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मणिपुर सरकार ने बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

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मणिपुर सरकार ने बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

सारांश

मणिपुर में सरकार ने बंद के चलते अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। यह निर्देश सभी विभागों को जारी किया गया है। जानिए इस स्थिति का क्या असर हो रहा है।

मुख्य बातें

बंद के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सरकार ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए गए हैं।
आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है।
गृह मंत्री ने बंद वापस लेने की अपील की है।

इम्फाल, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर सरकार ने बंद के दौरान बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने संबंधित परिपत्र में सभी विभागों के प्रमुखों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करें।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि उपस्थिति रिपोर्ट संबंधित प्रशासनिक विभागों को भेजी जाए और जो कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाएं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।

सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को यह निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों और विभागों का संचालन सुनिश्चित करें, ताकि बंद के बावजूद प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

हालांकि, मणिपुर के इम्फाल घाटी और नागा बहुल पहाड़ी क्षेत्रों में बंद के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इम्फाल घाटी के अनेक जिलों में ‘मेइरा पैबी’ (महिला मशालधारी समूह) और विभिन्न नागरिक समाज संगठनों द्वारा बंद बुलाया गया है।

यह प्रदर्शन 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में दो नाबालिग बच्चों की हत्या और उनकी मां के घायल होने की घटना के खिलाफ हो रहा है, जिसके लिए कुकी उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

शनिवार आधी रात से शुरू हुए इस बंद के चलते घाटी में जनजीवन लगभग ठप हो गया है। कई स्थानों पर महिलाओं और प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम किया, प्रदर्शन किए और वाहनों की आवाजाही को रोक दिया।

पुलिस के अनुसार, सड़कों पर यात्री और व्यावसायिक वाहन नहीं चले, जबकि दुकानें, बाजार और फुटपाथ विक्रेता बंद रहे, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा।

वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने 18 अप्रैल को उखरुल जिले में दो नागा नागरिकों, जिनमें एक पूर्व सैनिक भी शामिल हैं, की हत्या के विरोध में तीन दिन का पूर्ण बंद बुलाया है।

मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने लोगों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे जनहित, सामान्य जीवन और प्रशासनिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए बंद वापस लें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां सरकार ने बंद के बीच अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित कर रही है, बल्कि आम लोगों की जिंदगी भी कठिन बना रही है। सभी पक्षों को संयम से काम लेना होगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में क्यों बंद किया गया है?
बंद का आयोजन 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में दो नाबालिग बच्चों की हत्या के विरोध में किया गया है।
सरकार ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बंद का जनजीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है?
बंद के कारण इम्फाल घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सरकार ने उपायुक्तों को क्या निर्देश दिए हैं?
सरकार ने उपायुक्तों को सरकारी कार्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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