सपा में बड़ी जॉइनिंग पर अवधेश प्रसाद बोले — 'योगी सरकार से जनता का भरोसा उठ गया'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) में 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में बड़ी संख्या में अन्य दलों के नेताओं के शामिल होने का सिलसिला जारी रहा, जिस पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर सीधा हमला बोला। प्रसाद ने कहा कि सत्तारूढ़ दल से आम जनता — युवा, किसान और व्यापारी — सभी वर्ग निराश हो चुके हैं और यही कारण है कि लोग बड़ी तादाद में सपा का दामन थाम रहे हैं।
अवधेश प्रसाद का बयान: 'केवल अखिलेश पर बढ़ा भरोसा'
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'वर्तमान सरकार से आम लोगों का विश्वास उठ गया है। चाहे युवा हो, चाहे किसान हो, चाहे व्यापारी हो, सभी वर्ग निराश हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि आज अगर किसी एक नेता पर जनता का भरोसा बढ़ा है तो वह अखिलेश यादव हैं और उनकी नीतियों से प्रभावित होकर ही लोग सपा में आ रहे हैं।
सांसद नीरज मौर्य की प्रतिक्रिया और ओवैसी पर पलटवार
सपा सांसद नीरज मौर्य ने भी नई जॉइनिंग का स्वागत करते हुए कहा कि 'उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और इस बदलाव के लिए पूरे राज्य से लोग सपा से जुड़ रहे हैं।' एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर — कि सपा में मुसलमानों का सम्मान नहीं होता — मौर्य ने जवाब दिया, 'अगर वह भी चाहते हैं कि बदलाव हो और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हटाना चाहते हैं, तो उन्हें उत्तर प्रदेश में बिना किसी शर्त के समाजवादी पार्टी का साथ देना चाहिए।'
खड़गे के बयान पर भी सपा की राय
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए बयान पर सांसद नीरज मौर्य ने कहा, 'मुझे लग रहा है कि वह बहुत आक्रोश में यह बात कह गए। कोई भी ऐसी बात नहीं की जानी चाहिए।' यह टिप्पणी सपा के उस रुख को रेखांकित करती है जो विपक्षी एकजुटता के बावजूद व्यक्तिगत आक्षेपों से दूरी बनाती है।
साइकिल बांटने पर रोक और प्रशासनिक विवाद
सपा के साइकिल वितरण कार्यक्रम को प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने पर अवधेश प्रसाद ने सरकार पर 'अधिकारों के दुरुपयोग' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'वे डरे हुए हैं, वे जान रहे हैं कि बदलाव हो रहा है। इसलिए गलत रास्ते से लोगों के कार्यक्रमों को निरस्त करना और हमारे लोगों को परेशान करना उनकी आदत बन गई है।'
विपक्षी रैली और 2027 चुनाव की रणनीति
1 नवंबर को प्रस्तावित विपक्षी रैली और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगे पोस्टरों पर सांसद ने स्पष्ट किया कि 'समाजवादी पार्टी का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश में है और सीटों का बंटवारा राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा — दोनों पार्टियों का नेतृत्व बैठकर तय करेगा।' यह बयान इस बात का संकेत है कि गठबंधन-वार्ता अभी अपने शुरुआती दौर में है। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, सपा की जॉइनिंग अभियान और विपक्षी समन्वय की गति और तेज़ होने की संभावना है।