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PM मोदी का ब्रातिस्लावा में ऐतिहासिक दौरा: भारत-स्लोवाकिया ने रक्षा सहित 5 अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर

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PM मोदी का ब्रातिस्लावा में ऐतिहासिक दौरा: भारत-स्लोवाकिया ने रक्षा सहित 5 अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षर

सारांश

1993 के बाद पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया का द्विपक्षीय दौरा किया। मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया और दोनों देशों ने रक्षा, क्वांटम तकनीक, श्रम और संस्कृति में 5 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए — भारत-EU FTA के बाद मध्य यूरोप में भारत की कूटनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 16 जून 2025 को ब्रातिस्लावा पहुंचे — 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय PM की पहली द्विपक्षीय यात्रा।
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास से सम्मानित किया।
दोनों देशों ने रक्षा सहयोग आशय पत्र , क्वांटम कम्युनिकेशन एमओयू , लेबर माइग्रेशन फ्रेमवर्क और ऑडियो-विजुअल समझौते सहित 5 प्रमुख डील पर हस्ताक्षर किए।
ICCR ने टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ कोसिसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपनी पहली चेयर स्थापित करने की घोषणा की।
दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी विस्तार से विचार साझा किए।
इस वर्ष संपन्न भारत-EU FTA को इस नई कूटनीतिक गति का प्रमुख कारण बताया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2025 को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा का दौरा किया — यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। दोनों देशों ने इस अवसर पर रक्षा सहयोग समेत कम-से-कम 5 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो भारत के मध्य यूरोप के साथ संबंधों में एक नई रणनीतिक दिशा का संकेत देते हैं। विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इसे दोनों देशों के लिए "ऐतिहासिक दिन" करार दिया।

राजकीय सम्मान और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर पहुंचे मोदी का पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। इससे भी उल्लेखनीय रहा कि स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान — ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास — से नवाज़ा।

विदेश सचिव जॉर्ज के अनुसार, यह पुरस्कार बहुत कम विदेशी मेहमानों को दिया गया है। मोदी ने इस सम्मान को भारत के 1.4 अरब नागरिकों और नई दिल्ली व ब्रातिस्लावा के बीच "गहरी होती दोस्ती" को समर्पित किया।

मुख्य समझौते और उनका महत्व

इस दौरे से कई क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए। दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित प्रमुख समझौतों में शामिल हैं:

रक्षा सहयोग पर आशय पत्र (Letter of Intent) — रक्षा तकनीक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए। डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्वांटम कम्युनिकेशन पर एमओयू — उभरती तकनीकों में सहयोग हेतु। लेबर माइग्रेशन फ्रेमवर्क — कुशल भारतीय पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए। ऑडियो-विजुअल क्रिएशन समझौता — सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने हेतु। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और कांसुलर संवाद तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति जताई।

ICCR की AI चेयर: एक अनूठी पहल

इस दौरे की एक विशेष उपलब्धि रही — भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपनी पहली चेयर स्थापित करने की घोषणा की, जो स्लोवाकिया के टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ कोसिसे में स्थापित होगी। यह शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भू-राजनीतिक संदर्भ और EU-FTA का प्रभाव

दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय एजेंडे से परे यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर भी विस्तार से विचार साझा किए। विदेश सचिव जॉर्ज ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में संपन्न भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों — स्लोवाकिया सहित — के साथ संबंधों में नई गति पैदा की है।

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से मजबूत कर रहा है। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का संकल्प लिया, जो इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता को रेखांकित करता है।

आगे की राह

इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, श्रम और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग की नई संरचना तैयार हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-EU FTA के लागू होने के बाद स्लोवाकिया जैसे मध्य यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। अब सभी की नज़रें इन समझौतों के क्रियान्वयन और आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच होने वाले अनुवर्ती संपर्कों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी उनका क्रियान्वयन होगा — भारत के कई पूर्व रक्षा और तकनीक समझौते घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ पाए। ICCR की AI चेयर एक सकारात्मक और मूर्त कदम है, जो शैक्षणिक कूटनीति को नई तकनीक से जोड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि स्लोवाकिया NATO का सदस्य है और रॉबर्ट फिको यूक्रेन युद्ध पर पश्चिमी सहमति से अलग स्वर रखते हैं — ऐसे में भारत का यह जुड़ाव यूरोप के भीतर एक बारीक संतुलन की कोशिश भी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का ब्रातिस्लावा दौरा ऐतिहासिक क्यों है?
यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया है।
भारत और स्लोवाकिया ने कौन-से प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए?
दोनों देशों ने रक्षा सहयोग पर आशय पत्र, डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्वांटम कम्युनिकेशन पर एमओयू, लेबर माइग्रेशन फ्रेमवर्क और ऑडियो-विजुअल क्रिएशन समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह और कांसुलर संवाद तंत्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
PM मोदी को स्लोवाकिया में कौन-सा सम्मान दिया गया?
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रेसिडेंशियल पैलेस में मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास' से नवाज़ा। यह सम्मान बहुत कम विदेशी मेहमानों को प्रदान किया गया है।
ICCR की AI चेयर स्लोवाकिया में क्यों महत्वपूर्ण है?
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपनी पहली चेयर स्थापित करने की घोषणा की, जो टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ कोसिसे में होगी। यह भारत की शैक्षणिक कूटनीति को उभरती तकनीक से जोड़ने की एक नई पहल है।
इस दौरे में भारत-EU FTA की क्या भूमिका रही?
विदेश सचिव सिबी जॉर्ज के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में संपन्न भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते ने भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ संबंधों में नई गति पैदा की है। स्लोवाकिया EU का सदस्य होने के कारण इस FTA का सीधा लाभार्थी है, जिसने इस दौरे को और प्रासंगिक बनाया।
राष्ट्र प्रेस
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