26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भोजपुरी सिनेमा को चाहिए अच्छे निर्देशक और दमदार कहानियाँ: लोकगायिका देवी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भोजपुरी सिनेमा को चाहिए अच्छे निर्देशक और दमदार कहानियाँ: लोकगायिका देवी

सारांश

लोकगायिका देवी का सीधा संदेश — भोजपुरी सिनेमा को टीआरपी की दौड़ से नहीं, बल्कि अच्छे निर्देशकों और दमदार कहानियों से उठाया जा सकता है। रवि किशन की संसदीय पहल को उन्होंने सराहा, पर गुणवत्ता पर妥协 न करने की नसीहत भी दी।

मुख्य बातें

लोकगायिका देवी ने 26 अक्टूबर 2026 को पटना में भोजपुरी सिनेमा की गिरती गुणवत्ता पर चिंता जताई।
रवि किशन के संविधान संशोधन विधेयक, 2024 का समर्थन किया, जो भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की कोशिश है।
देवी ने कहा कि भोजपुरी फिल्मों का स्तर पहले की तुलना में काफी निम्न हो गया है।
बिहार के प्रतिभाशाली कलाकारों से आगे आकर फिल्म निर्माण में योगदान देने की अपील।
रियलिटी शो को टीआरपी केंद्रित बताते हुए कहा कि उनमें कला और संस्कृति का अभाव है।

लोकगायिका देवी — जो भोजपुरी, मैथिली, मगही और हिंदी लोकसंगीत की जानी मानी आवाज़ हैं — ने 26 अक्टूबर 2026 को पटना में भोजपुरी सिनेमा की दिशा, राजनेता एवं अभिनेता रवि किशन की भाषाई पहल और बिहार के कलाकारों की भूमिका पर बेबाक राय रखी। उनका मानना है कि भोजपुरी फिल्म उद्योग का स्तर गिरा है और बिहार के प्रतिभाशाली कलाकारों को आगे आकर इसे उठाने की ज़िम्मेदारी लेनी होगी।

रवि किशन की भोजपुरी पहल पर देवी की राय

गायिका देवी ने रवि किशन की भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा दिलाने की कोशिश को सराहा, लेकिन उनकी फिल्मों में आई गिरावट पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "रवि किशन जी बहुत उम्दा किस्म के कलाकार हैं। हालांकि, बीच बीच में उनकी फिल्मों में भी गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन अगर उन्हें ऐसा लगता है कि वह भोजपुरी के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं, तो यह बहुत ही अच्छी बात है। उन्होंने बॉलीवुड में भी काम किया है और मुझे लगता है कि वह भोजपुरी सिनेमा के अच्छे एक्टर हैं।"

गौरतलब है कि रवि किशन ने लोकसभा में एक निजी सदस्य विधेयक — संविधान संशोधन विधेयक, 2024 — पेश किया, जिसका उद्देश्य भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर उसे आधिकारिक राजभाषा का दर्जा दिलाना है। यह विधेयक भोजपुरी भाषी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही माँग को संसद में आवाज़ देता है।

भोजपुरी सिनेमा की गिरती साख

देवी ने भोजपुरी फिल्म उद्योग की मौजूदा स्थिति पर सीधे शब्दों में कहा, "मैं चाहती हूं कि भोजपुरी इंडस्ट्री के डायरेक्टर अच्छी फिल्में बनाएं, ताकि हमें और बेहतरीन फिल्में देखने को मिलें। पहले के समय में अच्छी फिल्में बनती थीं, लेकिन आज उन फिल्मों का स्तर बहुत ही ज्यादा निम्न हो गया है।"

उन्होंने बिहार के युवा और प्रतिभाशाली कलाकारों से अपील की कि वे आगे आकर फिल्म निर्माण में योगदान दें। यह ऐसे समय में आया है जब भोजपुरी कंटेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन गुणवत्ता को लेकर दर्शकों में असंतोष भी गहरा है।

रियलिटी शो पर देवी का नज़रिया

देवी ने टेलीविज़न रियलिटी शो की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "रियलिटी शो में आजकल मार्केटिंग और टीआरपी का खेल देखने को मिलता है। जिस तरह से शो की लोकप्रियता बढ़ती है, उसे कुछ वैसे ही डिजाइन भी किया जाता है, क्योंकि इन शोज में कोई कल्चर या आर्ट तो देखने को मिलता नहीं है।"

उनके अनुसार इन शोज़ में कला और संस्कृति की जगह मनोरंजन की भूख को प्राथमिकता दी जाती है — निर्माताओं का एकमात्र लक्ष्य टीआरपी बनाए रखना होता है। यह टिप्पणी उन बहसों को फिर से हवा देती है, जिनमें क्षेत्रीय संस्कृति को मुख्यधारा के मनोरंजन उद्योग में उचित प्रतिनिधित्व न मिलने की शिकायत होती है।

छठ पूजा और सांस्कृतिक जुड़ाव

बातचीत की शुरुआत में देवी ने 'छठी मैया' गीत गाकर सभी को छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं, जो उनकी सांस्कृतिक जड़ों और लोकपरंपरा से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। भोजपुरी लोकसंगीत की इस सशक्त आवाज़ का यह बयान ऐसे वक्त में महत्वपूर्ण है जब भोजपुरी सिनेमा और संस्कृति, दोनों अपनी पहचान को नए सिरे से तराशने की कोशिश में हैं।

आगे देखना होगा कि बिहार सरकार के समर्थन और रवि किशन जैसे कलाकारों की संसदीय पहल से भोजपुरी सिनेमा की दिशा वाकई बदलती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब तक सामग्री का स्तर नहीं उठता, संवैधानिक दर्जा भी दर्शकों को वापस नहीं ला सकता। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भोजपुरी कंटेंट की बढ़ती खपत एक अवसर है — पर मुख्यधारा की मार्केटिंग मशीनरी इसे संस्कृति की बजाय उत्पाद मान कर चल रही है। असली सवाल यह है कि बिहार सरकार का कथित समर्थन ठोस नीति में कब बदलेगा।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकगायिका देवी ने भोजपुरी सिनेमा के बारे में क्या कहा?
देवी ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा का स्तर पहले की तुलना में बहुत गिर गया है और अच्छे निर्देशकों व दमदार कहानियों की ज़रूरत है। उन्होंने बिहार के प्रतिभाशाली कलाकारों से आगे आकर फिल्म निर्माण में योगदान देने की अपील की।
रवि किशन का भोजपुरी भाषा विधेयक क्या है?
रवि किशन ने लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक, 2024 पेश किया, जिसका उद्देश्य भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर उसे आधिकारिक राजभाषा का दर्जा दिलाना है। यह भोजपुरी भाषी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही माँग है।
देवी ने रियलिटी शो पर क्या टिप्पणी की?
देवी ने कहा कि रियलिटी शो टीआरपी और मार्केटिंग के खेल पर टिके हैं और उनमें कला या संस्कृति का कोई स्थान नहीं है। उनके अनुसार निर्माताओं का एकमात्र लक्ष्य शो चलाना है, न कि कोई सांस्कृतिक मूल्य देना।
भोजपुरी सिनेमा की मौजूदा स्थिति क्या है?
देवी के अनुसार भोजपुरी सिनेमा पहले की तुलना में गुणवत्ता में काफी पिछड़ा है। हालाँकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भोजपुरी कंटेंट की माँग बढ़ी है, पर सामग्री का स्तर दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा।
देवी कौन हैं और उनकी पहचान क्या है?
देवी भोजपुरी, मैथिली, मगही और हिंदी लोकसंगीत की प्रसिद्ध गायिका हैं। वे लोकपरंपरा, विशेषकर छठ पूजा जैसे पर्वों से जुड़े गीतों के लिए जानी जाती हैं और भोजपुरी सांस्कृतिक जगत में एक सम्मानित आवाज़ मानी जाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले