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हूती का दावा: यमन के मारिब में सऊदी हथियारबंद टोही ड्रोन और दो F-15 जेट किए ध्वस्त

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हूती का दावा: यमन के मारिब में सऊदी हथियारबंद टोही ड्रोन और दो F-15 जेट किए ध्वस्त

सारांश

हूती विद्रोहियों ने मारिब में सऊदी ड्रोन और दो F-15 जेट को ध्वस्त करने का दावा किया है — और साथ ही मोचा बंदरगाह व मायून द्वीप पर कब्जे से बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर उनकी पकड़ और मजबूत हुई है। यह वैश्विक शिपिंग के लिए नई चेतावनी है।

मुख्य बातें

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 17 सितंबर 2026 को मारिब प्रांत में सऊदी के एक हथियारबंद टोही ड्रोन को मार गिराने का दावा किया।
हूती ने दो सऊदी F-15 फाइटर जेट को खमीस मुशैत से उड़ने के बाद मोचा के ऊपर इंटरसेप्ट करने का भी दावा किया।
हूती के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में सऊदी गठबंधन ने उनके जिलों पर 450 से अधिक हमले किए।
हूती ने 10 सितंबर को मोचा बंदरगाह और 11 सितंबर को मायून द्वीप पर कब्जा किया — दोनों बाब अल-मंदाब के लिए रणनीतिक रूप से अहम।
यमन संघर्ष 2014 के अंत से जारी है; मार्च 2015 से सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हस्तक्षेप में है।

हूती विद्रोहियों ने कथित तौर पर यमन के उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक हथियारबंद टोही ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। 17 सितंबर 2026 को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी पर बुधवार शाम (स्थानीय समय) एक आधिकारिक बयान जारी किया। यह घटना यमन में सऊदी-हूती संघर्ष के फिर से भड़कने के बीच सामने आई है।

मुख्य घटनाक्रम

सरी ने अपने बयान में कहा, मारिब प्रांत के आकाश में उड़ रहे सऊदी के एक 'हथियारबंद टोही ड्रोन' को 'सही हथियार का इस्तेमाल करके' मार गिराया गया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई में स्थानीय स्तर पर निर्मित सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग किया गया।

इससे पहले, उसी दिन हूती की ओर से यह भी दावा किया गया कि दो सऊदी F-15 फाइटर जेट को भी इंटरसेप्ट किया गया। सरी के मुताबिक, ये दोनों लड़ाकू विमान दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत एयर बेस से उड़े थे और यमन के पश्चिमी ताइज में मोचा के ऊपर हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे। हूती के अनुसार इन्हें मिसाइलों से निशाना बनाने के बाद वे वापस लौट गए।

हूती के व्यापक दावे

हूती की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले कुछ दिनों में सऊदी गठबंधन ने उनके विभिन्न जिलों पर 450 से अधिक हमले किए हैं। गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और सऊदी अरब की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

लाल सागर तट पर हूती का विस्तार

हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में यमन के लाल सागर तट पर अपनी पकड़ और मजबूत की है। उन्होंने 10 सितंबर को रणनीतिक बंदरगाह नगर मोचा पर कब्जा किया और ठीक अगले दिन, 11 सितंबर को, बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के केंद्र में स्थित मायून द्वीप को भी अपने नियंत्रण में ले लिया। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है, जहाँ से वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में तब शुरू हुआ जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े भूभाग पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के पक्ष में सैन्य हस्तक्षेप किया। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष जारी है और हूती अब लाल सागर व्यापारिक मार्गों पर दबाव बनाए हुए हैं।

क्या होगा आगे

मोचा बंदरगाह और मायून द्वीप पर हूती के नियंत्रण से बाब अल-मंदाब मार्ग पर उनकी पकड़ और गहरी हो गई है, जो वैश्विक शिपिंग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि हूती इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखते हैं, तो यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी भू-राजनीतिक अहमियत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। मोचा और मायून द्वीप पर कब्जा बाब अल-मंदाब पर हूती की रणनीतिक पकड़ को और गहरा करता है — यह वही जलमार्ग है जो वैश्विक तेल और माल व्यापार के लिए जीवनरेखा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि हूती का सैन्य दावा-तंत्र प्रायः अतिरंजित होता है, लेकिन उनकी ज़मीनी बढ़त वास्तविक और सत्यापित है। यह संघर्ष अब केवल यमन का आंतरिक मामला नहीं रहा — यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा का सवाल बन चुका है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती विद्रोहियों ने मारिब में क्या किया?
हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने यमन के मारिब प्रांत के ऊपर सऊदी अरब के एक हथियारबंद टोही ड्रोन को स्थानीय निर्मित सतह-से-हवा मिसाइल से मार गिराया। यह दावा हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 17 सितंबर 2026 को अल-मसीराह टीवी पर किया।
क्या हूती ने सऊदी F-15 जेट भी मार गिराया?
हूती ने दावा किया कि खमीस मुशैत एयर बेस से उड़े दो सऊदी F-15 फाइटर जेट को मोचा के ऊपर इंटरसेप्ट किया गया। हालाँकि हूती के अनुसार जेट वापस लौट गए — उन्हें मार गिराने का दावा नहीं किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मायून द्वीप और मोचा बंदरगाह का क्या महत्व है?
मोचा यमन का एक रणनीतिक लाल सागर बंदरगाह है जिस पर हूती ने 10 सितंबर 2026 को कब्जा किया। मायून द्वीप बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के बीच स्थित है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है — यह वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
यमन में यह संघर्ष कब से चल रहा है?
यह संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ जब हूती विद्रोहियों ने सना और उत्तरी यमन पर कब्जा किया। मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया, और तब से यह संघर्ष जारी है।
क्या सऊदी अरब ने हूती के इन दावों पर प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब की ओर से हूती के इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हूती के सैन्य दावे अक्सर स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाते।
राष्ट्र प्रेस
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