मोदी के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम, कांग्रेस के जीतू पटवारी ने उठाए महंगाई-बेरोजगारी के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन (17 सितंबर 2026) के अवसर पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल रहे। इस आयोजन पर कांग्रेस के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दीया जलाने से पहले जनता के सवालों का अंधेरा दूर करना भी ज़रूरी है।
क्या है 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम
BJP ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की है, जो एक माह तक चलेगा। इसी कड़ी में उज्जैन में 17 सितंबर को भव्य समारोह का आयोजन किया गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में यह कार्यक्रम सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़े जनसंपर्क अभियान की शुरुआत मानी जा रही है।
पटवारी की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को संबोधित करते हुए लिखा, 'आप प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' जलाने आ रहे हैं। लेकिन जरा सोचिए, यह दीया कहीं उस ताली-थाली की याद तो नहीं दिलाएगा, जो कोरोना के संकट के बीच बजवाई गई थी?' उन्होंने नोटबंदी का भी संदर्भ दिया और कहा कि 'यह दीया क्या वैसा ही है, जब प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की कतार में अपनी मां खड़ा करवा दिया?'
पटवारी ने व्यंग्यात्मक लहजे में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए आगे लिखा, 'क्या यह दृश्य उस दौर जैसा तो नहीं है, जब रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था?'
जनता की समस्याओं का ज़िक्र
जीतू पटवारी ने शर्तें गिनाते हुए कहा कि यदि 12 वर्षों में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, बेहतर सड़कें, युवाओं को रोज़गार और किसानों की आय में वृद्धि हुई हो, 'तो ज़रूर जलाइए दीया।' उन्होंने सवाल उठाया कि 'अगर आम आदमी आज भी महंगाई, बेरोज़गारी, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अव्यवस्था से जूझ रहा है, तो यह विकास का दीया है या जनता की तकलीफों पर रोशनी डालने की सियासी नौटंकी?'
शुभकामनाओं के साथ चेतावनी
पटवारी ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 'लोकतंत्र में दीया जलाने से पहले जनता के सवालों का अंधेरा दूर करना भी ज़रूरी है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब BJP अपने राष्ट्रीय सेवा अभियान के ज़रिए मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में जनसंपर्क को और मज़बूत करने की कोशिश में है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मोदी के जन्मदिन पर विपक्षी दलों ने जनमुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश की हो।