25 जुलाई 2026
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मणिपुर में नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में यूएनसी ने 20-23 अप्रैल तक बंद का ऐलान किया

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मणिपुर में नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में यूएनसी ने 20-23 अप्रैल तक बंद का ऐलान किया

सारांश

मणिपुर में दो नागा नागरिकों की बर्बर हत्या की घटना पर यूएनसी ने तीन दिन के बंद का ऐलान किया है। यह निर्णय नागा समुदाय के संघर्ष और सुरक्षा चिंताओं को उजागर करता है।

मुख्य बातें

यूएनसी ने बंद का आह्वान किया है।
बंद 20 से 23 अप्रैल तक रहेगा।
हत्याएं जातीय तनाव को और बढ़ा रही हैं।
राज्य सरकार को सुरक्षा में सुधार करने की आवश्यकता है।
नागा समुदाय की गरिमा की रक्षा महत्वपूर्ण है।

इंफाल, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर में दो नागा नागरिकों की निर्दयता से की गई हत्या के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने तीन दिन के पूर्ण बंद का आह्वान किया है। यह बंद 20 अप्रैल की आधी रात से 23 अप्रैल की आधी रात तक प्रभावी रहेगा।

यह निर्णय रविवार को यूएनसी के मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त आपात बैठक में लिया गया। इस बैठक में ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (एएनएसएएम), नागा वीमेंस यूनियन (एनडब्ल्यूयू) और विभिन्न जिलों के प्रमुख नागा संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य टीएम-कसोम गांव में घटित घटना की निंदा करना था। उखरुल जिले के निवासी दो नागा नागरिक, चाइनाओशांग शोकवुंगनाओ (45 वर्ष) और यारूइंगम वाशुम (42 वर्ष), को कथित तौर पर नेशनल हाईवे 202 पर यात्रा के दौरान कुकी उग्रवादियों द्वारा रोककर मार दिया गया था।

यूएनसी और संबद्ध संगठनों ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए। आपात सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी और निजी संस्थान, दुकानें और वाहनों का आवागमन तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस शोक अवधि के दौरान कुकी समुदाय के साथ सभी सामाजिक और आर्थिक संबंध निलंबित रहेंगे। 23 अप्रैल को शाम 6:30 बजे सभी नागा जिला मुख्यालयों और इंफाल में सामूहिक शोक सभा आयोजित की जाएगी।

यूएनसी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के उखरुल दौरे के ठीक एक दिन बाद यह घटना घटित हुई है। काउंसिल ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के लिए राज्य सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।

यूएनसी के नेताओं ने कहा कि नागा समुदाय की गरिमा और क्षेत्रीय अखंडता पर यह हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी नागा नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे बंद और शोक कार्यक्रमों में पूर्ण सहयोग दें। बैठक का समापन सीएनपीओ के अध्यक्ष थामडोक फ्रांसिस के नेतृत्व में एक मिनट के मौन के साथ हुआ।

यह घटना मणिपुर में जारी जातीय तनाव को एक बार फिर उजागर करती है। नागा संगठनों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से नागा समुदाय में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

यूएनसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहती है तो आगे और कड़े आंदोलन किए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनसी ने बंद का आह्वान क्यों किया?
यूएनसी ने मणिपुर में नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में बंद का आह्वान किया है।
बंद की अवधि कब तक है?
बंद 20 अप्रैल की आधी रात से 23 अप्रैल की आधी रात तक रहेगा।
इस घटना का प्रमुख कारण क्या है?
यह घटना मणिपुर में जातीय तनाव और नागा समुदाय की असुरक्षा को उजागर करती है।
क्या राज्य सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है?
यूएनसी ने राज्य सरकार से सुरक्षा में चूक के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
यूएनसी का क्या कहना है?
यूएनसी ने नागा समुदाय की गरिमा की रक्षा के लिए कड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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