पीएम मोदी का यूरोप दौरा: फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 में भारत की वैश्विक भूमिका का विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रवाना हुए हैं। यह यात्रा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है। रवानगी से पहले विदेश मंत्रालय द्वारा जारी वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने इस दौरे को भारत की वैश्विक साझेदारियों को नई ऊँचाई देने वाला बताया।
फ्रांस: रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और नवाचार उत्सव
प्रधानमंत्री मोदी नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे, जहाँ दोनों नेता इस वर्ष की शुरुआत में मैक्रों की भारत यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। उल्लेखनीय है कि उस यात्रा के दौरान भारत-फ्रांस संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया गया था। मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, "फ्रांस हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण में एक विशेष स्थान रखता है।"
14 जून 2026 को नीस में ही प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन' के अंतर्गत है, जिसका उद्देश्य भारत के उभरते स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना और उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करना है।
स्लोवाकिया: किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा
14-15 जून को प्रधानमंत्री स्लोवाक गणराज्य की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएँगे। मोदी ने स्वयं रेखांकित किया, "यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।" ब्रातिस्लावा में वे राष्ट्रपति पीटर पेलीग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे तथा स्लोवाकिया के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी भेंट करेंगे। यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में जारी वार्ता को और गति देने का अवसर भी मानी जा रही है।
जी7 शिखर सम्मेलन: ग्लोबल साउथ की आवाज़
16-17 जून को प्रधानमंत्री एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मोदी ने कहा, "यह लगातार आठवाँ अवसर है जब भारत को जी7 में आमंत्रित किया गया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मंच पर भारत न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़ को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा।
वीवा टेक 2026: यूरोप के सबसे बड़े तकनीकी मंच पर भारत
18 जून 2026 को प्रधानमंत्री पेरिस में वीवा टेक 2026 में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शामिल होंगे। यूरोप के इस प्रमुख तकनीकी और नवाचार मंच पर इस बार भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन स्थापित होगा, जो भारत-यूरोप नवाचार सहयोग की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। मोदी ने यह भी कहा कि वे पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाते हैं।
दौरे का व्यापक महत्त्व
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता निर्णायक दौर में है और वैश्विक भू-राजनीति में भारत की स्थिति लगातार मज़बूत हो रही है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह दौरा यूरोप और जी7 के साथ भारत के संबंधों को और सुदृढ़ करेगा तथा वैश्विक साझेदारियों के विस्तार की प्रतिबद्धता को नई दिशा देगा।