बडगाम में एसएसपी के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज
सारांश
Key Takeaways
- फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट का मामला बडगाम में सामने आया।
- आरोपी ने एसएसपी के नाम से अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह किया।
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की।
- सामान्य जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने का आग्रह।
बडगाम, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट संचालित कर रहा था और लोगों को भ्रामक जानकारी दे रहा था।
पुलिस स्टेशन बडगाम को मिली सूचना के अनुसार, पल्लर के निवासी समीर अली भट ने एसएसपी बडगाम के नाम से बनाए गए एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के माध्यम से बातचीत के स्क्रीनशॉट्स साझा किए थे। इन स्क्रीनशॉट्स का उपयोग कर वह लोगों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था और खुद को एसएसपी का करीबी सहयोगी बताने की कोशिश कर रहा था, जिससे वह अनुचित प्रभाव स्थापित कर सके।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से ही कई एफआईआर में शामिल रहा है। पुलिस का कहना है कि उसके इरादे स्वयं को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत करना और इस आधार पर लोगों पर दबाव बनाना थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बडगाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 319 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, बडगाम पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि लोग पहचान की चोरी (इम्पर्सनेशन) से बचने के लिए सावधानी बरतें और किसी भी अनजान या संदिग्ध व्हाट्सएप अकाउंट या कॉल पर विश्वास न करें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पुलिस अधिकारियों या अन्य सरकारी विभागों से संपर्क करने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सत्यापित संपर्क नंबर का ही इस्तेमाल करें।
पुलिस ने जनता से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें इस तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।