30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव का यूपी सरकार पर वार: 'हरा-लाल रंग मिला तो बदलेगा सत्ता का रंग', 2027 में किसानों को मुफ्त पानी का वादा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव का यूपी सरकार पर वार: 'हरा-लाल रंग मिला तो बदलेगा सत्ता का रंग', 2027 में किसानों को मुफ्त पानी का वादा

सारांश

अखिलेश यादव का हरे-लाल रंग का नारा महज़ प्रतीकवाद नहीं — यह 2027 से पहले किसान वोटबैंक को साधने की सुनियोजित रणनीति है। मुफ्त पानी, 48 घंटे में फसल भुगतान और राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग के संकेत — सपा ने एक साथ कई मोर्चे खोले हैं।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 30 सितंबर 2026 को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर BJP सरकार पर किसान उपेक्षा और चुनावी धाँधली का आरोप लगाया।
2027 में सपा सरकार बनने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी , सस्ती बिजली और 24 से 48 घंटे में फसल व गन्ने का भुगतान देने का वादा किया।
राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के बाद तीसरे प्रत्याशी की घोषणा 'संख्या बल पूरा होने पर' करने की बात कही।
दावा किया कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं; क्रॉस वोटिंग के संकेत दिए।
2022 के चुनाव में वोट काटे जाने और नोएडा में फर्जी वोट बनाए जाने का आरोप लगाया; पश्चिम बंगाल और बिहार में पुनर्मतदान कराने की माँग।
कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रहने की पुष्टि, सीटों का आधार 'केवल जीत' होगी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर किसानों की अनदेखी, चुनावी अनियमितताओं और प्रदेश के विकास को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जब किसानों का 'हरा रंग' और समाजवादियों का 'लाल रंग' मिलेगा, तब प्रदेश में सत्ता-परिवर्तन होगा।

हरे और लाल रंग का प्रतीकात्मक संदेश

अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि हरा रंग किसानों का प्रतीक है और लाल रंग क्रांति व समाजवाद का। उन्होंने कहा, 'जब दोनों रंग मिलेंगे तो पूरे प्रदेश में सपा का झंडा लहराएगा और सत्ता का रंग बदलेगा।' उन्होंने किसान आंदोलन के प्रमुख नेता महेंद्र सिंह टिकैत और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों और समाजवादियों की संयुक्त शक्ति प्रदेश की राजनीति की दिशा बदलने में सक्षम है।

किसानों के लिए 2027 में बड़े वादे

अखिलेश यादव ने घोषणा की कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी और सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल और गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खातों में पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा खेती में उपयोगी उपकरणों और मशीनों को सस्ता करने तथा दूध, तिलहन और दलहन क्षेत्र में प्रसंस्करण योजनाएँ शुरू करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी और सरसों प्रसंस्करण जैसी योजनाओं को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। सपा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नैनो खाद के पक्ष में नहीं है।

राज्यसभा चुनाव और क्रॉस वोटिंग के संकेत

राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर उठ रहे सवालों पर अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे ही पर्याप्त संख्या बल का आश्वासन मिलेगा, तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। सपा पहले ही प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी का नामांकन करा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं, हालाँकि पार्टी उन्हें कोई ऐसा वादा नहीं करना चाहती जिसे पूरा करना बाद में संभव न हो। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में जिसकी संख्या ज़्यादा हो, उसे अवसर मिलना चाहिए।' उद्योग जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाए जाने पर अखिलेश ने कहा कि सपा उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग लाना चाहती है, जिससे रोज़गार और आय दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के समाजवाद का हवाला देते हुए कहा कि उद्योग और समानता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।

चुनावी धाँधली के आरोप और न्यायिक हस्तक्षेप की माँग

अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर सपा समर्थकों के वोट काटे जाने का आरोप दोहराया। उन्होंने नोएडा में फर्जी वोट बनाए जाने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि अब इस मामले से जुड़ी खबरें मीडिया में आने लगी हैं और जनता को समझ आ रहा है कि यह मामला कितना गंभीर है। अखिलेश ने यह भी माँग की कि अदालत को पश्चिम बंगाल और बिहार में स्वतः संज्ञान लेकर दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था 'चढ़ावा चोरी' से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत विज़न से बनती है।

गठबंधन की स्थिति और 2027 की तैयारी

कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अखिलेश ने कहा कि 'जो गठबंधन था, वही रहेगा' और सीटों के बँटवारे का एकमात्र आधार 'जीत' होगी। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने भाजपा को परास्त किया था और 2027 में भाजपा का पूरी तरह सफाया किया जाएगा। उन्होंने भाजपा को 'पूँजीपतियों और धन्नासेठों की पार्टी' बताया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से संबंध पर उन्होंने कहा कि उनके साथ उनके संबंध अच्छे हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के संदर्भ में अखिलेश ने चुटकी ली कि उन्हें भी तय करना होगा कि हरे और लाल रंग का गमछा डालना है या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा की राजनीतिक सक्रियता तेज़ हो रही है और पार्टी वहाँ ऐतिहासिक प्रदर्शन का दावा कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा उनके किसान वादों की विश्वसनीयता की है — सपा के पिछले कार्यकाल (2012-17) में भी गन्ना भुगतान में देरी एक बड़ी शिकायत रही थी। राज्यसभा में भाजपा विधायकों के संपर्क का दावा अभी तक सत्यापन-योग्य नहीं है; यदि सच है, तो यह भाजपा के आंतरिक असंतोष का संकेत होगा, न कि महज़ चुनावी बयानबाज़ी। चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं, किंतु अखिलेश ने इनके समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया — जो इन दावों की राजनीतिक सीमा को रेखांकित करता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव के 'हरे और लाल रंग' से क्या मतलब है?
अखिलेश यादव के अनुसार हरा रंग किसानों का प्रतीक है और लाल रंग समाजवाद व क्रांति का। उनका कहना है कि जब ये दोनों रंग — यानी किसान वर्ग और समाजवादी शक्ति — एकजुट होंगे, तब उत्तर प्रदेश में सत्ता-परिवर्तन होगा। यह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा का केंद्रीय राजनीतिक संदेश है।
सपा ने 2027 में किसानों के लिए क्या-क्या वादे किए हैं?
अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि 2027 में सपा सरकार बनने पर किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी और सस्ती बिजली दी जाएगी। इसके अलावा फसल और गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर खातों में पहुँचाने, कृषि उपकरण सस्ते करने और डेयरी व सरसों प्रसंस्करण योजनाएँ शुरू करने का भी आश्वासन दिया गया है।
राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे प्रत्याशी की घोषणा कब होगी?
अखिलेश यादव ने कहा है कि जैसे ही पर्याप्त संख्या बल का आश्वासन मिलेगा, तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। सपा पहले ही प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी का नामांकन करा चुकी है।
अखिलेश यादव ने 2022 के चुनाव में धाँधली के क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में सपा समर्थकों के वोट काट दिए गए और नोएडा में फर्जी वोट बनाए गए। उन्होंने माँग की कि अदालत पश्चिम बंगाल और बिहार में स्वतः संज्ञान लेकर पुनर्मतदान पर विचार करे।
कांग्रेस के साथ सपा का गठबंधन 2027 में जारी रहेगा?
हाँ, अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पूर्व गठबंधन यथावत रहेगा। उन्होंने कहा कि सीटों के बँटवारे का एकमात्र आधार 'जीत' होगी और विपक्षी दल बाहर से अलग दिखें, लेकिन भीतर से एकजुट हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले