ब्रातिस्लावा में स्लोवाक बच्चों का योग प्रदर्शन, PM मोदी बोले — 'युवाओं को योग अपनाते देख खुशी हुई'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2026 को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को योग अपनाते देखना बेहद सुखद अनुभव है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से कुछ दिन पहले आयोजित इस कार्यक्रम में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भी उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए मोदी ने लिखा, 'राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और मैं स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों का खास योग प्रदर्शन देखकर बहुत खुश हुए। जैसे-जैसे दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आ रही है, युवाओं को योग अपनाते देखना बहुत अच्छा लग रहा है। यह देखकर भी खुशी हो रही है कि योग लोगों को सेहत की साझा कोशिश में साथ ला रहा है।'
इससे एक दिन पहले, सोमवार को स्लोवाकिया के प्रेसिडेंशियल पैलेस में एक योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें स्लोवाकिया के युवाओं ने दोनों नेताओं की उपस्थिति में योगाभ्यास किया।
सांस्कृतिक जुड़ाव पर ज़ोर
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों पर विशेष ध्यान दिया। मंत्रालय के अनुसार, 'दोनों नेताओं ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक तालमेल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के माध्यम के रूप में योग की व्यापक स्वीकार्यता को रेखांकित किया।'
उपनिषदों के अनुवादक से मुलाकात
इसी दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसिद्ध स्लोवाक विद्वान डॉ. रॉबर्ट गैफ्रिक से भी भेंट की, जिन्होंने उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोदी ने कहा, 'कल शाम ब्रातिस्लावा में मैं डॉ. रॉबर्ट गैफ्रिक से मिला, जिन्होंने उपनिषदों का स्लोवाक में अनुवाद करने के प्रयासों का नेतृत्व किया है। भारतीय इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता के लिए उनका जुनून तारीफ के काबिल है।'
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विचार सर्वप्रथम प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान प्रस्तुत किया था। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिलने के बाद 11 दिसंबर 2014 को आधिकारिक रूप से इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। उत्तरी गोलार्ध में यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है।
आगे की राह
यह दौरा भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक कूटनीति को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है। योग के माध्यम से जन-जन तक भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की पहुँच बढ़ाने की यह पहल आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत बना सकती है।