भारत का सोना आयात तीन वर्षों में दोगुना: $71.98 अरब डॉलर के आयात पर PM मोदी की अपील

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भारत का सोना आयात तीन वर्षों में दोगुना: $71.98 अरब डॉलर के आयात पर PM मोदी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिकंदराबाद में एक रैली के दौरान देशवासियों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की है। यह अपील ऐसे समय में आई है जब सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत का सोना आयात बिल बीते तीन वर्षों में दोगुने से अधिक हो चुका है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने $71.98 अरब डॉलर मूल्य के सोने का आयात किया, जो वित्त वर्ष 2022-23 के $35 अरब डॉलर से दोगुने से भी अधिक है।

तीन वर्षों में सोना आयात का सफर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के सोना आयात में तेज़ी से वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा $35 अरब डॉलर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में $45.54 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 2024-25 में $58 अरब डॉलर तक पहुँच गया। वित्त वर्ष 2025-26 में यह उछलकर $71.98 अरब डॉलर हो गया। यह वृद्धि महज तीन वर्षों में दोगुने से भी अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाती है।

गौरतलब है कि भारत के कुल आयात बिल में सोना, कच्चे तेल के बाद दूसरा सबसे बड़ा घटक है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल आयात बिल $775 अरब डॉलर रहा, जिसमें से अकेले सोने पर करीब $72 अरब डॉलर खर्च हुए।

चालू खाते के घाटे पर असर

सोने के बढ़ते आयात का सीधा असर देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत का CAD $84 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है, जो देश की GDP का 2 प्रतिशत होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति रुपये पर अवमूल्यन का दबाव बढ़ाती है और विदेशी मुद्रा भंडार को कमज़ोर करती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहले से ही आयातित ईंधन पर भारी निर्भरता के कारण विदेशी मुद्रा पर दबाव झेल रहा है। ऐसे में सोने जैसी गैर-उत्पादक संपत्ति पर इतनी बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च करना आर्थिक नीति-निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है।

PM मोदी की अपील और उनके तर्क

रविवार को सिकंदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,

राष्ट्र प्रेस