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PM मोदी 13 जून को फ्रांस-स्लोवाकिया यात्रा पर रवाना, नीस में मैक्रों से वार्ता और जी-7 में भागीदारी

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PM मोदी 13 जून को फ्रांस-स्लोवाकिया यात्रा पर रवाना, नीस में मैक्रों से वार्ता और जी-7 में भागीदारी

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की 13-19 जून की यूरोप यात्रा तीन स्तरों पर अहम है — नीस में मैक्रों के साथ रक्षा और नवाचार, ब्रातिस्लावा में ऐतिहासिक पहली भारतीय PM यात्रा, और एवियां में जी-7 मंच पर वैश्विक दक्षिण की आवाज़। यह दौरा भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 13 जून 2025 को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होंगे, यात्रा 19 जून तक चलेगी।
14 जून को नीस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता; रक्षा सहयोग और 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन।
14-16 जून : स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा — 1993 के बाद किसी भारतीय PM की पहली यात्रा; PM रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात।
16-17 जून : एवियां में जी-7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी।
18 जून : पेरिस में विवाटेक स्टार्टअप शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून 2025 को फ्रांस और स्लोवाकिया की दो-देशीय यूरोप यात्रा पर रवाना होंगे, जिसमें नीस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता, ब्रातिस्लावा में स्लोवाकियाई नेतृत्व से मुलाकात और एवियां में जी-7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी शामिल है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा 13 से 19 जून तक चलेगी और इसे वैश्विक दक्षिण की अग्रणी आवाज़ के रूप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का प्रतीक बताया जा रहा है।

नीस में मैक्रों से वार्ता: रक्षा और नवाचार केंद्र में

14 जून को नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच व्यापक द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें भारत-फ्रांस संबंधों के सभी आयामों की समीक्षा की जाएगी। महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के मद्देनज़र रक्षा सहयोग इस वार्ता का प्रमुख विषय रहने की संभावना है। दोनों नेता संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का भी उद्घाटन करेंगे, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटल फंड भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के दौरान हो रहा है और दोनों देशों के बीच मौजूद नवाचार साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।

स्लोवाकिया: किसी भारतीय PM की पहली ऐतिहासिक यात्रा

14 से 16 जून के बीच प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे — 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। स्लोवाकियाई प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर आयोजित इस यात्रा में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता होगी और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी। मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

एवियां में जी-7: वैश्विक दक्षिण की आवाज़

16-17 जून को मोदी एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान वे जी-7 देशों के नेताओं के अलावा आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जी-7 में प्रधानमंत्री की उपस्थिति भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।

पेरिस में विवाटेक और भारतीय समुदाय

यात्रा के अंतिम चरण में 18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुँचेंगे, जहाँ वे यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप आयोजन विवाटेक शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी उनकी संभावना है।

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यात्रा के नतीजे आने वाले हफ्तों में द्विपक्षीय समझौतों और रक्षा सौदों के रूप में सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी ठोस परिणामों की होगी — विशेषकर रक्षा सौदों और व्यापार समझौतों के मामले में। स्लोवाकिया की यात्रा ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है, पर मध्य यूरोप में भारत की आर्थिक उपस्थिति अभी भी सीमित है। जी-7 में 'वैश्विक दक्षिण की आवाज़' की भूमिका तब तक प्रतीकात्मक रहेगी जब तक भारत एजेंडे पर ठोस प्रस्ताव न रखे। 'भारत इनोवेट्स' जैसे कार्यक्रम द्विपक्षीय नवाचार को गति दे सकते हैं, बशर्ते वे एक बार के आयोजन से आगे बढ़कर संस्थागत रूप लें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा कब से कब तक है?
प्रधानमंत्री मोदी 13 जून से 19 जून 2025 तक यूरोप यात्रा पर रहेंगे। इसमें 13-14 जून को नीस (फ्रांस), 14-16 जून को स्लोवाकिया, 16-17 जून को एवियां (जी-7) और 18 जून को पेरिस शामिल हैं।
मोदी और मैक्रों की नीस वार्ता में क्या प्रमुख मुद्दे होंगे?
नीस में 14 जून को होने वाली वार्ता में रक्षा सहयोग प्रमुख विषय रहने की संभावना है, क्योंकि भारत महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में अपनी सैन्य क्षमताएँ मज़बूत करना चाहता है। इसके अलावा दोनों नेता 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन भी करेंगे।
स्लोवाकिया यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा है। मोदी वहाँ PM रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मिलेंगे और व्यापार, ऑटोमोबाइल तथा रेलवे विनिर्माण में सहयोग पर चर्चा होगी।
जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी की क्या भूमिका होगी?
16-17 जून को एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी आमंत्रित साझेदार देश के नेता के रूप में भाग लेंगे। वे जी-7 नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
पेरिस में विवाटेक शिखर सम्मेलन क्या है और मोदी वहाँ क्यों जा रहे हैं?
विवाटेक यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन है। 18 जून को पेरिस में मोदी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे, कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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