दिल्ली: खान चाचा रेस्टोरेंट श्रृंखला के संस्थापक का पुत्र साइबर अपराध में गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- खान चाचा के संस्थापक के बेटे की गिरफ्तारी ने राजधानी में हलचल मचाई।
- साइबर अपराध की गंभीरता को समझना आवश्यक है।
- अधिकारियों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को प्रसिद्ध रेस्टोरेंट श्रृंखला 'खान चाचा' के संस्थापक के पुत्र को एक साइबर अपराध के मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना ने राजधानी में हलचल मचा दी है।
आरोपी मोहम्मद जावेद को यह आरोप लगाते हुए हिरासत में लिया गया कि उसने ठगों को अपने बैंक खाते का उपयोग करने दिया, जिससे साइबर ठगी से अर्जित धन को इधर-उधर भेजा जा सके।
जावेद के साथ मोहम्मद सलीम, जो खान चाचा के निदेशक हैं, को भी गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने साइबर ठगों को अपने खाते को 'म्यूल अकाउंट' के रूप में उपयोग करने दिया, जिससे कि डिजिटल ठगी के पैसे को प्रोसेस किया जा सके।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए।
पूछताछ में जावेद और सलीम ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह बैंक खाता अपने रेस्टोरेंट और कैटरिंग के वैध व्यापार के लिए खोला था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण उन्होंने 2 से 3 प्रतिशत कमीशन के बदले बाहरी लोगों को इसका उपयोग करने की अनुमति दी।
आरोपियों ने एक संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उनसे हरविंदर कोहली ने संपर्क किया, जिसने उन्हें नसीम और बाद में संदीप द्विवेदी से मिलवाया।
बैंक खाते की जानकारी साझा करने के बाद इस खाते में बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। विभिन्न ठगी के मामलों से करीब 54 लाख रुपए इस खाते में जमा किए गए और फिर अन्य खातों में भेज दिए गए।
अधिकारियों के अनुसार, अब डिलीट किए गए संदिग्ध चैट से एक बड़े षड्यंत्र के संकेत मिलते हैं। जब्त किए गए मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी को भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र को जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस अब कोहली, नसीम और द्विवेदी की तलाश में जुटी है और उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा, "किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन या फायदे के लालच में अपने बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग विवरण साझा न करें। ऐसे खातों का उपयोग साइबर अपराधी ठगी के पैसे घुमाने के लिए करते हैं, जिससे खाता धारक भी कानून के तहत जिम्मेदार बन जाता है।"
इस घटना ने 1972 में दिल्ली में शुरू हुई प्रसिद्ध रेस्टोरेंट श्रृंखला खान चाचा की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है, जो अब हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश तक फैल चुकी है। अपने कबाब और खानपान की विरासत के लिए मशहूर यह ब्रांड अब एक हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम मामले में उलझ गया है, जिससे फूड इंडस्ट्री और आम लोगों में हलचल मच गई है।