अजय राय ने राघव चड्ढा की स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी: राजनीति में नया मोड़
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा को ज्यादा बोलने के कारण पद से हटाया गया है।
- महिला आरक्षण बिल चुनावी हथकंडे के रूप में देखा जा रहा है।
- कांग्रेस के साथ मुसलमान मजबूती से खड़े हैं।
- चड्ढा ने आम जनता के मुद्दों को संसद में उठाया है।
- राजनीति में साजिशों का खेल चलता है।
लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को अधिक बोलने का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
अजय राय ने लखनऊ में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि आम आदमी पार्टी भाजपा की बी टीम बन गई है। मैं अरविंद केजरीवाल को 2014 से जानता हूं, जब वे वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे। वह पूरी तरह से भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। राघव चड्ढा ने भाजपा के खिलाफ कुछ ज्यादा ही बोल दिया, इसलिए उन्हें हटा दिया गया है।
महिला आरक्षण बिल पर राय ने कहा कि सरकार इस बिल को तब ला रही है, जब कई राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। उनका मानना है कि इस पर सभी पार्टी की बैठक के बाद निर्णय लिया जाना चाहिए था, लेकिन भाजपा हर चीज को चुनाव से जोड़कर देखती है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार की चालों को समझ चुकी है।
मालदा कांड के संदर्भ में अजय राय ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने कार्यों में लगी है, जबकि भाजपा लोगों को बांटने का कार्य कर रही है। भाजपा की पुरानी नीति रही है कि वह समाज में फूट डालकर शासन करती है।
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के मियां वाले बयान पर राय ने कहा कि पूरे देश के मुसलमान कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जो मजबूती से आवाज उठा रहे हैं।
यह ध्यान देने योग्य है कि राघव चड्ढा के मामले में राजनीति गरमा गई है। चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें खामोश किया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह आम आदमी के मुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। चड्ढा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया है। उदाहरण के लिए, एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्मों से जुड़ी समस्याएं, बैंकिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतें और टोल प्लाजा पर आम लोगों की परेशानियों को उन्होंने संसद में बार-बार उठाया है।