मणिपुर के कांगपोकपी में उग्रवादी घात, कुकी समुदाय के 3 चर्च नेताओं की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिपुर के कांगपोकपी में उग्रवादी घात, कुकी समुदाय के 3 चर्च नेताओं की मौत

सारांश

मणिपुर के कांगपोकपी में उग्रवादियों ने UBC कन्वेंशन से लौट रहे कुकी समुदाय के चर्च नेताओं पर घात लगाकर हमला किया। तीन पादरियों की मौत और कई के घायल होने से राज्य में तनाव और गहरा गया है — यह मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष की सबसे ताज़ा और गंभीर कड़ी है।

मुख्य बातें

कांगपोकपी जिले के टाइगर रोड पर 13 मई को उग्रवादियों ने दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया।
मृतकों की पहचान वुमथांग , पादरी पाओगौलेन और पादरी कैगौलुन के रूप में हुई; तीनों UBC कन्वेंशन से लौट रहे थे।
KSO ने एक नागा उग्रवादी समूह पर हमले का आरोप लगाया और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने 5 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया; INSAS, AK-56, M-4 राइफल सहित भारी हथियार बरामद।
यह इस वर्ष मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किया गया पहला बड़ा हमला बताया जा रहा है।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार, 13 मई को अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने टाइगर रोड पर दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कुकी समुदाय के तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह इस वर्ष मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किया गया पहला बड़ा हमला है।

हमले का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों वाहनों में सवार लोग कांगपोकपी-चुराचांदपुर (लमका) मार्ग से वापस लौट रहे थे, तभी उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। मृतकों की पहचान वुमथांग, पादरी पाओगौलेन और पादरी कैगौलुन के रूप में की गई है।

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (KSO) ने दावा किया कि तीनों मृतक यूनाइटेड बैपटिस्ट चर्च (UBC) कन्वेंशन में भाग लेकर लमका से लौट रहे थे। संगठन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि एक नागा उग्रवादी समूह ने इन वाहनों को निशाना बनाया। KSO के अनुसार हमले में चार नेताओं की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं — हालाँकि पुलिस की आधिकारिक पुष्टि में मृतकों की संख्या तीन बताई गई है।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हमलावरों को जल्द पकड़ने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं।

इसी बीच, पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े पाँच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें NRFM, KCP, PREPAK और KYKL जैसे संगठनों के सदस्य शामिल हैं।

हथियार और सामग्री बरामद

असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस कमांडो ने संयुक्त अभियान के तहत इम्फाल वेस्ट और काकचिंग जिलों में उग्रवादियों के ठिकाने ध्वस्त किए। इस दौरान INSAS राइफल, AK-56, M-4 राइफल, स्नाइपर राइफल, पिस्टल, बम, डेटोनेटर और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया।

KSO की माँग और पृष्ठभूमि

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने मामले की तुरंत निष्पक्ष जाँच की माँग की है। गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं।

आगे क्या

सुरक्षा बलों ने कहा है कि मणिपुर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। धार्मिक नेताओं पर इस हमले से राज्य में तनाव और बढ़ने की आशंका है, और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब तक मुख्यतः जातीय-राजनीतिक रेखाओं पर केंद्रित था। KSO का नागा उग्रवादी समूह पर आरोप — जिसकी पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है — यदि सही साबित होता है, तो यह जातीय हिंसा को एक नए मोर्चे पर ले जाएगा। मृतकों की संख्या को लेकर KSO (चार) और पुलिस (तीन) के बीच का अंतर यह भी दर्शाता है कि सूचना-प्रवाह अभी भी विवादित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। केंद्र सरकार की चुप्पी और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया की गति इस बात का पैमाना होगी कि शांति बहाली के दावे कितने ठोस हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के कांगपोकपी में क्या हुआ?
13 मई को कांगपोकपी जिले के टाइगर रोड पर अज्ञात उग्रवादियों ने दो वाहनों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें कुकी समुदाय के तीन बैपटिस्ट चर्च नेताओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतक UBC कन्वेंशन में शामिल होकर लमका से लौट रहे थे।
मारे गए चर्च नेताओं की पहचान क्या है?
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान वुमथांग, पादरी पाओगौलेन और पादरी कैगौलुन के रूप में हुई है। तीनों कुकी समुदाय के यूनाइटेड बैपटिस्ट चर्च से जुड़े नेता थे।
हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?
कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (KSO) ने एक नागा उग्रवादी समूह पर हमले का आरोप लगाया है। हालाँकि पुलिस ने अभी तक किसी संगठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जाँच जारी है।
मणिपुर में यह हमला इतना गंभीर क्यों है?
यह इस वर्ष मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किया गया पहला बड़ा हमला बताया जा रहा है। राज्य मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है और धार्मिक नेताओं को निशाना बनाना संघर्ष के और गहराने का संकेत है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ मौके पर पहुँचीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस कमांडो ने संयुक्त अभियान में इम्फाल वेस्ट और काकचिंग जिलों में उग्रवादियों के ठिकाने ध्वस्त कर भारी हथियार बरामद किए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले