जम्मू-कश्मीर विकास के लिए केंद्र का फंड जारी, BJP सांसद सत पॉल शर्मा ने विपक्ष को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को श्रीनगर में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, चाहे वहाँ किसी भी दल की सरकार हो। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला और विभाजन की त्रासदी को याद रखने का आह्वान किया।
जम्मू-कश्मीर को केंद्र की वित्तीय सहायता
सांसद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों की ओर से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए लगातार धनराशि जारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र के मन में यह विचार बिल्कुल नहीं है कि वहाँ जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। उनके अनुसार, केंद्र की प्राथमिकता केवल यह है कि जम्मू-कश्मीर की जनता का हर हाल में भला हो और उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
राज्यसभा में उठी माँगों पर केंद्र का रुख
शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जो माँगें लगातार उठाई जाती हैं, उन पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद के पटल पर यह आश्वासन दिया है कि उचित समय आने पर वे इनका जवाब अवश्य देंगे। उन्होंने कहा, "हमें देश के प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है।" यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
विभाजन की विभीषिका को न भुलाने का आह्वान
सांसद शर्मा ने 14 अगस्त की तारीख का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग देश के विभाजन को उचित ठहराते हैं, उन्हें इस त्रासदी को हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाजन के दौरान डेढ़ करोड़ से अधिक लोग बेघर हुए, उनकी अरबों रुपए की संपत्ति छिन गई और छह लाख से अधिक लोगों की हत्याएँ हुईं। शर्मा ने कहा कि आज़ादी की खुशी के साथ-साथ उस दर्द को भी याद रखना ज़रूरी है जो अनगिनत लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए सहा।
विभाजन पर राजनीतिक टिप्पणी
शर्मा ने आरोप लगाया कि देश का विभाजन केवल दो नेताओं को संतुष्ट करने के लिए हुआ, जो अपने-अपने देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। उनके अनुसार, उन दो नेताओं की महत्त्वाकांक्षाओं की कीमत करोड़ों निर्दोष लोगों ने चुकाई। उन्होंने कहा कि विभाजन को सही ठहराने वाले किसी भी सूरत में सही नहीं हो सकते।
आगे क्या
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार और केंद्र के बीच विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है। BJP सांसद के इस बयान को केंद्र की विकास-केंद्रित छवि को रेखांकित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि केंद्रीय फंड का वास्तविक उपयोग किन परियोजनाओं में होता है।