10 अगस्त 2026
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भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया, नंदीग्राम के बाद दूसरी बड़ी पराजय

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भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया, नंदीग्राम के बाद दूसरी बड़ी पराजय

सारांश

सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर वही कर दिखाया जो 2021 में नंदीग्राम में किया था — इस बार भवानीपुर में ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराकर। TMC का सबसे मजबूत गढ़ ढह गया और मुख्यमंत्री अपनी सीट तक नहीं बचा पाईं। यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

सुवेंदु अधिकारी (BJP) ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया।
यह लगातार दूसरी बार है जब अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया — पहले 2021 में नंदीग्राम में।
भवानीपुर में 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में मतदान हुआ था, नतीजे 4 मई को आए।
भवानीपुर 2011 से TMC का अभेद्य गढ़ माना जाता था, जो अब ध्वस्त हो गया।
सुवेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी थे, बाद में BJP में शामिल हुए।

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को आए चुनावी नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया। यह दूसरा मौका है जब सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को सीधे मुकाबले में हराया है — इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में वे नंदीग्राम सीट पर भी उनसे पराजित हो चुकी थीं।

मुख्य घटनाक्रम

भवानीपुर सीट पर दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था। नतीजे 4 मई की देर शाम घोषित हुए, जिसमें BJP प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी विजयी रहे। चुनाव प्रचार के दौरान अधिकारी लगातार यह दावा करते रहे थे कि वे भवानीपुर से जीत दर्ज करेंगे — और उनका यह दावा हकीकत में बदल गया।

नंदीग्राम के बाद भवानीपुर — दोहराया गया इतिहास

2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था और वहाँ सुवेंदु अधिकारी के हाथों उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उस हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया, जहाँ उपचुनाव में जीत हासिल कर उन्होंने मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा। लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की और इस बार भी ममता बनर्जी को पराजित करने में सफल रहे। गौरतलब है कि लगातार दो अलग-अलग सीटों पर एक ही प्रतिद्वंद्वी के हाथों हार किसी भी मुख्यमंत्री के लिए असाधारण राजनीतिक झटका मानी जाती है।

सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी — एक करीबी से कट्टर प्रतिद्वंद्वी तक

सुवेंदु अधिकारी एक समय ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त सहयोगियों में गिने जाते थे। नंदीग्राम आंदोलन और सिंगूर आंदोलन के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था — इन्हीं आंदोलनों ने ममता बनर्जी के सियासी उभार की नींव रखी थी। हालाँकि, समय के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़े और अधिकारी ने TMC से नाता तोड़कर BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह ऐसे समय में आया जब पश्चिम बंगाल में BJP अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में थी।

भवानीपुर सीट का राजनीतिक इतिहास

भवानीपुर विधानसभा सीट 1951 में अस्तित्व में आई। शुरुआती दशकों में इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा, जबकि एक बार वामपंथी दलों ने भी यहाँ जीत दर्ज की। यह सीट बाद में कालीघाट के नाम से जानी गई और 2009-2011 के बाद पुनः भवानीपुर के रूप में अस्तित्व में आई। 2011 के बाद से यह सीट TMC का अभेद्य गढ़ बनी रही। लेकिन 2026 के चुनावी नतीजों ने इस गढ़ को ध्वस्त कर दिया।

आम जनता और प्रदेश की राजनीति पर असर

ममता बनर्जी की इस पराजय के बाद पश्चिम बंगाल में सत्ता की बागडोर को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता गहरा सकती है। यह नतीजा TMC के लिए न केवल एक सीट की हार है, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की साख पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। आने वाले दिनों में प्रदेश में सरकार गठन की प्रक्रिया और विपक्षी दलों की रणनीति पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्षों से ममता का व्यक्तिगत गढ़ रही, उसका इस तरह छिनना दर्शाता है कि BJP ने शहरी कोलकाता में भी पैठ बना ली है। सवाल यह है कि क्या TMC के पास अब कोई ऐसा चेहरा बचा है जो ममता की अनुपस्थिति में पार्टी को संभाल सके — और अगर नहीं, तो पश्चिम बंगाल में विपक्ष की भूमिका कौन निभाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भवानीपुर सीट पर 2026 चुनाव में कौन जीता?
BJP के सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर TMC सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हराया। नतीजे 4 मई 2026 को घोषित हुए।
क्या इससे पहले भी सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया है?
हाँ, 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को पराजित किया था। भवानीपुर 2026 में यह उनकी दूसरी सीधी जीत है।
सुवेंदु अधिकारी पहले किस पार्टी में थे?
सुवेंदु अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। नंदीग्राम व सिंगूर आंदोलन में उन्होंने ममता के साथ काम किया, बाद में मतभेदों के चलते BJP में शामिल हो गए।
भवानीपुर सीट का राजनीतिक महत्व क्या है?
भवानीपुर 1951 से अस्तित्व में है और 2011 के बाद से TMC का गढ़ रही है। ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं और 2021 में नंदीग्राम हार के बाद यहाँ उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनी रही थीं।
ममता बनर्जी की हार का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर होगा?
मुख्यमंत्री का अपनी सीट हारना प्रदेश में सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक अनिश्चितता पैदा कर सकता है। TMC के शीर्ष नेतृत्व की साख पर गंभीर सवाल उठेंगे और आने वाले दिनों में सरकार गठन की प्रक्रिया सबकी नज़रों में रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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