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भारत-स्लोवाकिया रक्षा समझौते पर चर्चा तेज, PM मोदी का ऐतिहासिक पहला द्विपक्षीय दौरा

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भारत-स्लोवाकिया रक्षा समझौते पर चर्चा तेज, PM मोदी का ऐतिहासिक पहला द्विपक्षीय दौरा

सारांश

किसी भारतीय प्रधानमंत्री का स्लोवाकिया में यह पहला द्विपक्षीय दौरा महज कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है। रक्षा व्यापक समझौते की संभावना, 1.6 बिलियन यूरो का व्यापार और 'मेक इन इंडिया' में स्लोवाक निवेश — यह यात्रा भारत-यूरोप संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे — किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला द्विपक्षीय दौरा है।
भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय व्यापार 2024 में 1 बिलियन यूरो और 2025 में 1.6 बिलियन यूरो तक पहुँचा।
1995 के रक्षा समझौते के अतिरिक्त एक व्यापक रक्षा समझौते पर वार्ता जारी; यात्रा के दौरान घोषणा संभव।
स्लोवाकिया की कंपनी टाट्रा वैगोन्का पॉप्राड ने ओडिशा में निवेश घोषित किया; ग्रैंड पावर ने कोयंबटूर में रक्षा परिचालन शुरू किया।
पिछले तीन वर्षों में 5 बड़े स्लोवाक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत यात्रा कर चुके हैं।
क्वांटम, एआई, शिक्षा और ग्रीन वॉटर टेक्नोलॉजी में सहयोग के नए क्षेत्र खुलने की संभावना।

स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने 13 जून 2026 को पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आने वाले हैं — यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का स्लोवाकिया में पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। राजदूत ने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में एक व्यापक समझौते पर सक्रिय चर्चा जारी है और इस यात्रा के दौरान कोई बड़ा ऐलान संभव है।

ऐतिहासिक दौरे का महत्व

राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने कहा, "इस यात्रा से न केवल हमारे राजनीतिक संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि हमारे आर्थिक, रक्षा और लोगों के बीच जुड़ाव के भी मजबूत होने की बहुत आशाएं हैं। क्वांटम, एआई, शिक्षा के क्षेत्र में हमारे सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।" यह दौरा भारत-यूरोप कूटनीतिक संबंधों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आर्थिक संबंधों में तेज उछाल

राजदूत ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2024 में पहली बार द्विपक्षीय व्यापार ने 1 बिलियन यूरो का आँकड़ा पार किया, और 2025 में यह बढ़कर 1.6 बिलियन यूरो हो गया। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और मोबाइल जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग जारी है। टाटा मोटर्स के जगुआर लैंड रोवर का भी स्लोवाकिया में निवेश है। गौरतलब है कि ग्रीन वॉटर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सहयोग की व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं।

रक्षा सहयोग: नया अध्याय

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों पर राजदूत ने कहा कि पूर्व चेकोस्लोवाकिया के समय से भारत के साथ रक्षा सहयोग की मजबूत नींव रही है। 1995 के भारत-स्लोवाकिया रक्षा समझौते के अतिरिक्त, अब एक व्यापक रक्षा समझौते पर वार्ता चल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस संदर्भ में कोई ठोस घोषणा हो सकती है। ग्रैंड पावर ने पहले ही रक्षा क्षेत्र में कोयंबटूर में परिचालन शुरू कर दिया है।

मेक इन इंडिया में स्लोवाकिया की भूमिका

पीएम मोदी स्लोवाकिया की कई प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मुलाकात करेंगे। स्लोवाकिया की कंपनी टाट्रा वैगोन्का पॉप्राड ने ओडिशा में निवेश की घोषणा की है, जबकि उत्तर प्रदेश में एनवीएन समूह का एक बायोएथनॉल फ्यूल प्लांट स्थापित है। पिछले तीन वर्षों में लगभग 5 बड़े स्लोवाक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत यात्रा कर चुके हैं। राजदूत को उम्मीद है कि पीएम मोदी से मुलाकात के बाद और कंपनियाँ भारत में निवेश के लिए प्रेरित होंगी।

आगे की राह

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'मेक इन इंडिया' और रक्षा आत्मनिर्भरता नीतियों के तहत यूरोपीय भागीदारों के साथ संबंध गहरे कर रहा है। रक्षा व्यापक समझौते की घोषणा, यदि होती है, तो यह दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को नई दिशा देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आधार अभी भी छोटा है — भारत-जर्मनी व्यापार इससे दस गुना से अधिक है। असली परीक्षा रक्षा व्यापक समझौते की है: क्या यह केवल एक नीतिगत ढाँचा होगा या इसमें सत्यापन-योग्य सह-उत्पादन लक्ष्य भी शामिल होंगे? चेकोस्लोवाकिया-युग के रक्षा संबंधों का संदर्भ उत्साहजनक है, पर 1993 के बाद दशकों की निष्क्रियता को पाटना होगा। यदि यह यात्रा केवल CEO बैठकों और इरादे-पत्रों तक सीमित रही, तो 'ऐतिहासिक' का तमगा जल्दी फीका पड़ सकता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का स्लोवाकिया दौरा क्यों ऐतिहासिक है?
यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का स्लोवाकिया में पहला द्विपक्षीय आधिकारिक दौरा है। इससे पहले दोनों देशों के बीच इस स्तर की राजनीतिक यात्रा कभी नहीं हुई थी।
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा समझौते की स्थिति क्या है?
दोनों देशों के बीच 1995 का रक्षा समझौता पहले से मौजूद है। अब एक व्यापक रक्षा समझौते पर चर्चा जारी है और PM मोदी की यात्रा के दौरान इससे संबंधित घोषणा संभव बताई जा रही है।
भारत-स्लोवाकिया के बीच व्यापार कितना है?
द्विपक्षीय व्यापार 2024 में पहली बार 1 बिलियन यूरो के पार गया और 2025 में बढ़कर 1.6 बिलियन यूरो हो गया। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और मोबाइल प्रमुख क्षेत्र हैं।
स्लोवाकिया की कौन-सी कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं?
टाट्रा वैगोन्का पॉप्राड ने ओडिशा में निवेश की घोषणा की है, एनवीएन समूह का उत्तर प्रदेश में बायोएथनॉल फ्यूल प्लांट है, और ग्रैंड पावर ने कोयंबटूर में रक्षा क्षेत्र में परिचालन शुरू किया है। टाटा मोटर्स के जगुआर लैंड रोवर का भी स्लोवाकिया में निवेश है।
मेक इन इंडिया में स्लोवाकिया की क्या भूमिका हो सकती है?
राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव के अनुसार स्लोवाकिया मेक इन इंडिया में एक महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है। रक्षा, ऑटोमोबाइल, ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्वांटम-एआई जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं हैं और कई कंपनियाँ पहले से सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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