PM मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा: किसी भारतीय PM का पहला स्लोवाकिया दौरा, भारतीय समुदाय में उमंग
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून 2025 को ब्रातिस्लावा पहुँचे, और इसी के साथ वे स्लोवाकिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। इस ऐतिहासिक दौरे ने स्लोवाकिया में बसे हज़ारों प्रवासी भारतीयों में उत्साह और गर्व की एक नई लहर जगा दी है।
ऐतिहासिक पल: पहली बार कोई भारतीय PM स्लोवाकिया में
यह यात्रा महज़ एक राजनयिक दौरा नहीं है — स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह दशकों की प्रतीक्षा का फल है। पिछले 18 वर्षों से ब्रातिस्लावा में रह रहे अविनाश विजय कुमार ने कहा, 'यह हमारे लिए ऐतिहासिक पल है और हम बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री मोदी यहाँ आए हैं। यहाँ भारतीयों के लिए पहले से ही कई मौके बन चुके हैं।' गौरतलब है कि इससे पहले भारत के राष्ट्रपति भी स्लोवाकिया का दौरा कर चुके हैं, जिसके बाद से यहाँ भारतीय समुदाय की संख्या और सक्रियता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
समुदाय की आवाज़ें: गर्व और उम्मीद
केरल के तिरुवनंतपुरम से आए आकाश, जो पिछले चार वर्षों से AT&T कंपनी में टेक्निकल असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हैं, ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मैं बहुत उत्साहित हूँ क्योंकि यह पहली बार है जब मैं अपने देश के प्रधानमंत्री से मिल रहा हूँ। यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।' समुदाय के सदस्य मनोज वाघले ने इस दौरे को कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, 'स्लोवाकिया में कंपनियाँ भारतीय कर्मचारियों को बहुत महत्व देती हैं,' और उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के और विस्तार की उम्मीद जताई।
समुदाय के एक अन्य सदस्य दर्शन ने बताया कि जब पिछली बार राष्ट्रपति का दौरा हुआ था, तब स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय के करीब 6,000 सदस्य एकत्र हुए थे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के इस दौरे में भागीदारी उससे भी अधिक रहने की संभावना है।
विदेश नीति और वैश्विक छवि को सराहा
लखनऊ से आए एक समुदाय सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया भर में मज़बूत द्विपक्षीय रिश्ते बनाए हैं, और उनके विदेश दौरों की संख्या और प्रभाव किसी भी पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री से अधिक रही है। एक अन्य समुदाय सदस्य ने मोदी सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने सभी के साथ दोस्ताना रिश्ते मज़बूत किए हैं... दुनिया भर में उन्हें जो सम्मान मिलता है, उससे हमें बहुत गर्व महसूस होता है।'
भारत-स्लोवाकिया सहयोग की संभावनाएँ
स्लोवाकिया में बसे भारतीय मुख्यतः आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और व्यवसाय के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि इस यात्रा से भारत-स्लोवाकिया के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। प्रवासी भारतीय नियमित रूप से भारतीय त्योहार मनाते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं — प्रधानमंत्री के दौरे ने उन्हें एकजुट होने का एक नया और ऐतिहासिक अवसर दिया है।
आगे क्या
यह दौरा भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। कथित तौर पर दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी साझेदारी को लेकर चर्चाएँ होने की उम्मीद है। प्रवासी भारतीय समुदाय की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को किस ठोस दिशा में ले जाती है।