सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल विधानसभा की सीढ़ियों पर किया दंडवत प्रणाम, CM के रूप में पहली एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार, 13 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार प्रवेश करते समय सीढ़ियों पर घुटने टेककर दंडवत प्रणाम किया। इस भावनात्मक क्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है और हज़ारों उपयोगकर्ता इस पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुवेंदु अधिकारी विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर घुटनों के बल बैठ गए और दंडवत होकर सदन को प्रणाम किया। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार विधानसभा पहुँचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
शपथ ग्रहण और विधायक पद की शपथ
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ली। उनके साथ राज्य मंत्री दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल ने भी विधायक के तौर पर शपथ ग्रहण की। इससे पहले कोलकाता में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पाँच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। उस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही उपयोगकर्ताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दीं। कई लोगों ने इस क्षण की तुलना 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पल से की, जब उन्होंने पहली बार लोकसभा में प्रवेश करने से पहले सीढ़ियों पर मत्था टेका था। यह तुलना सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।
चुनावी पृष्ठभूमि
हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा ने 293 में से 207 सीटें हासिल कीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल 80 सीटों तक सिमट कर रह गई। बहुमत के लिए आवश्यक 148 सीटों के जादुई आँकड़े को भाजपा ने बड़े अंतर से पार किया।
सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। अब मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला विधानसभा सत्र राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।