14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भवानीपुर चुनाव: ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच तीव्र राजनीतिक संघर्ष

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भवानीपुर चुनाव: ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच तीव्र राजनीतिक संघर्ष

सारांश

भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच राजनीतिक संघर्ष गहरा हो गया है। यह चुनाव न केवल राजनीतिक जीत का मामला है, बल्कि पहचान और शक्ति की भी जंग बन गया है। जानिए इस चुनावी लड़ाई की महत्वपूर्ण बातें।

मुख्य बातें

भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच तीव्र राजनीतिक संघर्ष।
सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा है।
चुनाव में सत्ता-विरोधी लहर और कानून-व्यवस्था के मुद्दे प्रमुख हैं।
ममता बनर्जी का राजनीतिक करियर और उनका प्रभाव इस चुनाव पर महत्वपूर्ण होगा।
भवानीपुर सीट पर जीत उनके राजनीतिक भविष्य को निर्धारित कर सकती है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में अप्रैल के अंत में होने वाला विधानसभा चुनाव अब केवल एक राजनीतिक प्रतियोगिता नहीं रह गया है। यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच पहचान और शक्ति की एक सीधी जंग बन चुकी है। इस संघर्ष का मुख्य केंद्र भवानीपुर विधानसभा सीट है।

साल 2021 में यह राजनीति और भी व्यक्तिगत हो गई, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पूर्व सहयोगी सुवेंदु अधिकारी को उनके गढ़ नंदीग्राम में चुनौती दी।

कई तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने इसे सुवेंदु अधिकारी को पार्टी छोड़ने के लिए सबक सिखाने का प्रयास बताया। हालांकि, यह निर्णय ममता बनर्जी के लिए ठीक साबित नहीं हुआ।

नंदीग्राम में ममता बनर्जी लगभग 2,000 वोटों से हार गईं, फिर भी उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने पूरे राज्य में बड़ी जीत हासिल की और 294 में से 215 सीटें जीतीं।

ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक समझ पर भरोसा किया, लेकिन उन्होंने यह अनदेखा कर दिया कि 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

यह आंदोलन 2011 में लेफ्ट फ्रंट सरकार के सत्ता से बाहर होने का मुख्य कारण बना। अधिकारी परिवार का पूर्वी मेदिनीपुर जिले में राजनीतिक प्रभाव लंबे समय से रहा है। उनके पिता, शिशिर अधिकारी, तृणमूल कांग्रेस के सांसद के रूप में कांथी लोकसभा सीट से लगातार तीन बार चुने गए।

बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्होंने 2024 में चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद यह सीट उनके बेटे सौमेंदु अधिकारी को मिली, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की।

संयोग से, इस लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सात विधानसभा सीटों में से चार पर 2021 के राज्य चुनावों में भाजपा ने जीत हासिल की थी।

सुवेंदु अधिकारी के पार्टी छोड़ने के बाद इस परिवार ने तृणमूल कांग्रेस से अपने सभी संबंध तोड़ लिए। इसी बीच, तमलुक लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार अभिजीत गंगोपाध्याय ने जीत हासिल की।

दूसरी ओर, ममता बनर्जी के लिए यह उनके 'पारा' (इलाके) भवानीपुर से लड़ा गया एक उपचुनाव था, जिसने उन्हें लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्रदान किया।

अब उनके पूर्व सहयोगी सुवेंदु अधिकारी ने यह चुनावी लड़ाई सीधा उनके गढ़ तक पहुंचा दी है। हालाँकि, सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से भी अपना नामांकन दाखिल किया है। इससे उन्होंने विधानसभा में प्रवेश के अपने विकल्प खुले रखे हैं। उनके इस आत्मविश्वास ने तृणमूल कांग्रेस के खेमे में कुछ चिंता जरूर बढ़ा दी है।

तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भवानीपुर में डेरा डाले हुए हैं और अपने नेता के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं, जबकि ममता बनर्जी पूरे राज्य में चुनावी दौरे कर रही हैं। सुवेंदु अधिकारी को अपनी जीत को लेकर कई कारणों से भरोसा है। पहले, उनका कहना है कि चुनाव आयोग अगर वोटर लिस्ट का ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) करता है, तो तृणमूल कांग्रेस के कई वोट हट सकते हैं। उनका आरोप है कि इन वोटरों में कुछ 'फर्जी' या 'अवैध प्रवासी' हैं।

इसके अलावा, वह ‘सत्ता-विरोधी लहर’ (एंटी-इनकंबेंसी) पर भी भरोसा कर रहे हैं। उनके अनुसार, राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं—जैसे आरजी कर अस्पताल में एक मेडिकल इंटर्न के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना, राजनीतिक हिंसा, और तृणमूल नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच ने लोगों में नाराजगी बढ़ाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पहचान और शक्ति की भी है। भवानीपुर की सीट ने इस संघर्ष को और भी दिलचस्प बना दिया है। दोनों पक्षों के लिए यह चुनाव उनकी राजनीतिक भविष्यवाणी का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भवानीपुर विधानसभा सीट का महत्व क्या है?
भवानीपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ के रूप में जानी जाती है, और इस सीट पर चुनाव जीतना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
सुवेंदु अधिकारी कौन हैं?
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और पहले तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे, अब भाजपा के उम्मीदवार हैं।
क्या भवानीपुर चुनाव में कोई विशेष मुद्दे हैं?
भवानीपुर चुनाव में कानून-व्यवस्था, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और सत्ता-विरोधी लहर जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
ममता बनर्जी का राजनीतिक करियर कैसा रहा है?
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में कई बार कार्य किया है और उनकी राजनीतिक समझ और नेतृत्व की शैली को लेकर चर्चा होती है।
भवानीपुर चुनाव में कौन सी पार्टियाँ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं?
भवानीपुर चुनाव में मुख्यतः तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रतिस्पर्धा हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले