सुवेंदु अधिकारी का विश्वास, भवानीपुर में ममता बनर्जी 25-30 हजार वोटों से हारींगी
सारांश
Key Takeaways
- भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी का पहला दौरा
- ममता बनर्जी की हार का दावा 25,000 से 30,000 वोटों से
- भाजपा की परिवर्तन की लहर पूरे बंगाल में
- हिंदू नव वर्ष पर शुभकामनाएं
- भवानीपुर सीट पर उच्च प्रोफाइल मुकाबला
कोलकाता, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। आगामी दो चरणों में होने वाले मतदान के लिए टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से सुवेंदु अधिकारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जो इस सीट को हाई प्रोफाइल बना रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चुनाव लड़ने जा रही हैं।
गुरुवार को, भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे, जहाँ स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। क्षेत्र की जनता से भरपूर समर्थन पाने के बाद सुवेंदु अधिकारी भी काफी खुश नजर आए। यह उनका निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशी घोषित होने के बाद पहला दौरा था।
मीडिया से बातचीत में, सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आज से चुनावी माहौल की शुरुआत हो चुकी है। ‘ममता का जाना तय है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आने वाले दिनों में वोटिंग की यह हवा एक सुनामी में बदल जाएगी। ममता बनर्जी 25,000 से 30,000 वोटों से हार जाएंगी।’
उन्होंने यह भी कहा कि केवल भवानीपुर ही नहीं, बल्कि पूरा बंगाल भगवा रंग में रंग रहा है। पीएम मोदी की नीतियों की लहर पूरे राज्य में फैली हुई है। भाजपा की परिवर्तन की लहर हर जगह दिखाई दे रही है।
भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित किया है। 2021 के विधानसभा चुनाव में, सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव जीतकर तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
इस बार भवानीपुर सीट को लेकर पूरे बंगाल में चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं। जहाँ सुवेंदु अधिकारी जीत का भरोसा जता रहे हैं, वहीं सीएम ममता बनर्जी ने भी यह दावा किया है कि वे आसानी से भवानीपुर सीट जीतेंगी।
इन सबके बीच, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय सनातन परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। नव संवत्सर, विक्रम संवत 2083 के इस पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन नए साल का शुभ आरंभ, धर्म और संस्कारों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। हिंदू नव वर्ष हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रबोध को सुदृढ़ करने वाला दिन है। नव संकल्पों के साथ हम इस दिन को मनाएं।