मध्य-पूर्व के तनाव के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, सोने-चांदी के दाम में गिरावट
सारांश
Key Takeaways
- मध्य-पूर्व में तनाव के चलते कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव।
- सोने की कीमत 1,61,165 रुपए प्रति 10 ग्राम।
- चांदी की कीमत 2,62,451 रुपए प्रति किलोग्राम।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का दाम 5,176.69 डॉलर प्रति औंस।
- महंगाई दर में वृद्धि की आशंका।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण गुरुवार के व्यापार सत्र में कीमती धातुओं (सोना और चांदी) में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव तथा महंगाई के डर से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आई। हालांकि, इसके बाद इनमें गिरावट देखी गई।
जब रिपोर्ट लिखी जा रही थी (दोपहर करीब 12:13 बजे) घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अप्रैल वायदा में इंट्रा-डे आधार पर 0.22 प्रतिशत की गिरावट हुई और यह 1,61,165 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाले चांदी के फ्यूचर्स में 1.17 प्रतिशत यानी 3,109 रुपए की गिरावट आई, जिससे यह 2,62,451 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया।
सुबह के समय, एमसीएक्स पर सोना 1,63,142 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुँच गया था, जबकि चांदी 2,74,251 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई थी। इसके पहले, चांदी की कीमतों में 3.3 प्रतिशत तक का उछाल आया था, जबकि सोना भी 1 प्रतिशत से अधिक चढ़ा था। हालाँकि, बाद में कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से कीमतों में नरमी आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट चांदी 1.2 प्रतिशत बढ़कर 84.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गई, जबकि स्पॉट सोना 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,176.69 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच गया।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा डाली है और महंगाई बढ़ने की आशंका को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण भी कीमती धातुओं की कीमतों में सहारा मिला है।
विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतें फिलहाल 85 से 95 डॉलर प्रति औंस के बीच स्थिर रह सकती हैं और इसके बाद 100 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ सकती हैं। वहीं, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहता है, तो सोना 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुँच सकता है।
ऊर्जा बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती कारोबार में 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया है, जिसमें कम से कम 80 लोगों की मौत की खबर है। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और संघर्ष के और फैलने की आशंका पैदा कर दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि सोने के लिए 1,58,000 और 1,62,000 रुपए का स्तर मजबूत समर्थन माना जा रहा है, जबकि 1,75,000 और 1,80,000 रुपए का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकता है। वहीं, एमसीएक्स पर चांदी के लिए 2,50,000 और 2,70,000 रुपए सपोर्ट स्तर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना टल सकती है। इससे अमेरिकी बॉंड यील्ड को समर्थन मिल सकता है और निकट भविष्य में सोना-चांदी की तेजी कुछ हद तक सीमित रह सकती है।