ब्रातिस्लावा में PM मोदी का भव्य स्वागत, भारतीय प्रवासी बोले — 'आँखें नम थीं, दिल गर्व से भरा था'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 15 जून 2026 को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुँचे, जहाँ ग्रैंड होटल रिवर पार्क में भारतीय समुदाय के सदस्यों और स्लोवाक कलाकारों ने उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा बताई जा रही है। मुलाकात के बाद उपस्थित लोगों ने कहा कि यह क्षण उनके लिए जीवनभर याद रहेगा।
परंपरागत स्वागत और 'मोदी-मोदी' के नारे
भारतीय समुदाय ने ग्रैंड होटल रिवर पार्क में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्लोवाकिया की पारंपरिक रीति — रोटी और नमक भेंट कर — किया। इस अवसर पर 'मोदी-मोदी' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा परिसर गूँज उठा। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि यूरोप में बसे भारतीय समुदाय में देश के प्रति लगाव कितना गहरा है।
स्लोवाक संगीतकारों ने गाया 'वंदे मातरम'
स्लोवाक सांस्कृतिक समूह ल्यूक्निका एन्सेम्बल ने प्रधानमंत्री के आगमन पर भारत का राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' प्रस्तुत किया। समूह की कलाकार डेमोनिका ने कहा, 'आज हम अपनी गायक-मंडली के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वंदे मातरम प्रस्तुत कर रहे थे।' एक अन्य कलाकार नीना ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'यह सच में बहुत सुंदर था — एक ऐसा अनुभव जो मैं कभी नहीं भूलूँगी। उन्होंने (पीएम मोदी ने) हमारे उच्चारण की सराहना की और कहा कि हम तैयार थे।'
इसके अलावा स्लोवाक संगीत एवं आध्यात्मिक समूह 'महादेवा कीर्तन प्रोजेक्ट' के संस्थापक और ड्रमर मारेक जिलिनेक ने कहा, 'यह हमारे लिए बड़े सम्मान की बात है। हम स्लोवाकिया स्थित भारतीय दूतावास के आभारी हैं, जिसने हमें प्रधानमंत्री के स्वागत में प्रस्तुति देने का अवसर दिया।'
भारतीय प्रवासियों की भावुक प्रतिक्रिया
भारतीय समुदाय के सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने कहा, 'ब्रातिस्लावा में पीएम मोदी से मिलकर बहुत खुशी हुई। मेरी आँखें नम थीं और दिल गर्व से भरा हुआ था। मुझे उन्हें व्यक्तिगत रूप से देखने और उनसे मिलने का अवसर मिला — मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूँ।'
एक अन्य सदस्य नितिन पटेल ने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि भारत के प्रधानमंत्री से इतने करीब से मिलने और हाथ मिलाने का अवसर मिलेगा। मुझे उनका काम करने का तरीका बहुत पसंद आया और मैं उनके स्वभाव व समर्पण से बेहद प्रभावित हूँ।'
समुदाय के सदस्य चिराग ने कहा, 'यह जानकर अच्छा लगा कि भारत के प्रधानमंत्री पहली बार यहाँ आए हैं। हमें उम्मीद है कि यहाँ रहने वाले भारतीयों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठेंगे।' वहीं एक अन्य सदस्य सागर ने कहा, 'उन्होंने हमसे हाथ मिलाया — यह हमारे लिए एक यादगार पल है।'
यात्रा का महत्व
यह यात्रा भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में उल्लेखनीय मानी जा रही है। गौरतलब है कि स्लोवाकिया मध्य यूरोप में भारत के बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक संपर्कों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंधों को नई ऊँचाई देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के नतीजों पर सबकी नज़र रहेगी।