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PM मोदी 14 जून को ब्रातिस्लावा रवाना, स्लोवाकिया-फ्रांस दौरे में रक्षा-ऊर्जा-तकनीक पर होगी अहम वार्ता

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PM मोदी 14 जून को ब्रातिस्लावा रवाना, स्लोवाकिया-फ्रांस दौरे में रक्षा-ऊर्जा-तकनीक पर होगी अहम वार्ता

सारांश

किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा — 1993 के बाद से — महज़ एक शिष्टाचार भेंट नहीं है। रक्षा उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा और नई तकनीक के एजेंडे के साथ यह दौरा भारत की यूरोप-रणनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाक रिपब्लिक के पहले आधिकारिक दौरे पर जाएंगे — 1993 में स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय PM की पहली यात्रा।
मोदी PM रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मिलेंगे; रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक और परिवहन पर द्विपक्षीय वार्ता होगी।
स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय अब लगभग 11,000 — यूक्रेनी समुदाय के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समूह ।
स्लोवाकिया के विदेश मंत्री 2023, 2024 और 2025 में रायसीना डायलॉग में शामिल हो चुके हैं।
फ्रांस दौरे की शुरुआत नीस से होगी — राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून के बीच स्लोवाक रिपब्लिक के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे और इसके बाद फ्रांस का भी दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने 11 जून को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद पहली आधिकारिक यात्रा होगी — जो इसे ऐतिहासिक महत्व देती है।

स्लोवाकिया दौरे का कार्यक्रम

विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के आमंत्रण पर 14 जून को ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे। अगले दिन उनका ऐतिहासिक महल में औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद डेलीगेशन स्तर और वन-ऑन-वन वार्ता होगी। प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी प्रेसिडेंशियल पैलेस में मुलाकात करेंगे, जहाँ राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक सरकारी दावत देंगे।

आर्थिक और रणनीतिक एजेंडा

सिबी जॉर्ज के अनुसार, दोनों देशों के नेता स्लोवाक व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। इसका उद्देश्य परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, नई तकनीक और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग को गहरा करना है। भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, डिजिटलाइजेशन, साइबर सुरक्षा, कौशल विकास और शैक्षणिक-सांस्कृतिक क्षेत्रों में संवाद पहले से चल रहा है।

बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि

सिबी जॉर्ज ने रेखांकित किया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय तेजी आई है। भारत की राष्ट्रपति पिछले वर्ष अप्रैल में स्लोवाकिया के आधिकारिक दौरे पर गई थीं, और स्लोवाक रिपब्लिक के राष्ट्रपति इस वर्ष फरवरी में AI इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आए थे। गौरतलब है कि स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय अब लगभग 11,000 हो गया है, जो यूक्रेनी समुदाय के बाद वहाँ का दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। योग, आयुर्वेद, भारतीय व्यंजन और फिल्में स्लोवाकिया में लोकप्रिय हो रही हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब स्लोवाकिया के विदेश मंत्री लगातार 2023, 2024 और 2025 में रायसीना डायलॉग में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा, 2022 में ऑपरेशन गंगा के दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों की निकासी में स्लोवाकिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहलगाम आतंकी हमले की स्लोवाकिया द्वारा निंदा और भारत के साथ एकजुटता के प्रदर्शन को भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फ्रांस दौरे का विवरण

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस दौरे की शुरुआत नीस से करेंगे। यह दौरा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर हो रहा है।

भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने एक वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में 'एक ऐतिहासिक अवसर' है और उन्हें विश्वास है कि इससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। यह यात्रा भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीति की एक और कड़ी है और आने वाले महीनों में इसके ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह यात्रा ठोस समझौतों में बदलती है या केवल संयुक्त बयानों तक सिमट जाती है। पहलगाम हमले पर स्लोवाकिया की एकजुटता और ऑपरेशन गंगा में उसकी भूमिका को देखते हुए, यह संबंध केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक विश्वास पर टिका है — जो इसे और मूल्यवान बनाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का स्लोवाकिया दौरा ऐतिहासिक क्यों है?
यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है। तीन दशकों के अंतराल के बाद यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
मोदी स्लोवाकिया में किन नेताओं से मिलेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाक PM रॉबर्ट फिको के साथ डेलीगेशन स्तर और वन-ऑन-वन वार्ता करेंगे। इसके अलावा वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से प्रेसिडेंशियल पैलेस में मिलेंगे और स्लोवाक व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे।
भारत-स्लोवाकिया के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी?
दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन, नई तकनीक, अंतरिक्ष, परमाणु, डिजिटलाइजेशन, साइबर सुरक्षा और कौशल विकास सहित कई क्षेत्रों में वार्ता होगी। निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
मोदी का फ्रांस दौरा कहाँ से शुरू होगा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस दौरे की शुरुआत नीस शहर से करेंगे। यह दौरा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर हो रहा है।
स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय की स्थिति कैसी है?
स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय अब लगभग 11,000 हो गया है और यह यूक्रेनी समुदाय के बाद वहाँ का दूसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। योग, आयुर्वेद, भारतीय व्यंजन और फिल्मों की वहाँ बढ़ती लोकप्रियता सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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