आम आदमी पार्टी के नेतृत्व की अंदरूनी कलह: कृष्णा हेगड़े का बयान
सारांश
Key Takeaways
- आम आदमी पार्टी में चल रही आंतरिक कलह का संकेत।
- राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाने का प्रस्ताव।
- मालदा में चुनाव आयोग के अधिकारियों के प्रति हिंसा।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के नेता कृष्णा हेगड़े ने आम आदमी पार्टी में चल रही अंदरुनी कलह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने स्पीकर को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें यह मांग की गई है कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में बोलने का अवसर न दिया जाए।
कृष्णा हेगड़े ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है कि आम आदमी पार्टी का नेतृत्व युवा सांसदों की आवाज़ को दबा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों के अनुसार राघव चड्ढा नहीं चल पा रहे हैं। आम आदमी पार्टी अब लोगों के हित में काम नहीं करना चाहती। इससे यह स्पष्ट होता है कि जो लोग अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की चापलूसी करते हैं, उन्हें ही अवसर मिलता है।
मालदा की घटना पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को घेरकर उन्हें काम करने से रोका जा रहा है। वहां हो रही हिंसा से अधिकारियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में नफरत की राजनीति चल रही है।
उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह केवल मुसलमानों की राजनीति करते हैं और हिंदुओं के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी एक हैं और भारत के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।
कांग्रेस पर क्रिटिकल टिप्पणी करते हुए कृष्णा हेगड़े ने कहा कि कांग्रेस द्वारा फैलाए गए अफवाहों को लेकर आनंद शर्मा, शशि थरूर, कमलनाथ और मनीष तिवारी ने स्पष्ट किया कि कहीं पर भी एलपीजी की कमी नहीं है। कांग्रेस का झूठ अब सामने आ चुका है।