रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा के विकास की यात्रा साझा की
सारांश
Key Takeaways
- रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- उन्होंने अब तक 750 फिल्मों में काम किया है।
- 'कब होई गौना हमार' फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
- वह जल्द ही नेटफ्लिक्स की सीरीज में नजर आएंगे।
- भोजपुरी संस्कृति के प्रति उनका लगाव स्पष्ट है।
मुंबई, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता रवि किशन ने सिनेमा के माध्यम से अनेक भाषाओं में कार्य किया है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत भोजपुरी सिनेमा से हुई थी। हाल ही में एक आयोजन के अवसर पर उन्होंने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया।
अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में समारोह के दौरान भोजपुरी सिनेमा के प्रति उन्होंने गर्व का इजहार किया और अपने करियर की शुरुआत और उपलब्धियों के बारे में चर्चा की।
इस समारोह में रवि किशन ने कहा कि महादेव की कृपा से उन्होंने भोजपुरी फिल्म उद्योग की नींव रखने में योगदान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे एक छोटी सी शुरुआत से एक बड़ी इंडस्ट्री का निर्माण हुआ, जिसमें आज हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
रवि किशन ने कहा, "महादेव की कृपा से हमने भोजपुरी इंडस्ट्री की तीसरे चरण में शुरुआत की। हालांकि, यह एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री नहीं बन पाई, लेकिन कई लोगों को रोजगार मिला है।"
उन्होंने अपने करियर का जिक्र करते हुए कहा, "अब तक मैंने कुल 750 फिल्मों में काम किया है, जिनमें से 450 भोजपुरी फिल्में हैं। हमारी लोकप्रिय भोजपुरी फिल्म 'कब होई गौना हमार' को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।"
वर्ष 2005 में रिलीज हुई फिल्म 'कब होई गवना हमार' का निर्देशन आनंद डी. घाटराज ने किया था, जिसमें रवि किशन ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
यह पारिवारिक-ड्रामा फिल्म अपनी बेहतरीन कहानी और पारंपरिक भोजपुरी संस्कृति के चित्रण के लिए जानी जाती है, जिसके लिए इसे राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया था। यह मॉरीशस में फिल्माई गई पहली फिल्मों में से एक भी है।
अभिनेता जल्द ही नेटफ्लिक्स की सीरीज 'मामला लीगल है' में दिखाई देंगे। यह एक लोकप्रिय हिंदी कानूनी-कॉमेडी वेब सीरीज है, जिसमें रवि किशन मुख्य भूमिका (वकील वीडी त्यागी) निभा रहे हैं। सीरीज की कहानी दिल्ली के पटपड़गंज जिला कोर्ट पर आधारित है, जो वकील के जुगाड़ और अजीबोगरीब मामलों को हल्के-फुल्के कॉमेडी अंदाज में दर्शाती है, जो असल जिंदगी की घटनाओं से प्रेरित हैं।