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मोदी-फिको ब्रातिस्लावा वार्ता: भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय सहयोग पर बड़ी बैठक

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मोदी-फिको ब्रातिस्लावा वार्ता: भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय सहयोग पर बड़ी बैठक

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की ब्रातिस्लावा यात्रा केवल कूटनीतिक नहीं रही — स्लोवाकिया के 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' की आध्यात्मिक प्रस्तुति ने इसे सांस्कृतिक रंग दे दिया। पीएम फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता और भारतीय परंपराओं को यूरोप में मिली यह पहचान, दोनों मिलकर इस दौरे को यादगार बनाते हैं।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने 16 जून 2025 को ब्रातिस्लावा में द्विपक्षीय वार्ता की।
मोदी 15 जून को स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर ब्रातिस्लावा पहुँचे; औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
स्लोवाकिया के 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' ने स्वागत कार्यक्रम में आध्यात्मिक प्रस्तुति दी; मोदी ने "ओम शांति" कहकर कलाकारों का अभिवादन किया।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "यह पहल भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करती है।" समूह के संस्थापक मेरेक जिलिनेक को मोदी ने व्यक्तिगत रूप से बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने सोमवार, 16 जून 2025 को ब्रातिस्लावा में द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा हुई। स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी का राजधानी ब्रातिस्लावा में औपचारिक स्वागत किया गया।

औपचारिक स्वागत और द्विपक्षीय बैठक

प्रधानमंत्री मोदी रविवार, 15 जून को ब्रातिस्लावा पहुँचे। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फिको ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया, जिसके बाद औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित हुआ। सोमवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक में आपसी सहयोग के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट की आध्यात्मिक प्रस्तुति

स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम स्लोवाकिया के आध्यात्मिक संगीत समूह 'महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट' का हिस्सा था। समूह के सदस्यों को 'शंभू-शंभू' का जाप करते और विभिन्न वाद्य यंत्रों की संगत में प्रस्तुति देते देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी भी ताली बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते दिखे और प्रस्तुति के समापन पर "ओम शांति" कहकर उनका अभिवादन किया।

पीएम मोदी ने एक्स पर साझा की भावनाएँ

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने लिखा, "यह पहल भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करती है।" मोदी ने कहा कि वे इस समूह की कला से प्रभावित हुए और यह देखकर प्रसन्नता हुई कि टीम भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, संस्कृत मंत्रों और भारत की सांस्कृतिक विरासत से गहराई से प्रेरित है।

मेरेक जिलिनेक: भारतीय संस्कृति के स्लोवाक दूत

महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट के संस्थापक मेरेक जिलिनेक एक ड्रमर हैं जिन्होंने भारत यात्रा से प्रेरित होकर भारतीय भजनों, मंत्रों और कीर्तन को स्लोवाकिया के दर्शकों तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने मेरेक और उनकी पूरी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। मेरेक ने भी भारतीय दूतावास की ओर से मिले इस अवसर को सुखद बताते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में इन पलों को साझा किया।

भारत-स्लोवाकिया संबंधों का महत्व

यह यात्रा भारत और मध्य यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। गौरतलब है कि स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और भारत के लिए यूरोप में एक उभरता हुआ साझेदार देश। इस द्विपक्षीय वार्ता से दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर खुलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ संस्कृत मंत्र और कीर्तन मध्य यूरोप में भारत का परिचय बन रहे हैं। हालाँकि, द्विपक्षीय वार्ता के ठोस परिणामों — व्यापार समझौते, तकनीकी साझेदारी — का अभी तक कोई विवरण सामने नहीं आया है, जो इस यात्रा के दीर्घकालिक कूटनीतिक प्रभाव पर सवाल खड़ा करता है। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और भारत के लिए यूरोप में पैठ बनाने का एक संभावित द्वार — लेकिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परे, इस दौरे की व्यापारिक उपलब्धियाँ स्पष्ट होने पर ही इसकी वास्तविक सफलता आँकी जा सकेगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी और स्लोवाकिया के पीएम फिको की ब्रातिस्लावा वार्ता कब हुई?
यह द्विपक्षीय वार्ता 16 जून 2025 को ब्रातिस्लावा में हुई। प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर 15 जून को पहुँचे थे।
महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट क्या है?
महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट स्लोवाकिया का एक आध्यात्मिक संगीत समूह है, जिसकी स्थापना ड्रमर मेरेक जिलिनेक ने की है। भारत यात्रा से प्रेरित होकर मेरेक ने भारतीय भजनों, संस्कृत मंत्रों और कीर्तन को स्लोवाकिया के दर्शकों तक पहुँचाने का काम शुरू किया।
पीएम मोदी ने महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'यह पहल भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करती है।' उन्होंने समूह के संस्थापक मेरेक जिलिनेक और पूरी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई भी दी।
भारत-स्लोवाकिया द्विपक्षीय वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। स्लोवाकिया यूरोपीय संघ का सदस्य होने के नाते भारत के लिए यूरोप में एक महत्वपूर्ण साझेदार देश माना जाता है।
पीएम मोदी की स्लोवाकिया यात्रा का क्या महत्व है?
यह यात्रा भारत और मध्य यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव की कड़ी में एक अहम पड़ाव है। इससे व्यापार, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर खुलने की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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