राघव चड्ढा ने पंजाब मुद्दों पर उठे आरोपों का दिया जवाब, कहा- 'पिक्चर अभी बाकी है'
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता जताई।
- उन्होंने आरोपों को खारिज किया और इसे एक साजिश बताया।
- पार्टी के भीतर तनाव बढ़ रहा है।
- उन्होंने कहा कि पंजाब उनके लिए आत्मा है।
- सीसीटीवी कैमरों का जिक्र कर उन्होंने अपने कार्यों का सपष्टिकरण किया।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के अंदर चल रहे विवाद के बीच, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने रविवार को पार्टी के भीतर लग रहे आरोपों का उत्तर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 'पिक्चर अभी बाकी है' और पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर प्रश्न उठाना अनुचित है।
राघव चड्ढा ने 'एक्स' पर राज्यसभा के एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे पंजाब से संबंधित मुद्दों को उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने उन पार्टी के सहयोगियों को निशाना बनाया, जिन्होंने उन पर संसद में पंजाब के मुद्दे न उठाने का आरोप लगाया था।
उन्होंने लिखा, "मेरे 'आप' के साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए, यह एक छोटा सा ट्रेलर है। पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है।"
इससे पहले शनिवार को भी राघव चड्ढा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "मैं चुप रहना नहीं चाहता था, लेकिन यदि चुप रहता तो बार-बार बोला गया झूठ भी सच लगने लगता। तीन आरोप, शून्य सच्चाई।"
दरअसल, राघव चड्ढा को राज्यसभा में 'आप' के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई आरोप लगाये गए थे। इन आरोपों का उत्तर देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक 'स्क्रिप्टेड कैंपेन' चलाया जा रहा है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, "एक ही तरह के सवाल और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।"
राघव चड्ढा ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वे विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते थे। इस पर उन्होंने कहा, "यह सरासर झूठ है। संसद परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है।"
'आप' के भीतर यह विवाद पार्टी में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। एक ओर पार्टी उनके कार्यों पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर राघव चड्ढा अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए दोहरा रहे हैं कि उनका ध्यान हमेशा पंजाब और वहां के लोगों के मुद्दों पर रहा है और आगे भी रहेगा।