'प्रताप' ट्रेलर रिलीज़: अमित साध का पुलिस अफसर से कैदी बनने का सफर, 20 नवंबर को सिनेमाघरों में
सारांश
मुख्य बातें
क्राइम ड्रामा फिल्म 'प्रताप' का ट्रेलर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से रिलीज़ किया गया। फिल्म में अमित साध एक ऐसे वरिष्ठ पुलिस अफसर की भूमिका में हैं, जिसने दशकों तक अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया — लेकिन कहानी में एक अप्रत्याशित मोड़ आता है और वही अफसर खुद जेल की चारदीवारी में बंद हो जाता है। फिल्म को 20 नवंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की योजना है।
ट्रेलर में क्या दिखा
ट्रेलर में अमित साध के किरदार 'प्रताप' के अतीत और वर्तमान के बीच चलते द्वंद्व को बड़े प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया है। एक ओर वर्दीधारी अफसर की दृढ़ छवि है, दूसरी ओर जेल की सलाखों के पीछे एक टूटते इंसान की तस्वीर। ट्रेलर यह सवाल खड़ा करता है कि किन परिस्थितियों ने एक कानून के रक्षक को कानून के कटघरे में ला खड़ा किया — और इसका जवाब फिल्म के रिलीज़ होने पर ही मिलेगा।
कलाकार और निर्माण टीम
फिल्म में अमित साध और ईशा देओल की प्रमुख भूमिकाओं के साथ-साथ सीमा बिस्वास, तिग्मांशु धूलिया और मिलिंद गुणाजी भी अहम किरदारों में नज़र आएँगे। फिल्म की कहानी और निर्देशन सचिन सराफ ने किया है, जबकि इसे प्रदीप रंगवानी ने प्रोड्यूस किया है। यूवी फिल्म्स इस फिल्म को प्रस्तुत कर रही है।
कलाकारों ने क्या कहा
फिल्म पर अपनी बात रखते हुए अमित साध ने कहा, 'प्रताप' पुलिस अफसरों की आम कहानियों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा शख्स है, जिसने अपनी पूरी जिंदगी कानून लागू करने में बिताई, लेकिन अचानक खुद कानून के दूसरी तरफ खड़ा हो जाता है। इस किरदार के भीतर कई तरह के इमोशंस और विरोधाभास हैं, जिन्होंने एक एक्टर के तौर पर मुझे इसे निभाने के लिए आकर्षित किया।'
ईशा देओल ने कहानी की परतों का ज़िक्र करते हुए कहा, 'मुझे इसकी सबसे खास बात यह लगी कि कहानी जितनी सीधी दिखाई देती है, असल में उतनी है नहीं। इसमें कई परतें हैं और जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, किरदारों और उनके हालात को देखने का नजरिया भी बदलता जाता है।'
निर्देशक सचिन सराफ ने बताया कि फिल्म के केंद्र में इंसानी फैसलों और उनके नतीजों की बारीक पड़ताल है। उन्होंने कहा, 'फिल्म में सही-गलत के बीच की महीन रेखा को दिखाने की कोशिश की गई है। कहानी को वास्तविकता के करीब रखते हुए इसमें ज़रूरत के मुताबिक एक्शन और इमोशंस भी शामिल किए गए हैं।'
फिल्म का महत्व
गौरतलब है कि हिंदी सिनेमा में पुलिस किरदारों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी हमेशा से रही है, लेकिन 'प्रताप' एक ऐसा कोण पेश करती है जहाँ नायक ही व्यवस्था का शिकार बन जाता है। यह कथानक हाल के वर्षों में क्राइम ड्रामा शैली में आए उस बदलाव का हिस्सा है, जहाँ नैतिक जटिलता और ग्रे किरदारों को प्राथमिकता दी जा रही है। 20 नवंबर 2026 की रिलीज़ के साथ, फिल्म इस सीज़न की प्रमुख प्रतीक्षित हिंदी क्राइम ड्रामाओं में शुमार हो गई है।