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PM मोदी ब्रातिस्लावा पहुंचे, स्लोवाकिया की आज़ादी के बाद पहला भारतीय PM दौरा

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PM मोदी ब्रातिस्लावा पहुंचे, स्लोवाकिया की आज़ादी के बाद पहला भारतीय PM दौरा

सारांश

स्लोवाकिया की आज़ादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है — तीन दशकों की कूटनीतिक चुप्पी के बाद मोदी ब्रातिस्लावा पहुंचे। रोटी-नमक के पारंपरिक स्वागत और वंदे मातरम की धुन के बीच, यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी रविवार, 15 जून को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे — यह स्लोवाकिया की स्वतंत्रता ( 1993 ) के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है।
स्लोवाक विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने ग्रैंड होटल रिवर पार्क में पारंपरिक रोटी और नमक से स्वागत किया।
लुक्निका एन्सेम्बल ने वंदे मातरम पर विशेष प्रस्तुति दी; मायजावा के बच्चों के लोक समूह ने पारंपरिक नृत्य किया।
PM मोदी राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और PM रॉबर्ट फिको से द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे भारत-स्लोवाकिया संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहाँ स्लोवाक गणराज्य के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने ग्रैंड होटल रिवर पार्क में उनका औपचारिक स्वागत किया। यह स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला आधिकारिक दौरा है, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

पारंपरिक स्वागत: रोटी और नमक की विशेष परंपरा

स्लोवाक परंपरा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत रोटी और नमक से किया गया — जो इस संस्कृति में खुशहाली, दोस्ती, सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लुक्निका एन्सेम्बल ने गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया और वंदे मातरम पर एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

स्लोवाकिया के मायजावा क्षेत्र के प्रसिद्ध बच्चों के लोक समूह ने पारंपरिक स्लोवाक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने स्लोवाकियाई संगीत समूह महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट का एक आध्यात्मिक कार्यक्रम भी देखा।

PM मोदी का संदेश: सहयोग के नए रास्ते

ब्रातिस्लावा पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ब्रातिस्लावा पहुंच गया हूं। यह विज़िट भारत-स्लोवाकिया के रिश्तों को गहरा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का मौका देती है। प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी और प्राइम मिनिस्टर फिको के साथ प्रोडक्टिव मीटिंग्स का इंतज़ार कर रहा हूं।"

यह दौरा दो दिवसीय है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

भारतीय समुदाय से मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रैंड होटल रिवर पार्क में ब्रातिस्लावा में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की। समुदाय के लोगों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह दौरा भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और इससे दोनों देशों के बीच साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे।

गौरतलब है कि स्लोवाकिया 1993 में चेकोस्लोवाकिया के विभाजन के बाद एक स्वतंत्र देश बना था। तीन दशकों से अधिक समय में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है, जो इस दौरे के कूटनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस दौरे की असली परीक्षा यह होगी कि क्या राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और PM फिको के साथ बैठकों से ठोस व्यापार, रक्षा या तकनीकी सहयोग के समझौते निकलते हैं। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और ऑटोमोटिव तथा रक्षा विनिर्माण में उसकी विशेषज्ञता भारत के 'मेक इन इंडिया' एजेंडे के लिए रणनीतिक रूप से प्रासंगिक हो सकती है। सांस्कृतिक गर्मजोशी के परे, इस यात्रा का मूल्यांकन उन समझौतों से होगा जो अगले कुछ घंटों में मेज़ पर आते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का स्लोवाकिया दौरा ऐतिहासिक क्यों है?
स्लोवाकिया के 1993 में स्वतंत्र देश बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है। तीन दशकों के अंतराल के बाद यह दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा देने की कोशिश है।
स्लोवाकिया में रोटी और नमक से स्वागत का क्या अर्थ है?
स्लोवाक परंपरा में रोटी खुशहाली का प्रतीक है, जबकि नमक कीमत, दोस्ती और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यह सम्मानित मेहमानों के स्वागत की पारंपरिक विधि है।
PM मोदी ब्रातिस्लावा में किनसे मिलेंगे?
प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। दौरा दो दिवसीय है और इसका उद्देश्य भारत-स्लोवाकिया संबंधों को गहरा करना तथा सहयोग के नए क्षेत्र तलाशना है।
ब्रातिस्लावा में PM मोदी के स्वागत में कौन-से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए?
लुक्निका एन्सेम्बल ने वंदे मातरम पर विशेष प्रस्तुति दी। मायजावा क्षेत्र के बच्चों के लोक समूह ने पारंपरिक स्लोवाक नृत्य किया और स्लोवाकियाई संगीत समूह महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट ने एक आध्यात्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
भारत-स्लोवाकिया संबंधों में इस दौरे का क्या महत्व है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर है। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और यह यात्रा मध्य यूरोप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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