मध्य पूर्व तनाव से कीमती धातुओं में उछाल, सोने की कीमत 1.70 लाख के करीब, चांदी 3 लाख की ओर बढ़ी

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मध्य पूर्व तनाव से कीमती धातुओं में उछाल, सोने की कीमत 1.70 लाख के करीब, चांदी 3 लाख की ओर बढ़ी

सारांश

मध्य पूर्व के बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए कीमती धातुओं की ओर रुख किया है। इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है, जिससे बाजार में अस्थिरता भी देखने को मिली।

Key Takeaways

  • मध्य पूर्व तनाव: निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया।
  • सोने की कीमत: 1,70,000 रुपए तक पहुंचने की संभावना।
  • चांदी की कीमत: 3,00,000 रुपए के करीब।
  • बाजार में अस्थिरता: ट्रेंड में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • जोखिम प्रबंधन: निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण।

मुंबई, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं (सोना और चांदी) को सुरक्षित निवेश के रूप में अपनाने की ओर रुख किया है। इस कारण इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला, साथ ही व्यापक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी।

दिन के दौरान कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की गिरावट और मुनाफावसूली नजर आई, लेकिन कुल मिलाकर सोने और चांदी की कीमतों का रुझान मजबूत और तेजी वाला बना हुआ है।

एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में बढ़ोतरी जारी रही और कीमतें 1,65,000 रुपए के रेजिस्टेंस स्तर को पार कर 1,69,880 रुपए तक पहुंच गईं। हालांकि, शुक्रवार को कारोबार के अंत में सोना लगभग स्थिर रहा और 1,61,675 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से थोड़ा कम था।

वहीं, एमसीएक्स पर 5 मई की डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स में भी रुख तेजी का बना रहा। चांदी की कीमत 2,85,000 रुपए के स्तर को पार कर लगभग 3,00,000 रुपए के करीब पहुंच गई। इस दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बाद इनमें हल्की गिरावट देखी गई, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो आपूर्ति में बाधा की आशंका से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण ब्रेकआउट स्तरों के आसपास ट्रेडरों की भागीदारी में वृद्धि हुई है, लेकिन बाजार में अधिक अस्थिरता को देखते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है।

एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी संकेतक यह बताते हैं कि सोने की कीमतों में तेजी का रुख जारी है। यदि सपोर्ट स्तर मजबूत रहता है, तो सोना 1,70,000 रुपए तक पहुंच सकता है।

हालांकि, यदि कीमत 1,57,000 रुपए से नीचे जाती है, तो गिरावट बढ़कर 1,50,000 रुपए तक जा सकती है।

एक्सपर्ट का कहना है कि 2,55,000 से 2,65,000 रुपए का दायरा चांदी के लिए एक मजबूत मांग क्षेत्र बन चुका है। यदि तेजी जारी रहती है, तो कीमत 3,00,000 से 3,05,000 रुपए तक जा सकती है।

लेकिन यदि कीमत 2,60,000 रुपए से नीचे आती है, तो कुछ समय के लिए बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखी जा सकती है।

इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मजबूत बने रहे और 5,158 से 5,181 डॉलर के दायरे में कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद स्तर 5,078 से 5,099 डॉलर से अधिक है।

वहीं, कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखी गई और यह लगभग 84.31 डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 85.34 डॉलर और न्यूनतम स्तर 81.79 डॉलर रहा।

Point of View

जबकि बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या सोने की कीमत 1.70 लाख तक पहुंच सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सपोर्ट स्तर मजबूत रहता है, तो सोने की कीमत 1,70,000 रुपए तक पहुंच सकती है।
चांदी की कीमतों में तेजी का कारण क्या है?
चांदी की कीमतों में तेजी का कारण मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश के लिए बढ़ती मांग है।
क्या बाजार में स्थिरता देखने को मिलेगी?
यदि चांदी की कीमत 2,60,000 रुपए से नीचे आती है, तो बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्या कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है?
हाँ, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जो आपूर्ति में बाधा की आशंका से संबंधित है।
क्या सोने की कीमतें गिर सकती हैं?
यदि कीमत 1,57,000 रुपए से नीचे जाती है, तो गिरावट बढ़कर 1,50,000 रुपए तक जा सकती है।
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