पंजाब में नवजोत कौर सिद्धू होंगी मुख्यमंत्री का चेहरा, भगवंत मान पर की कटाक्ष
सारांश
Key Takeaways
- नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी पार्टी को 2015 में स्थापित किया था।
- वह स्वयं कैंसर से पीड़ित रह चुकी हैं और पीड़ितों के दर्द को समझती हैं।
- उन्होंने भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- उनकी पार्टी की तरफ से वह पंजाब चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा होंगी।
- कांग्रेस में भ्रष्टाचार की बातें भी उठाई गईं हैं।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नवजोत कौर सिद्धू ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जिस पार्टी में वह शामिल हैं, वह नए रूप में नहीं है, बल्कि इसकी स्थापना 2015 में हुई थी। अब इस पार्टी की जिम्मेदारी उन्होंने संभाली है।
मीडिया से बातचीत करते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने बताया कि वह स्वयं कैंसर से पीड़ित रह चुकी हैं, जिससे उन्हें इस बीमारी के पीड़ितों का दर्द समझ में आता है। उन्होंने कहा कि अफीम का उपयोग इलाज के लिए किया जाता है और किसानों को सुरक्षित तरीके से खेती करने की पूरी आज़ादी मिलनी चाहिए, बशर्ते वे अपनी उपज किसी अनधिकृत व्यक्ति को न बेचें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नवजोत सिंह सिद्धू किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। 2022 से वह राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। अगर वह किसी पार्टी का हिस्सा होते, तो उन्हें राष्ट्रीय मंच पर बुलाया जाता।
नवजोत कौर ने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से पंजाब चुनाव में वह मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में आगे होंगी। उन्होंने फिर से बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू किसी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने प्रियंका गांधी को कांग्रेस में चल रहे भ्रष्टाचार के बारे में बताया। वह मानती हैं कि पंजाब में कांग्रेस जीत सकती है, लेकिन जो नेता आगे आएंगे, उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जिस नेता को चुनने का विचार होगा, उसके खिलाफ ईडी कार्रवाई कर सकती है।
उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को पहले ही बहुत समय मिल चुका है और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किसी भी स्थिति में सहन नहीं की जाएगी।
नवजोत कौर ने भगवंत मान पर हमला करते हुए कहा कि वह अपनी ही कुछ टीम के लोगों के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। विधायकों की कोई गलती नहीं है, क्योंकि उनकी स्थिति ठीक नहीं है। दिल्ली से बैठकर सरकार का संचालन किया जा रहा है, जिससे सभी विधायक परेशान हैं।