'मैं खामोश नहीं, हारा नहीं हूं': राघव चड्ढा का आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने अपनी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- उन्होंने कहा कि उन्हें जनता के मुद्दों को उठाने से रोका जा रहा है।
- पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद हैं।
- अभी तक पार्टी नेतृत्व की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- राघव चड्ढा ने हमेशा जनता के मुद्दों को संसद में उठाने का प्रयास किया है।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने से रोका जा रहा है। हाल ही में पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा में उपनेता (डिप्टी लीडर) के पद से हटाए जाने के बाद यह बयान और भी महत्वपूर्ण हो गया है। राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2022 से 2028 तक है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, “मैं खामोश नहीं किया गया, मैं हारा नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में चड्ढा ने बताया कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया है। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा या ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जैसे स्विग्गी और जोमैटो के डिलीवरी कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से उठाया। इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र में आ रही समस्याएं और टोल प्लाजा पर आम लोगों को हो रही दिक्कतों को भी उन्होंने संसद में बार-बार उठाया।
राघव चड्ढा का आरोप है कि अब उनकी ही पार्टी उन्हें इन मुद्दों को उठाने से रोक रही है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि आम आदमी के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आखिर क्यों जनता की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका यह भी दावा है कि पार्टी की ओर से संसद में निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सवाल उठाने का मौका न दिया जाए और बोलने से रोका जाए।
राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है। 'आप' के भीतर यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक मतभेदों की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, इस मामले में पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।