15 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर विकास के लिए केंद्र का फंड जारी, BJP सांसद सत पॉल शर्मा ने विपक्ष को घेरा

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जम्मू-कश्मीर विकास के लिए केंद्र का फंड जारी, BJP सांसद सत पॉल शर्मा ने विपक्ष को घेरा

सारांश

BJP राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस पर दो मोर्चे खोले — केंद्र का जम्मू-कश्मीर को निर्बाध विकास फंड और विभाजन की त्रासदी को याद रखने का आह्वान। डेढ़ करोड़ बेघर, 6 लाख से अधिक की हत्या — यह आँकड़े उन्होंने उन लोगों के सामने रखे जो विभाजन को उचित ठहराते हैं।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को श्रीनगर में केंद्र सरकार की जम्मू-कश्मीर नीति का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार वहाँ किसी भी दल की सरकार होने पर भी विकास फंड जारी करती रहेगी।
विभाजन के दौरान डेढ़ करोड़ से अधिक लोग बेघर हुए और 6 लाख से अधिक की हत्याएँ हुईं — शर्मा ने इसे याद रखने का आह्वान किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाजन केवल दो नेताओं की प्रधानमंत्री बनने की महत्त्वाकांक्षा के कारण हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने संसद में आश्वासन दिया है कि उचित समय पर लंबित माँगों का जवाब दिया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने 15 अगस्त 2026 को श्रीनगर में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, चाहे वहाँ किसी भी दल की सरकार हो। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला और विभाजन की त्रासदी को याद रखने का आह्वान किया।

जम्मू-कश्मीर को केंद्र की वित्तीय सहायता

सांसद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों की ओर से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए लगातार धनराशि जारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र के मन में यह विचार बिल्कुल नहीं है कि वहाँ जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। उनके अनुसार, केंद्र की प्राथमिकता केवल यह है कि जम्मू-कश्मीर की जनता का हर हाल में भला हो और उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।

राज्यसभा में उठी माँगों पर केंद्र का रुख

शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जो माँगें लगातार उठाई जाती हैं, उन पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद के पटल पर यह आश्वासन दिया है कि उचित समय आने पर वे इनका जवाब अवश्य देंगे। उन्होंने कहा, "हमें देश के प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है।" यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

विभाजन की विभीषिका को न भुलाने का आह्वान

सांसद शर्मा ने 14 अगस्त की तारीख का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग देश के विभाजन को उचित ठहराते हैं, उन्हें इस त्रासदी को हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाजन के दौरान डेढ़ करोड़ से अधिक लोग बेघर हुए, उनकी अरबों रुपए की संपत्ति छिन गई और छह लाख से अधिक लोगों की हत्याएँ हुईं। शर्मा ने कहा कि आज़ादी की खुशी के साथ-साथ उस दर्द को भी याद रखना ज़रूरी है जो अनगिनत लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए सहा।

विभाजन पर राजनीतिक टिप्पणी

शर्मा ने आरोप लगाया कि देश का विभाजन केवल दो नेताओं को संतुष्ट करने के लिए हुआ, जो अपने-अपने देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। उनके अनुसार, उन दो नेताओं की महत्त्वाकांक्षाओं की कीमत करोड़ों निर्दोष लोगों ने चुकाई। उन्होंने कहा कि विभाजन को सही ठहराने वाले किसी भी सूरत में सही नहीं हो सकते।

आगे क्या

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार और केंद्र के बीच विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है। BJP सांसद के इस बयान को केंद्र की विकास-केंद्रित छवि को रेखांकित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि केंद्रीय फंड का वास्तविक उपयोग किन परियोजनाओं में होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर विभाजन की स्मृति को ताज़ा कर विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में धकेलना। लेकिन असली सवाल यह है कि जम्मू-कश्मीर को मिलने वाले केंद्रीय फंड का वास्तविक उपयोग किन परियोजनाओं में हो रहा है और उसका ज़मीनी असर क्या है — जिसका जवाब इस बयान में नहीं है। विभाजन की पीड़ा वास्तविक है, परंतु उसे चुनावी आख्यान में बदलने और ऐतिहासिक जिम्मेदारी की बहस को सरल बनाने की प्रवृत्ति पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद सत पॉल शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के विकास फंड पर क्या कहा?
सत पॉल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को बिना किसी भेदभाव के लगातार विकास फंड दे रही है, चाहे वहाँ किसी भी दल की सरकार हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता केवल जम्मू-कश्मीर की जनता का भला है।
जम्मू-कश्मीर में इस समय किस दल की सरकार है?
जम्मू-कश्मीर में इस समय जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। BJP सांसद शर्मा ने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार वहाँ विकास के लिए फंड जारी करती रहेगी।
सत पॉल शर्मा ने विभाजन की त्रासदी को लेकर क्या कहा?
शर्मा ने बताया कि 1947 के विभाजन में डेढ़ करोड़ से अधिक लोग बेघर हुए, उनकी अरबों रुपए की संपत्ति छिन गई और 6 लाख से अधिक लोगों की हत्याएँ हुईं। उन्होंने कहा कि जो लोग विभाजन को उचित ठहराते हैं, वे किसी भी सूरत में सही नहीं हो सकते।
शर्मा के अनुसार देश का विभाजन क्यों हुआ?
शर्मा ने आरोप लगाया कि विभाजन केवल दो नेताओं को संतुष्ट करने के लिए हुआ जो अपने-अपने देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। उनके अनुसार इन नेताओं की महत्त्वाकांक्षाओं की कीमत करोड़ों निर्दोष लोगों ने चुकाई।
जम्मू-कश्मीर से जुड़ी लंबित माँगों पर केंद्र का क्या रुख है?
BJP सांसद शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद के पटल पर आश्वासन दिया है कि उचित समय आने पर लंबित माँगों का जवाब दिया जाएगा। शर्मा ने कहा कि उन्हें देश के प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है।
राष्ट्र प्रेस
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