हैदराबाद में गणेश चतुर्थी: 'विकसित भारत 2047' थीम पर स्थापित हुई भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के उप्पुगुडा स्थित ललिता बाग में मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने 13 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'विकसित भारत 2047' थीम पर भगवान गणेश की विशेष प्रतिमा स्थापित की। देशभक्ति और आस्था के इस अनूठे संगम ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों का ध्यान समान रूप से आकर्षित किया है।
मूर्ति और पंडाल की विशेषताएँ
इस वर्ष पंडाल को विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुसार सजाया गया है, जिसमें बैलगाड़ी से लेकर बुलेट ट्रेन तक के नमूने एक साथ प्रदर्शित किए गए हैं — जो भारत के पारंपरिक अतीत से आधुनिक भविष्य की यात्रा को दर्शाते हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा को इस वर्ष कवच (आर्मर) के रूप में तैयार किया गया है, जो देशभक्ति का प्रतीक है।
पंडाल की दीवारों को मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं अन्य विकास कार्यों को दर्शाने वाले पोस्टरों से सजाया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले दो दशकों की विकास योजनाओं की झलक प्रस्तुत करते हैं।
आयोजकों की बात
विकसित भारत थीम पर पंडाल तैयार करने वाले श्रीकांत ने कहा, 'हम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की तर्ज पर गणेशजी की मूर्ति की स्थापना की है। विकसित भारत के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए इस बार विकसित भारत 2047 थीम पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की है। 2047 में भारत कैसा होगा, इसको देखते हुए हमने पंडाल और गणेशजी की मूर्ति बनाई है। हमने देश और गणेश भक्ति को एक साथ लाने की कोशिश की है।'
सुशील कुमार ने कहा, '2047 में भारत कैसा रहेगा, कितना आगे जाएगा, उसे दिखाने की कोशिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 20 वर्षों में जो कार्य करने की योजना बना रहे हैं, वह हम पोस्टर के ज़रिए दिखा रहे हैं।'
पिछले वर्ष का ऑपरेशन सिंदूर थीम
गौरतलब है कि 2025 में इसी एसोसिएशन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की थीम पर गणेश प्रतिमा एवं पंडाल को सजाया था, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा था। इस वर्ष उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय विकास दृष्टिकोण को केंद्र में रखा गया है। सुशील कुमार के अनुसार, 'देशभक्ति और भगवान भक्ति सभी में जागृत हो, इसलिए इस बार इस थीम को चुना गया है।'
आगामी कार्यक्रम
अगले 11 दिनों तक पंडाल में पूजा-हवन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ की विशेष स्मृति के रूप में मनाया जा रहा है, जो इस क्षेत्र में एसोसिएशन की आधी सदी की सांस्कृतिक सेवा का प्रमाण है।