सोने पर कस्टम ड्यूटी 6% से 15% हुई: आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा बचेगी — विशेषज्ञ

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सोने पर कस्टम ड्यूटी 6% से 15% हुई: आयात घटेगा, विदेशी मुद्रा बचेगी — विशेषज्ञ

सारांश

सरकार ने सोने पर कस्टम ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है — बेसिक ड्यूटी 5% से 10% और AIDC 1% से 5%। IBJA के विशेषज्ञों के अनुसार इससे आयात घटेगा और विदेशी मुद्रा बचेगी, लेकिन ज्वेलरी बाजार में मंदी की आशंका है। 24 कैरेट सोना ₹1,60,411 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा।

मुख्य बातें

सरकार ने सोने पर कुल कस्टम ड्यूटी (सेस सहित) को 6% से बढ़ाकर 15% किया — बेसिक ड्यूटी 5% से 10% , AIDC 1% से 5% ।
IBJA के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने कहा कि इससे सोने का आयात घटेगा और विदेशी मुद्रा का बहिर्गमन रुकेगा।
24 कैरेट सोना ₹8,779 उछलकर ₹1,60,411 प्रति 10 ग्राम हो गया; 22 कैरेट ₹1,46,936 और 18 कैरेट ₹1,20,308 पर पहुँचा।
ज्वेलरी की कीमतें बढ़ने से बिक्री में गिरावट की आशंका, ग्राहकों की संख्या घटने का अनुमान।
विशेषज्ञों ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) को दोबारा शुरू करने की माँग की।

सरकार द्वारा सोने पर कस्टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद विशेषज्ञों ने 13 मई 2026 को कहा कि इस कदम से सोने का आयात घटेगा और देश से विदेशी मुद्रा के बाहर जाने पर अंकुश लगेगा। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर ने इस बढ़ोतरी को आर्थिक दृष्टि से सही कदम बताया, हालांकि ज्वेलरी उद्योग पर इसके नकारात्मक असर की भी चेतावनी दी।

कस्टम ड्यूटी में क्या बदलाव हुआ

सरकार ने सोने पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (AIDC) को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया है। इस प्रकार सेस सहित कुल कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह वृद्धि विदेशी मुद्रा की बचत, चालू खाते की सुरक्षा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सूत्रों ने यह भी कहा कि इसमें व्यापक आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का पूरा ध्यान रखा गया है।

सोने-चांदी की कीमतों पर असर

कस्टम ड्यूटी बढ़ने के तुरंत बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। IBJA द्वारा 13 मई को दोपहर जारी आँकड़ों के अनुसार:

24 कैरेट सोने का दाम ₹8,779 बढ़कर ₹1,60,411 प्रति 10 ग्राम हो गया। 22 कैरेट सोना ₹1,38,895 से बढ़कर ₹1,46,936 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। 18 कैरेट सोना ₹1,13,724 से बढ़कर ₹1,20,308 प्रति 10 ग्राम हो गया।

ज्वेलरी उद्योग पर दोहरी मार

पच्चीगर ने चेतावनी दी कि कस्टम ड्यूटी में इस बढ़ोतरी से सोने की ज्वेलरी की कीमतें भी बढ़ेंगी, जिसके चलते ग्राहकों की संख्या घटेगी और ज्वेलरी की बिक्री में गिरावट आएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें पहले से ही ऊँचे स्तर पर हैं, जिससे उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर दबाव बढ़ा हुआ है।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम फिर शुरू करने की माँग

पच्चीगर ने सरकार से गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) को दोबारा सक्रिय करने की अपील की। उनके अनुसार, इस योजना के पुनर्शुभारंभ से देश में घरों और मंदिरों में पड़ा पुराना सोना बाहर आएगा, जिससे नए आयात की जरूरत कम होगी और सोने से जुड़े कारीगरों को भी रोजगार मिलता रहेगा। गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है और यह आयात चालू खाते के घाटे का एक प्रमुख कारण रहा है। आगे देखना होगा कि सरकार GMS को पुनर्जीवित करने पर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इतिहास बताता है कि ऊँची ड्यूटी से आयात हमेशा नहीं घटता — बल्कि तस्करी और अनौपचारिक चैनलों को बढ़ावा मिलता है। 2013 में भी इसी तरह ड्यूटी बढ़ाई गई थी और सोने की तस्करी में उल्लेखनीय उछाल आया था। असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार GMS जैसी घरेलू आपूर्ति-पक्ष की योजनाओं को इस बार वास्तव में क्रियाशील बनाती है, या यह फैसला महज राजकोषीय राजस्व बढ़ाने का जरिया बनकर रह जाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोने पर नई कस्टम ड्यूटी कितनी है?
सरकार ने सोने पर कुल कस्टम ड्यूटी (सेस सहित) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इसमें बेसिक कस्टम ड्यूटी 5% से 10% और AIDC 1% से 5% की गई है।
कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने की कीमत कितनी हो गई?
IBJA के अनुसार 13 मई को 24 कैरेट सोना ₹8,779 उछलकर ₹1,60,411 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,46,936 और 18 कैरेट ₹1,20,308 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया।
सरकार ने सोने पर ड्यूटी क्यों बढ़ाई?
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम विदेशी मुद्रा की बचत, चालू खाते की सुरक्षा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
क्या इससे ज्वेलरी उद्योग प्रभावित होगा?
हाँ, IBJA के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्चीगर के अनुसार ज्वेलरी की कीमतें बढ़ने से ग्राहकों की संख्या घटेगी और बिक्री में गिरावट आएगी।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) क्या है और इसे दोबारा क्यों शुरू करने की माँग है?
GMS एक सरकारी योजना है जिसके तहत नागरिक अपना पुराना सोना बैंकों में जमा कर ब्याज कमा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसे पुनर्शुभारंभ करने से नए आयात की जरूरत घटेगी और सोने के कारीगरों को रोजगार भी मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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