PM मोदी स्लोवाकिया दौरे पर: ब्रातिस्लावा के स्वागत को बताया 'वाकई खास', 'कोपानिसियारिक' लोक प्रस्तुति की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान ब्रातिस्लावा में मिले भव्य स्वागत और वहाँ की समृद्ध लोक संस्कृति से गहरा प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट साझा करते हुए भारतीय समुदाय के स्नेह और स्लोवाकिया की सांस्कृतिक विरासत को सराहा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा है।
ब्रातिस्लावा में ऐतिहासिक स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर ब्रातिस्लावा पहुँचे। होटल पहुँचने पर स्लोवाक गणराज्य के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने उनका स्वागत किया। स्लोवाक परंपरा के अनुसार उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया, जो वहाँ की संस्कृति में सद्भावना और मित्रता का प्रतीक है।
मोदी ने इस स्वागत पर एक्स पर लिखा, 'रविवार शाम ब्रातिस्लावा में मिला स्वागत वाकई बहुत खास था। मैं भारतीय समुदाय के स्नेह और गर्मजोशी के लिए उनका आभारी हूँ। ऐसे भाव हमारे लोगों के बीच के गहरे रिश्तों को दर्शाते हैं व भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को और मजबूत करते हैं।'
लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत
प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया के म्यावा क्षेत्र के प्रसिद्ध 'कोपानिसियारिक' ग्रुप की लोक प्रस्तुति देखी और उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'स्लोवाकिया के म्यावा क्षेत्र के कोपानिसियारिक ग्रुप की शानदार प्रस्तुति देखी। इस तरह की लोक परंपराएं संस्कृति और इतिहास को संजोकर रखने में मदद करती हैं।'
यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि मोदी ने पहले भी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान स्थानीय कला एवं संस्कृति के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि लोक परंपराओं को लेकर भारत और स्लोवाकिया दोनों देशों में समान संवेदनशीलता देखी जाती है, जो सांस्कृतिक कूटनीति का एक सशक्त माध्यम बन सकती है।
'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगाँठ पर विशेष क्षण
दौरे का एक भावुक पल तब आया जब लुक्निका एन्सेम्बल की टीम ने ब्रातिस्लावा में स्वागत समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' गाया। मोदी ने इसे विशेष रूप से उल्लेखनीय बताते हुए लिखा, 'यह ऐसे समय में हो रहा है जब हम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं और भारत के इतिहास व स्वतंत्रता संग्राम में इसके शानदार योगदान को याद कर रहे हैं।'
भारत-स्लोवाकिया संबंधों में ऐतिहासिक मील का पत्थर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी दी कि स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा है, जो भारत-स्लोवाकिया संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इस दौरे से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे तथा साझेदारी के नए रास्ते खुलेंगे।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने की कोशिश कर रहा है। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य देश है और रणनीतिक दृष्टि से भारत के लिए यह संबंध महत्त्वपूर्ण हो सकता है।
आगे क्या
दो दिवसीय इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी के स्लोवाकिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता की उम्मीद है। इस यात्रा से व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है।