मुक्त व्यापार वार्ता निर्णायक मोड़ पर है। हालाँकि, वीवा टेक और 'भारत इनोवेट्स' जैसे आयोजन नवाचार साझेदारी की अच्छी प्रतीक का निर्माण करते हैं, असली कसौटी यह है कि ये मंच ठोस निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में कितने तब्दील होते हैं। जी7 में लगातार आठवीं आमंत्रित भागीदारी भारत की स्वीकार्यता दर्शाती है, लेकिन ग्लोबल साउथ की 'आवाज़' और पश्चिमी साझेदारों के साथ व्यावहारिक तालमेल के बीच संतुलन बनाए रखना भारतीय कूटनीति की सबसे बड़ी परीक्षा बना रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का यूरोप दौरा कब से कब तक है और किन देशों में जाएँगे?
पीएम मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर हैं। इसके अलावा वे 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन और 18 जून को पेरिस में वीवा टेक 2026 में भी भाग लेंगे।
नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम क्या है?
'भारत इनोवेट्स' एक संयुक्त भारत-फ्रांस आयोजन है जिसका उद्घाटन 14 जून 2026 को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों करेंगे। यह 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' के तहत है और इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना तथा उच्च शिक्षा संस्थानों के नवाचारों को प्रोत्साहित करना है।
स्लोवाकिया दौरा ऐतिहासिक क्यों है?
1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली राजकीय यात्रा है। ब्रातिस्लावा में मोदी राष्ट्रपति पीटर पेलीग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से वार्ता करेंगे और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे।
जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका क्या होगी?
भारत 16-17 जून को एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेगा — यह लगातार आठवाँ अवसर है जब भारत को इस मंच पर आमंत्रित किया गया है। पीएम मोदी के अनुसार भारत वहाँ न केवल अपने विचार रखेगा बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज़ को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।
वीवा टेक 2026 में भारत की क्या विशेष भूमिका है?
18 जून 2026 को पेरिस में वीवा टेक 2026 में भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा। पीएम मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ इस यूरोपीय तकनीकी मंच पर शामिल होंगे, जो भारत-यूरोप के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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