13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद में गणेश चतुर्थी: 'विकसित भारत 2047' थीम पर स्थापित हुई भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद में गणेश चतुर्थी: 'विकसित भारत 2047' थीम पर स्थापित हुई भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा

सारांश

हैदराबाद के उप्पुगुडा में इस बार गणेश चतुर्थी सिर्फ आस्था का उत्सव नहीं — बल्कि 2047 के भारत की झलक भी है। बैलगाड़ी से बुलेट ट्रेन तक के नमूनों के साथ 'विकसित भारत' थीम पर सजे इस पंडाल ने देशभक्ति और गणेश भक्ति को एक मंच पर ला दिया है।

मुख्य बातें

मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने हैदराबाद के ललिता बाग में 'विकसित भारत 2047' थीम पर गणेश प्रतिमा स्थापित की।
गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ पर इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व रखता है।
पंडाल में बैलगाड़ी से बुलेट ट्रेन तक के नमूने प्रदर्शित किए गए हैं, जो भारत के विकास की यात्रा को दर्शाते हैं।
2025 में इसी एसोसिएशन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम पर पंडाल सजाया था, जिसे व्यापक सराहना मिली थी।
अगले 11 दिनों तक पूजा-हवन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

हैदराबाद के उप्पुगुडा स्थित ललिता बाग में मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने 13 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 'विकसित भारत 2047' थीम पर भगवान गणेश की विशेष प्रतिमा स्थापित की। देशभक्ति और आस्था के इस अनूठे संगम ने श्रद्धालुओं और आगंतुकों का ध्यान समान रूप से आकर्षित किया है।

मूर्ति और पंडाल की विशेषताएँ

इस वर्ष पंडाल को विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुसार सजाया गया है, जिसमें बैलगाड़ी से लेकर बुलेट ट्रेन तक के नमूने एक साथ प्रदर्शित किए गए हैं — जो भारत के पारंपरिक अतीत से आधुनिक भविष्य की यात्रा को दर्शाते हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा को इस वर्ष कवच (आर्मर) के रूप में तैयार किया गया है, जो देशभक्ति का प्रतीक है।

पंडाल की दीवारों को मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं अन्य विकास कार्यों को दर्शाने वाले पोस्टरों से सजाया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले दो दशकों की विकास योजनाओं की झलक प्रस्तुत करते हैं।

आयोजकों की बात

विकसित भारत थीम पर पंडाल तैयार करने वाले श्रीकांत ने कहा, 'हम लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की तर्ज पर गणेशजी की मूर्ति की स्थापना की है। विकसित भारत के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए इस बार विकसित भारत 2047 थीम पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की है। 2047 में भारत कैसा होगा, इसको देखते हुए हमने पंडाल और गणेशजी की मूर्ति बनाई है। हमने देश और गणेश भक्ति को एक साथ लाने की कोशिश की है।'

सुशील कुमार ने कहा, '2047 में भारत कैसा रहेगा, कितना आगे जाएगा, उसे दिखाने की कोशिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 20 वर्षों में जो कार्य करने की योजना बना रहे हैं, वह हम पोस्टर के ज़रिए दिखा रहे हैं।'

पिछले वर्ष का ऑपरेशन सिंदूर थीम

गौरतलब है कि 2025 में इसी एसोसिएशन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की थीम पर गणेश प्रतिमा एवं पंडाल को सजाया था, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा था। इस वर्ष उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय विकास दृष्टिकोण को केंद्र में रखा गया है। सुशील कुमार के अनुसार, 'देशभक्ति और भगवान भक्ति सभी में जागृत हो, इसलिए इस बार इस थीम को चुना गया है।'

आगामी कार्यक्रम

अगले 11 दिनों तक पंडाल में पूजा-हवन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ की विशेष स्मृति के रूप में मनाया जा रहा है, जो इस क्षेत्र में एसोसिएशन की आधी सदी की सांस्कृतिक सेवा का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति का एक छोटा लेकिन सटीक उदाहरण है — जहाँ आस्था को राष्ट्रीय आकांक्षाओं से जोड़ा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से विकसित भारत 2047 तक का सफर बताता है कि गणेश उत्सव अब सामाजिक-राजनीतिक संवाद का एक माध्यम भी बन चुका है। हालाँकि, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धार्मिक आयोजनों में राजनीतिक विजन को इस तरह मंच देना सांप्रदायिक उत्सवों की मूल भावना से मेल खाता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विकसित भारत 2047' थीम वाला गणेश पंडाल कहाँ स्थापित किया गया है?
यह पंडाल हैदराबाद के उप्पुगुडा स्थित ललिता बाग में मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा स्थापित किया गया है। यहाँ 'विकसित भारत 2047' थीम पर भगवान गणेश की विशेष प्रतिमा स्थापित की गई है।
इस पंडाल की खास बात क्या है?
पंडाल में बैलगाड़ी से लेकर बुलेट ट्रेन तक के नमूने एक साथ प्रदर्शित किए गए हैं, जो भारत के पारंपरिक अतीत से आधुनिक भविष्य की यात्रा को दर्शाते हैं। भगवान गणेश की प्रतिमा को कवच (आर्मर) के रूप में तैयार किया गया है और मैन्युफैक्चरिंग तथा कृषि विकास दर्शाने वाले पोस्टरों से मंडप सजाया गया है।
गणेश चतुर्थी की 50वीं वर्षगांठ क्यों खास है?
मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन इस वर्ष अपनी गणेश चतुर्थी आयोजन की 50वीं वर्षगांठ मना रही है, जो इस क्षेत्र में एसोसिएशन की आधी सदी की सांस्कृतिक सेवा का प्रमाण है। इस अवसर पर 11 दिनों तक पूजा-हवन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पिछले वर्ष इस एसोसिएशन ने कौन-सी थीम चुनी थी?
2025 में मल्लिकार्जुन नगर यूथ वेलफेयर एसोसिएशन ने 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम पर गणेश प्रतिमा और पंडाल सजाया था, जिसे श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने खूब सराहा था। इस वर्ष उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 'विकसित भारत 2047' को केंद्र में रखा गया है।
पंडाल में आगामी 11 दिनों में क्या कार्यक्रम होंगे?
आगामी 11 दिनों तक पंडाल में प्रतिदिन पूजा-हवन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य देशभक्ति और भगवान भक्ति को एक मंच पर लाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले