हूती का दावा: मारिब के ऊपर सऊदी अरब का एफ-15 जेट मार गिराया, इस हफ्ते 450 से ज़्यादा हवाई हमले
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती विद्रोहियों ने बुधवार, 16 सितंबर को दावा किया कि उन्होंने मारिब प्रांत के हवाई क्षेत्र में सऊदी अरब के एक एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर निर्मित सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल से यह विमान नष्ट किया गया। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
मुख्य घटनाक्रम
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने एक बयान में कहा, 'यमन के मारिब प्रांत के ऊपर सऊदी अरब के एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया।' उनके अनुसार, लड़ाकू विमान उस समय मारिब प्रांत के हवाई क्षेत्र में 'आक्रामक कार्रवाई' कर रहा था। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि यह विमान मारिब के उत्तर-पश्चिम में माउंट हेलन के निकट मार गिराया गया।
450 से ज़्यादा हवाई हमलों का आरोप
सरी ने यह भी दावा किया कि इस सप्ताह अब तक सऊदी लड़ाकू विमानों ने ताइज, लाहज, अल-जौफ, हज्जा, मारिब, सादा और अल-बैदा सहित कई प्रांतों को निशाना बनाते हुए 450 से अधिक हवाई हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में आम नागरिक भी हताहत हुए हैं, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट
इससे पहले उसी दिन, इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का के इतिहास में पहली बार सऊदी सिविल डिफेंस ने संभावित हवाई हमले की चेतावनी देते हुए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। अलर्ट में निवासियों को निर्देश दिया गया कि वे सुरक्षित स्थानों पर घर के भीतर चले जाएँ और खतरा टलने तक खिड़कियों व दरवाज़ों से दूर रहें। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि संघर्ष किस हद तक बढ़ चुका है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन वर्षों से यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहा है। हूती समूह ईरान समर्थित माना जाता है और उसने पहले भी सऊदी ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमलों का दावा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों में तनाव में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
हूती का रुख और आगे की चेतावनी
सरी ने स्पष्ट किया कि हूती सशस्त्र समूह 'सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करके किसी भी हमले या उल्लंघन से अपने देश के हवाई क्षेत्र और संप्रभुता की रक्षा करना जारी रखेगा।' इस बयान को क्षेत्रीय विश्लेषक संघर्ष के और तीव्र होने की चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब सऊदी गठबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।