एनडी गुप्ता का राघव चड्ढा विवाद पर बयान: 'पार्टी में बदलाव सामान्य हैं'
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा का चार साल बाद बदलाव
- पार्टी में निर्णय लेना सामान्य प्रक्रिया
- हर सांसद को बोलने की स्वतंत्रता
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता ने राघव चड्ढा के विवाद पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह कोई बड़ा निर्णय नहीं है, क्योंकि पार्टी ऐसे निर्णयों को समय-समय पर करती रहती है। उन्होंने बताया कि राघव को जिम्मेदारी निभाते हुए चार साल हो चुके हैं, इसलिए अब किसी और को मौका दिया जा रहा है।
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी का नेतृत्व बदलाव के लिए तत्पर है। आम आदमी पार्टी में सभी सदस्य मिलकर कार्य करते हैं और ऐसे परिवर्तन सामान्य हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के हर सांसद को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है। राघव चड्ढा अक्सर संसद में बोलते हैं, जिसे आप सभी ने देखा होगा।
राघव चड्ढा के सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में गुप्ता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। राज्यसभा में अन्य सदस्य भी हैं, और यह नहीं है कि सिर्फ डिप्टी लीडर ही बोलते हैं। यदि डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी बदली गई है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें 'खामोश' कर दिया गया है। जीरो आवर में कोई भी अपनी बात रख सकता है। उनके अनुसार, राघव चड्ढा हफ्ते में दो-तीन बार बोलते हैं।
राघव चड्ढा विवाद पर अनुराग ढांडा की प्रतिक्रिया पर गुप्ता ने कहा कि हमें देश के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
एलपीजी पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के बयान पर गुप्ता ने कहा कि यह कहना अनुचित है कि देश में कोई समस्या नहीं है। सरकार ने मॉनिटरिंग के लिए एक समिति बनाई है। सभी चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन यह नहीं कह सकते कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। वैश्विक संकट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मैन्युफैक्चरिंग में काफी गिरावट आई है।
उन्होंने बताया कि लगभग 67 प्रतिशत ग्रेजुएट युवा बेरोजगार हैं। हर तीन में से दो व्यक्ति नौकरी के बिना हैं। पश्चिम एशिया में संकट के कारण महंगाई बढ़ी है।