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PM मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा: किसी भारतीय PM का पहला स्लोवाकिया दौरा, भारतीय समुदाय में उमंग

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PM मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा: किसी भारतीय PM का पहला स्लोवाकिया दौरा, भारतीय समुदाय में उमंग

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 14 जून को ब्रातिस्लावा पहुँचे और स्लोवाकिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले भारतीय PM बन गए। इस ऐतिहासिक दौरे ने वहाँ बसे भारतीय पेशेवरों और समुदाय सदस्यों में उत्साह की लहर जगा दी है, साथ ही भारत-स्लोवाकिया व्यापार व तकनीकी सहयोग की नई उम्मीदें भी जगाई हैं।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून 2025 को ब्रातिस्लावा पहुँचे — स्लोवाकिया का दौरा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
पिछली राष्ट्रपति यात्रा के दौरान स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय के करीब 6,000 सदस्य एकत्र हुए थे; इस बार संख्या अधिक रहने की उम्मीद है।
स्लोवाकिया में बसे भारतीय मुख्यतः आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और व्यवसाय क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
समुदाय सदस्यों ने भारत-स्लोवाकिया के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ने की उम्मीद जताई।
समुदाय के सदस्य अविनाश विजय कुमार पिछले 18 वर्षों से ब्रातिस्लावा में रह रहे हैं और इस दौरे को 'ऐतिहासिक पल' बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून 2025 को ब्रातिस्लावा पहुँचे, और इसी के साथ वे स्लोवाकिया की धरती पर कदम रखने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। इस ऐतिहासिक दौरे ने स्लोवाकिया में बसे हज़ारों प्रवासी भारतीयों में उत्साह और गर्व की एक नई लहर जगा दी है।

ऐतिहासिक पल: पहली बार कोई भारतीय PM स्लोवाकिया में

यह यात्रा महज़ एक राजनयिक दौरा नहीं है — स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह दशकों की प्रतीक्षा का फल है। पिछले 18 वर्षों से ब्रातिस्लावा में रह रहे अविनाश विजय कुमार ने कहा, 'यह हमारे लिए ऐतिहासिक पल है और हम बहुत खुश हैं कि प्रधानमंत्री मोदी यहाँ आए हैं। यहाँ भारतीयों के लिए पहले से ही कई मौके बन चुके हैं।' गौरतलब है कि इससे पहले भारत के राष्ट्रपति भी स्लोवाकिया का दौरा कर चुके हैं, जिसके बाद से यहाँ भारतीय समुदाय की संख्या और सक्रियता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

समुदाय की आवाज़ें: गर्व और उम्मीद

केरल के तिरुवनंतपुरम से आए आकाश, जो पिछले चार वर्षों से AT&T कंपनी में टेक्निकल असिस्टेंट के रूप में कार्यरत हैं, ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मैं बहुत उत्साहित हूँ क्योंकि यह पहली बार है जब मैं अपने देश के प्रधानमंत्री से मिल रहा हूँ। यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।' समुदाय के सदस्य मनोज वाघले ने इस दौरे को कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, 'स्लोवाकिया में कंपनियाँ भारतीय कर्मचारियों को बहुत महत्व देती हैं,' और उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के और विस्तार की उम्मीद जताई।

समुदाय के एक अन्य सदस्य दर्शन ने बताया कि जब पिछली बार राष्ट्रपति का दौरा हुआ था, तब स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय के करीब 6,000 सदस्य एकत्र हुए थे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के इस दौरे में भागीदारी उससे भी अधिक रहने की संभावना है।

विदेश नीति और वैश्विक छवि को सराहा

लखनऊ से आए एक समुदाय सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया भर में मज़बूत द्विपक्षीय रिश्ते बनाए हैं, और उनके विदेश दौरों की संख्या और प्रभाव किसी भी पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री से अधिक रही है। एक अन्य समुदाय सदस्य ने मोदी सरकार की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा, 'उन्होंने सभी के साथ दोस्ताना रिश्ते मज़बूत किए हैं... दुनिया भर में उन्हें जो सम्मान मिलता है, उससे हमें बहुत गर्व महसूस होता है।'

भारत-स्लोवाकिया सहयोग की संभावनाएँ

स्लोवाकिया में बसे भारतीय मुख्यतः आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और व्यवसाय के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि इस यात्रा से भारत-स्लोवाकिया के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। प्रवासी भारतीय नियमित रूप से भारतीय त्योहार मनाते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं — प्रधानमंत्री के दौरे ने उन्हें एकजुट होने का एक नया और ऐतिहासिक अवसर दिया है।

आगे क्या

यह दौरा भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। कथित तौर पर दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीकी साझेदारी को लेकर चर्चाएँ होने की उम्मीद है। प्रवासी भारतीय समुदाय की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को किस ठोस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह यात्रा ठोस समझौतों और प्रवासी भारतीयों के लिए नीतिगत राहत में कितनी तब्दील होती है। समुदाय की भावनाएँ उत्साहपूर्ण हैं, पर व्यापार और वीज़ा सुविधाओं पर ध्यान देना ज़रूरी है। यह दौरा यूरोप में भारत की 'नेबरहुड-प्लस' कूटनीति का विस्तार है, जो परंपरागत शक्तिशाली देशों से परे छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों तक पहुँच बना रही है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या PM मोदी स्लोवाकिया जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं?
हाँ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून 2025 को ब्रातिस्लावा पहुँचे और स्लोवाकिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए। इससे पहले भारत के राष्ट्रपति स्लोवाकिया का दौरा कर चुके थे।
स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय किन क्षेत्रों में काम करता है?
स्लोवाकिया में बसे भारतीय मुख्यतः आईटी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और व्यवसाय के क्षेत्रों में सक्रिय हैं। स्लोवाकियाई कंपनियाँ भारतीय कुशल पेशेवरों को उच्च महत्व देती हैं।
PM मोदी की स्लोवाकिया यात्रा से क्या उम्मीदें हैं?
समुदाय सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि इस यात्रा से भारत-स्लोवाकिया के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। कथित तौर पर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चाएँ भी होने की उम्मीद है।
ब्रातिस्लावा में भारतीय समुदाय कितना बड़ा है?
समुदाय सदस्य दर्शन के अनुसार, पिछली राष्ट्रपति यात्रा के दौरान स्लोवाकिया में भारतीय समुदाय के करीब 6,000 सदस्य एकत्र हुए थे। PM मोदी के दौरे में यह संख्या और अधिक रहने की उम्मीद जताई गई है।
मोदी सरकार की किन नीतियों की प्रवासी भारतीयों ने सराहना की?
स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों ने विदेश में बसे भारतीयों के कल्याण, भारत की वैश्विक पहुँच और सक्रिय विदेश नीति की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों ने भारत की वैश्विक छवि को मज़बूत किया है।
राष्ट्र प्रेस
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