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महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट: ब्रातिस्लावा में भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक सेतु, PM मोदी ने की तारीफ

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महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट: ब्रातिस्लावा में भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक सेतु, PM मोदी ने की तारीफ

सारांश

स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में PM मोदी के स्वागत में 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' ने 'शंभू-शंभू' जाप से माहौल भक्तिमय बनाया। मोदी ने संस्थापक मेरेक जिलिनेक की तारीफ की और कहा यह पहल दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों की मिसाल है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 15 जून को दो दिवसीय दौरे पर स्लोवाकिया पहुँचे और ब्रातिस्लावा में उनका भव्य स्वागत हुआ।
स्लोवाक समूह महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट ने 'शंभू-शंभू' जाप और भारतीय वाद्ययंत्रों से आध्यात्मिक प्रस्तुति दी; PM ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रोजेक्ट के संस्थापक मेरेक जिलिनेक और टीम को बधाई दी।
PM का स्वागत स्लोवाकिया की परंपरा के अनुसार रोटी और नमक से किया गया।
मायजावा इलाके के लोक कलाकार समूह कोपनिसियारिक की प्रस्तुति भी देखी और सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे के दौरान ब्रातिस्लावा में 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' की आध्यात्मिक प्रस्तुति ने भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक संबंधों की एक नई मिसाल कायम की। 15 जून को हुए इस कार्यक्रम में स्लोवाक कलाकारों ने 'शंभू-शंभू' का जाप और भारतीय वाद्ययंत्रों की धुन से माहौल को भक्तिमय बना दिया, जिसे देख प्रधानमंत्री भी ताली बजाकर उत्साह बढ़ाते नजर आए।

मुख्य घटनाक्रम

रविवार शाम ब्रातिस्लावा में आयोजित स्वागत समारोह में महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट के सदस्यों ने भारतीय भजन, संस्कृत मंत्र और कीर्तन की प्रस्तुति दी। 44 सेकंड की एक वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री मोदी कलाकारों के साथ ताली बजाते और प्रस्तुति समाप्त होने पर 'ओम शांति' कहकर अभिवादन करते दिखे। यह क्लिप सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा की गई।

इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का स्लोवाकिया की परंपरा के अनुसार रोटी और नमक से स्वागत किया गया। मोदी ने इस परंपरा की सराहना करते हुए कहा, 'ब्रातिस्लावा में स्वागत में पारंपरिक रूप से रोटी और नमक दिया गया, जो स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सद्भावना और दोस्ती के मूल्यों की एक सुंदर झलक है।'

PM मोदी की प्रतिक्रिया

सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, 'यह पहल भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करती है।' मोदी ने यह भी कहा कि यह देखकर प्रसन्नता हुई कि टीम भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, संस्कृत मंत्रों और भारत की सांस्कृतिक विरासत से गहराई से प्रेरित है।

प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट के संस्थापक मेरेक जिलिनेक और पूरी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने ब्रातिस्लावा में भारतीय समुदाय का आभार जताते हुए कहा, 'रविवार शाम ब्रातिस्लावा में हुआ स्वागत सच में खास था। ऐसे संकेत हमारे लोगों को जोड़ने वाले अटूट संबंधों को दिखाते हैं और भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को मजबूत करते हैं।'

महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट: पृष्ठभूमि

मेरेक जिलिनेक पेशे से ड्रमर हैं और महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट के संस्थापक हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत यात्रा से प्रेरित होकर उन्होंने भारतीय भजनों, मंत्रों और कीर्तन को स्लोवाकिया के दर्शकों तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया। यह अवसर भारतीय दूतावास की ओर से उपलब्ध कराया गया था। मेरेक ने इंस्टाग्राम स्टोरी में इन पलों को साझा करते हुए इसे यादगार बताया।

लोक संस्कृति से भी रूबरू हुए PM मोदी

महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट के अलावा प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया के मायजावा इलाके के लोक कलाकार समूह कोपनिसियारिक की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देखी। इसकी सराहना करते हुए उन्होंने कहा, 'इस तरह की लोक परंपराएं किसी की संस्कृति और इतिहास को बचाए रखने में मदद करती हैं।' यह दौरा भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊँचाई देने वाला रहा।

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को नए सिरे से प्रगाढ़ करने की दिशा में सक्रिय है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के और अवसर तलाशे जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जन-स्तरीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए भी आगे बढ़ा रहा है। एक स्लोवाक ड्रमर का भारतीय भजनों और संस्कृत मंत्रों को अपनाना और फिर उसे प्रधानमंत्री स्तर पर मान्यता मिलना — यह भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति के बदलते स्वरूप का संकेत है। हालाँकि, यह भी देखना होगा कि ऐसे सांस्कृतिक क्षणों को ठोस द्विपक्षीय समझौतों और संस्थागत सहयोग में कितनी तेजी से बदला जाता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट क्या है?
महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट स्लोवाकिया का एक आध्यात्मिक संगीत समूह है, जिसकी स्थापना ड्रमर मेरेक जिलिनेक ने की है। भारत यात्रा से प्रेरित होकर उन्होंने भारतीय भजनों, संस्कृत मंत्रों और कीर्तन को स्लोवाकिया के दर्शकों तक पहुँचाने का काम शुरू किया।
PM मोदी ने महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट की सराहना क्यों की?
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रातिस्लावा में इस समूह की प्रस्तुति प्रत्यक्ष देखी और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति उनकी गहरी प्रेरणा से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करती है।
PM मोदी का स्लोवाकिया दौरा कब हुआ और कितने दिनों का था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जून को दो दिवसीय दौरे पर स्लोवाकिया पहुँचे। रविवार शाम ब्रातिस्लावा में उनका स्वागत समारोह आयोजित किया गया।
स्लोवाकिया में PM मोदी का स्वागत किस परंपरा से हुआ?
PM मोदी का स्वागत स्लोवाकिया की पारंपरिक परंपरा के अनुसार रोटी और नमक देकर किया गया। मोदी ने इसे स्लोवाकिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सद्भावना का प्रतीक बताया।
कोपनिसियारिक कौन हैं और PM मोदी ने उनके बारे में क्या कहा?
कोपनिसियारिक स्लोवाकिया के मायजावा इलाके का एक लोक कलाकार समूह है। PM मोदी ने उनकी प्रस्तुति देखने के बाद कहा कि इस तरह की लोक परंपराएं किसी की संस्कृति और इतिहास को बचाए रखने में मदद करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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