भवानीपुर बूथ पर आमने-सामने ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी, एक-दूसरे से नहीं की बात
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर के चक्रबेरिया स्थित वार्ड नंबर 73 के मतदान केंद्र पर एक साथ पहुँचे।
- दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
- दूसरे चरण में दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है।
- 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता को 1,956 वोटों से हराया था; भवानीपुर उस हार का 'रीमैच' माना जा रहा है।
- 2021 के भवानीपुर उपचुनाव में ममता बनर्जी ने BJP की प्रियंका टिबरेवाल को 58,000 से अधिक वोटों से हराया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कोलकाता के भवानीपुर स्थित चक्रबेरिया के कोलकाता नगर निगम वार्ड नंबर 73 के एक ही मतदान केंद्र पर एक साथ पहुँचे। दोनों नेताओं के बीच कोई बातचीत नहीं हुई, लेकिन उनकी एक साथ मौजूदगी ने चुनावी माहौल को और गर्मा दिया और पूरे राज्य का ध्यान खींच लिया।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार सुबह दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर मतदान जारी था, तभी यह दिलचस्प राजनीतिक क्षण सामने आया। ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी एक ही समय पर उसी बूथ पर पहुँचे जहाँ भवानीपुर सीट के मतदाता अपना वोट डाल रहे थे। दोनों के बीच न कोई अभिवादन हुआ और न ही कोई संवाद — यह मौन टकराव अपने आप में इस चुनाव की तीखी प्रतिद्वंद्विता का प्रतीक बन गया।
भवानीपुर सीट का राजनीतिक महत्व
भवानीपुर सीट 2011 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का परंपरागत गढ़ रही है। वरिष्ठ नेता सुभ्रत बक्शी ने यहाँ से जीत दर्ज की थी और बाद में सीट छोड़ी, जिसके बाद ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनने के पश्चात उपचुनाव के ज़रिए विधानसभा पहुँचीं। उन्होंने 2016 में भी इस सीट को बरकरार रखा। 2021 में नंदीग्राम से हारने के बाद उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58,000 से अधिक वोटों से हराकर वापसी की थी।
नंदीग्राम का 'रीमैच'
इस बार भवानीपुर का मुकाबला 2021 की नंदीग्राम टक्कर का 'रीमैच' माना जा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को 1,956 वोटों के अंतर से हराया था। गौरतलब है कि अधिकारी पहले ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी और शिष्य माने जाते थे, लेकिन 2021 चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थाम लिया। सुवेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहाँ पहले चरण में मतदान हो चुका है।
दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल
भवानीपुर सीट दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। TMC के लिए यह मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की साख से जुड़ा मामला है, जबकि BJP और विशेष रूप से सुवेंदु अधिकारी के लिए यहाँ जीत हासिल करना एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने जैसा होगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता की लड़ाई अपने चरम पर है और दक्षिण बंगाल की सीटें नतीजों की दिशा तय करेंगी।
आगे क्या होगा
दूसरे चरण के मतदान के परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा पर गहरा असर डालेंगे। भवानीपुर सीट का नतीजा न केवल ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, बल्कि TMC और BJP की राज्यव्यापी रणनीति की भी परीक्षा लेगा। चुनाव विशेषज्ञों के अनुसार, भवानीपुर का परिणाम पूरे पश्चिम बंगाल में एक मनोवैज्ञानिक संकेत भेजेगा।