राघव चड्ढा ने संसदीय प्रदर्शन पर उठे सवालों का जवाब दिया, कहा- मेरे काम को ही बोलने दूंगा
सारांश
Key Takeaways
- संसदीय कार्यों पर सवालों का जवाब वीडियो के माध्यम से दिया।
- महत्वपूर्ण मुद्दों पर उठाई गई आवाजें जैसे महंगाई और जल संकट.
- जनहित से जुड़े कई विषयों पर चर्चा।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा के सदस्य राघव चड्ढा ने अपने संसदीय कार्यों पर उठ रहे सवालों का जवाब सोशल मीडिया के माध्यम से दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, "मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों के प्रति आदरपूर्वक, मैं अपने काम को ही बोलने दूंगा।"
इस वीडियो में उनके राज्यसभा में दिए गए भाषणों की झलक दिखाई गई है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है। वीडियो में डेटा, पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने, न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी समाप्त करने और खाद्य मिलावट जैसे विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 28 दिन के मोबाइल रिचार्ज प्लान, एयरलाइंस के एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज, पेपर लीक घोटाले और वायु प्रदूषण की समस्या पर भी उन्होंने अपनी आवाज उठाई।
राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के शोषण, हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में देरी, टोल प्लाजा पर लूट, महंगे एयरपोर्ट खाने और बढ़ते हवाई किराए जैसे मुद्दों को भी संसद में उठाया। उन्होंने मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप का अधिकार देने की बात की। साथ ही डिजिटल कॉपीराइट स्ट्राइक, बढ़ते कर्ज-से-जीडीपी अनुपात और भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट्स की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की।
वीडियो में सरकारी बैंकों की स्थिति, दिव्यांगों और सशस्त्र बलों पर टैक्स हटाने, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को वैध बनाने और 'राइट टू हायर, राइट टू फायर' जैसे विषय भी शामिल हैं। उन्होंने महंगाई, पंजाब की 'कैंसर ट्रेन', जल संकट, भूजल की कमी और पीने के पानी की समस्या जैसे गंभीर मुद्दों पर भी प्रकाश डाला है।
इसके अलावा, शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई, वेतन इंडेक्सेशन, किसानों के लिए एमएसपी, उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग, और ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की जरूरत का उल्लेख किया गया है। राघव चड्ढा ने भगत सिंह को भारत रत्न देने, 'वन नेशन, वन मेडिकल ट्रीटमेंट', मासिक धर्म स्वच्छता, और श्री ननकाना साहिब कॉरिडोर जैसे मुद्दों को भी उठाया।
उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए फंड जारी करने, केंद्र-राज्य ग्रांट्स और उड़ान कैफे के विस्तार की भी मांग की। यह वीडियो उनके संसदीय कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करने का प्रयास माना जा रहा है।