भारत में सोने की निवेश हिस्सेदारी 2025 में 42%25 पर पहुँची, गोल्ड ETF में 37.5 टन का रिकॉर्ड निवेश

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भारत में सोने की निवेश हिस्सेदारी 2025 में 42%25 पर पहुँची, गोल्ड ETF में 37.5 टन का रिकॉर्ड निवेश

सारांश

भारत में सोने का निवेश-रुझान इस बार सिर्फ बाज़ार का उतार-चढ़ाव नहीं है — यह एक बड़े बदलाव की कहानी है। 2025 में निवेश हिस्सेदारी 29%25 से 42%25 पर पहुँची और ETF में 37.5 टन का रिकॉर्ड निवेश हुआ, जो पिछले 10 साल के कुल से अधिक है।

Key Takeaways

  • भारत में सोने की कुल खपत में निवेश की हिस्सेदारी वर्ष 2025 में 42%25 हुई, जो 2024 में 29%25 थी।
  • गोल्ड ETF में 37.5 टन का निवेश — पिछले 10 वर्षों के कुल से अधिक।
  • वैश्विक सोने की माँग 8%25 बढ़कर 5,000 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर।
  • वैश्विक निवेश माँग 2,175 मीट्रिक टन2020 के पुराने रिकॉर्ड 1,805 MT से अधिक।
  • ज्वेलरी खरीद 10%25 बढ़कर ₹4.8 लाख करोड़; लिस्टेड ज्वेलरी कंपनियों की आय FY26 में 35%25 बढ़ने का अनुमान।
  • केंद्रीय बैंकों ने लगातार चौथे वर्ष बड़े पैमाने पर सोना खरीदा।

नई दिल्ली में 27 अप्रैल को जारी केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सोने की कुल खपत में निवेश की हिस्सेदारी कैलेंडर वर्ष 2025 में बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई, जो वर्ष 2024 में मात्र 29 प्रतिशत थी। यह उछाल गोल्ड ETF, बार और सिक्कों की खरीद में तेज़ बढ़ोतरी के कारण आया है, जो वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती चाहत को दर्शाता है।

वैश्विक सोने की मांग में ऐतिहासिक उछाल

केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई और पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ लगभग 5,000 मीट्रिक टन तक जा पहुँची। रिपोर्ट में बताया गया कि यह वृद्धि मुख्य रूप से निवेश की मज़बूत माँग से प्रेरित रही, जबकि सोने की कीमतें ऊँचे स्तर पर थीं और आर्थिक चुनौतियाँ भी विद्यमान थीं।

वैश्विक निवेश माँग 2,175 मीट्रिक टन रही, जो वर्ष 2020 के पिछले रिकॉर्ड 1,805 मीट्रिक टन से काफी अधिक है। इसमें गोल्ड ETF में 800 मीट्रिक टन का निवेश प्रमुख योगदानकर्ता रहा।

भारत में ETF और बार-सिक्कों की माँग में उफान

भारत में पिछले दो वर्षों में गोल्ड ETF में निवेश तेज़ी से बढ़ा है। वर्ष 2025 में देश में 37.5 टन का ETF निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले 10 वर्षों के कुल निवेश से भी अधिक है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक जोखिम और सुरक्षित निवेश की ज़रूरत ने लोगों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने पर मजबूर किया।

केयरएज के निदेशक अखिल गोयल ने कहा,

Point of View

जो एक परिपक्व होते निवेश बाज़ार की पहचान है। हालाँकि, यह सवाल भी उठता है कि क्या यह बदलाव टिकाऊ है या सोने की रिकॉर्ड ऊँची कीमतों से प्रेरित अल्पकालिक उछाल — जैसा कि 2011-12 के चक्र में देखा गया था। वित्त वर्ष 2027 तक 35-40%25 निवेश हिस्सेदारी के अनुमान को सच साबित करने के लिए नीतिगत स्थिरता और वैश्विक जोखिम का बना रहना दोनों ज़रूरी होंगे।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत में सोने की निवेश हिस्सेदारी 2025 में कितनी हो गई?
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सोने की कुल खपत में निवेश की हिस्सेदारी कैलेंडर वर्ष 2025 में बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई, जो 2024 में 29 प्रतिशत थी। यह बढ़ोतरी गोल्ड ETF, बार और सिक्कों की खरीद में तेज़ी के कारण आई।
भारत में गोल्ड ETF में 2025 में कितना निवेश हुआ?
वर्ष 2025 में भारत में गोल्ड ETF में 37.5 टन का निवेश हुआ, जो पिछले 10 वर्षों के कुल निवेश से भी अधिक है। यह आँकड़ा वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की बढ़ती माँग को दर्शाता है।
2025 में वैश्विक सोने की माँग कितनी रही?
केयरएज रेटिंग्स के अनुसार, वर्ष 2025 में वैश्विक सोने की माँग 8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5,000 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई। वैश्विक निवेश माँग 2,175 मीट्रिक टन रही, जो 2020 के 1,805 मीट्रिक टन के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।
भारत में ज्वेलरी की माँग पर क्या असर पड़ा?
रिकॉर्ड ऊँची कीमतों के बावजूद भारत में ज्वेलरी की माँग मज़बूत रही और 2025 में यह लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर ₹4.8 लाख करोड़ हो गई। हालाँकि कुल सोने की खरीद में ज्वेलरी का हिस्सा 70%25 से घटकर 60%25 से नीचे आ गया है।
लिस्टेड ज्वेलरी कंपनियों की आय में कितनी वृद्धि का अनुमान है?
केयरएज रेटिंग्स के अनुसार, लिस्टेड ज्वेलरी कंपनियों की आय वित्त वर्ष 2026 में 35 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027 में 20-25 प्रतिशत बढ़ सकती है। इसके पीछे नए स्टोरों का विस्तार और संगठित बाज़ार की तेज़ बढ़त प्रमुख कारण हैं।
Nation Press