झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक की आशंका, 100 से अधिक लोग हिरासत में
सारांश
Key Takeaways
- पेपर लीक की आशंका के चलते 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
- पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर छापेमारी की।
- परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित है।
- सभी अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
- परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है।
रांची, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पूर्व पेपर लीक की संभावित सूचना पर पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी की, जिसमें 100 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि ये सभी लीक हुए प्रश्नपत्र के आधार पर तैयारी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, तमाड़ के रंगमाटी क्षेत्र में एक भवन में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान 100 से अधिक अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, साथ ही मौके से मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की गई हैं, जिनकी जांच चल रही है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पेपर लीक की साजिश के पीछे किसी संगठित गिरोह या सेटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
यह उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा का आयोजन 12 अप्रैल को राज्यभर में किया जा रहा है, जिसमें आठ जिलों में कुल 370 केंद्र स्थापित किए गए हैं। कुल 583 पदों के लिए हो रही इस परीक्षा में शारीरिक दक्षता परीक्षा में सफल लगभग 1.48 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बीच, धनबाद समेत अन्य जिलों में परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन सतर्क है।
धनबाद में एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर पुलिस ने शनिवार रात को होटल, लॉज और धर्मशालाओं में सघन जांच अभियान चलाया। ठहरे हुए व्यक्तियों की पहचान सत्यापित की गई और होटल संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वे बिना वैध आईडी के किसी को ठहराने पर सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। अधिकारियों ने सभी अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने और निष्पक्ष परीक्षा में सहयोग देने की अपील की है, साथ ही किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।